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नार्दर्न शेड से गायब हुए लाखों के उपकरण, देर रात तक चलती रही पंचायत
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:27 AM IST
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पीडीडीयू नगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन से सटे नार्दन रेलवे के डीजल शेड गोदाम से सोमवार को लाखों रुपये मूल्य के उपकरण गायब हो गए। इसको लेकर मंगलवार को दिन भर जांच पड़ताल होती रही। कुछ माल बरामद करने का दावा किया जा रहा है। दूसरी तरफ इसे में गड़बड़ी मानकर भी जांच हो रही है। रेल अधिकारी और आरपीएफ के अधिकारी देर रात तक इसको लेकर मंथन करते रहे।
नार्दर्न डीजल शेड के गोदाम से नौ लाख रुपये मूल्य के गार्ड बोगी में लगने वाला 940 की संख्या में मीटर गेज गायब होने की सूचना मिली। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मंगलवार की सुबह सहायक सुरक्षा आयुक्त एसके सिंह, आरपीएफ पीडीडीयू पोस्ट प्रभारी बीएन मिश्र, सीआईबी प्रभारी आरआर सहाय सहित अन्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। गोदाम से जुड़े कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच पड़ताल के दौरान कुछ मीटर गेज गोदाम के बाहर पड़ा मिला। पता चला कि मीटर गायब नहीं हुआ है बल्कि रजिस्टर में नहीं चढ़े होने की वजह से गड़बड़ी दिख रही है। इसके बाद सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक जांच पड़ताल की गई, बावजूद इसके कोई नतीजा नहीं निकला। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भी दी गई। इसके बाद देर शाम तक डीआरएम आफिस में विभागीय अधिकारी और सुरक्षा अधिकारी देर रात तक मंथन करते रहे। पूरा मामला गबन, लापरवाही के बीच अटका रहा। कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। आखिर गोदाम से इतना कीमती सामान गायब कैसे हुआ और हुआ तो बाहर कैसे मिला। अथवा यदि इसे रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया तो इसका कारण क्या है। कुल मिलाकर घालमेल हुआ है, लेकिन इसकी गाज किसपर गिरेगी, इसको लेकर मंथन हो रहा है।
नार्दर्न डीजल शेड के गोदाम से नौ लाख रुपये मूल्य के गार्ड बोगी में लगने वाला 940 की संख्या में मीटर गेज गायब होने की सूचना मिली। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया। मंगलवार की सुबह सहायक सुरक्षा आयुक्त एसके सिंह, आरपीएफ पीडीडीयू पोस्ट प्रभारी बीएन मिश्र, सीआईबी प्रभारी आरआर सहाय सहित अन्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। गोदाम से जुड़े कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच पड़ताल के दौरान कुछ मीटर गेज गोदाम के बाहर पड़ा मिला। पता चला कि मीटर गायब नहीं हुआ है बल्कि रजिस्टर में नहीं चढ़े होने की वजह से गड़बड़ी दिख रही है। इसके बाद सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक जांच पड़ताल की गई, बावजूद इसके कोई नतीजा नहीं निकला। इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को भी दी गई। इसके बाद देर शाम तक डीआरएम आफिस में विभागीय अधिकारी और सुरक्षा अधिकारी देर रात तक मंथन करते रहे। पूरा मामला गबन, लापरवाही के बीच अटका रहा। कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। आखिर गोदाम से इतना कीमती सामान गायब कैसे हुआ और हुआ तो बाहर कैसे मिला। अथवा यदि इसे रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया तो इसका कारण क्या है। कुल मिलाकर घालमेल हुआ है, लेकिन इसकी गाज किसपर गिरेगी, इसको लेकर मंथन हो रहा है।
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