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मुख्यमंत्री का फरमान बेअसर, समय से कार्यालय नहीं पहुंच रहे अधिकारी
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पीडीडीयू नगर। जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जनपदों के अधिकारियों व कर्मचारियों को सुबह साढ़े नौ बजे अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थित हो जाने का फरमान जारी किया था। फरमान जारी होने के बाद कुछ दिनों तक तो जिले में अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस पर अमल किया लेकिन फिर स्थिति जस की तस हो गई है। हालांकि अभी भी कुछ विभागों के अधिकारी व कर्मचारी इस पर अमल कर रहे हैं लेकिन अधिकांश में इसका ध्यान नहीं रखा जा रहा है। अमर उजाला की टीम ने बुधवार को नगर स्थित जलनिगम व बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता कार्यालय का जायजा लिया। इस दौरान जलनिगम कार्यालय में जहां एक्सईएन व अन्य कर्मचारी 10 बजे तक उपस्थित हो गए थे वहीं बिजली विभाग के दफ्तर मेें एक्सईएन सहित सभी कर्मचारी साढ़े 10 बजे तक नहीं आए थे।
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार सिंह के चैंबर बंद था। वहीं अन्य अभियंताओं व कर्मियों के कमरों के बाहर ताला लटक रहा था। बिजली बिल सहित अन्य समस्याओं का समाधान कराने के लिए कार्यालय पहुंचे फरियादी साहब के आने का इंतजार कर रहे थे। केवल बिजली का बिल जमा करने का काउंटर खुला था जहां लोग बिल जमा कर रहे थे। फरियादियों का कहना था कि दफ्तर में अक्सर अधिकारी व कर्मचारी देर से आते हैं। इससे उन्हें उनका देर तक इंतजार करना पड़ता है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता ने बताया कि वे सुबह साढ़े नौ बजे विभाग के मुख्य अभियंता एनके अग्रवाल के साथ पड़ाव स्थित विद्युत वितरण उपखंड का निरीक्षण करने गए थे। कार्यालय में अनुपस्थित अन्य इंजीनियरों व कर्मचारियों की जांच की जाएगी।
जलनिगम कार्यालय में सभी रहे मौजूद
जलनिगम कार्यालय में सुबह साढ़े नौ बजे तक सभी कर्मचारी उपस्थित हो गए थे। हालांकि अधिशासी अभियंता एसके सिंह 10 बजे पहुंचे। उन्होंने बताया कि रास्ते में लगे जाम के कारण उन्हें पहुंचने में कुछ देर हो गई है। कार्यालय में एई बलवंत प्रसाद, मुख्य लिपिक राजेंद्र, संगणक रामनंदन, खंडीय लेखाकार कमल सिंह, स्टेनो लोकनाथ सहित चतुर्थ कर्मचारी जोगेंद्र व राजवीर मौजूद थे। एक्सईएन व एई लोगों की पेयजल संबंधी समस्याओं को दूर करने के प्रयास में जुटे थे।
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बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीन कुमार सिंह के चैंबर बंद था। वहीं अन्य अभियंताओं व कर्मियों के कमरों के बाहर ताला लटक रहा था। बिजली बिल सहित अन्य समस्याओं का समाधान कराने के लिए कार्यालय पहुंचे फरियादी साहब के आने का इंतजार कर रहे थे। केवल बिजली का बिल जमा करने का काउंटर खुला था जहां लोग बिल जमा कर रहे थे। फरियादियों का कहना था कि दफ्तर में अक्सर अधिकारी व कर्मचारी देर से आते हैं। इससे उन्हें उनका देर तक इंतजार करना पड़ता है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता ने बताया कि वे सुबह साढ़े नौ बजे विभाग के मुख्य अभियंता एनके अग्रवाल के साथ पड़ाव स्थित विद्युत वितरण उपखंड का निरीक्षण करने गए थे। कार्यालय में अनुपस्थित अन्य इंजीनियरों व कर्मचारियों की जांच की जाएगी।
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जलनिगम कार्यालय में सभी रहे मौजूद
जलनिगम कार्यालय में सुबह साढ़े नौ बजे तक सभी कर्मचारी उपस्थित हो गए थे। हालांकि अधिशासी अभियंता एसके सिंह 10 बजे पहुंचे। उन्होंने बताया कि रास्ते में लगे जाम के कारण उन्हें पहुंचने में कुछ देर हो गई है। कार्यालय में एई बलवंत प्रसाद, मुख्य लिपिक राजेंद्र, संगणक रामनंदन, खंडीय लेखाकार कमल सिंह, स्टेनो लोकनाथ सहित चतुर्थ कर्मचारी जोगेंद्र व राजवीर मौजूद थे। एक्सईएन व एई लोगों की पेयजल संबंधी समस्याओं को दूर करने के प्रयास में जुटे थे।
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