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निर्दल सभासदो को पाले में लाने की कवायद शुरु
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:42 AM IST
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मुगलसराय। निकाय चुनाव का परिणाम आने के बाद अब जीते हुए निर्दल सभासदों को अपने पाले में लाने के लिए भाजपा ने डोरे डालने शुरू कर दिए हैं।
नगर पालिका के 25 वार्ड में भाजपा के महज चार सभासद ही जीते हैं। जबकि समाजवादी पार्टी से छह, बसपा से पांच, कांग्रेस से एक और नौ सभासद निर्दल चुने गए हैं। भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा निर्दलीय सभासदों की जरूरत है। क्योंकि पलिका के अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित भाजपा के संतोष खरवार को मिनी सरकार चलने के लिए बहुमत की जरूरत पड़ेगी। बिना बहुमत के कोई प्रस्ताव पास नहीं हो सकेगा। वहीं चुनाव के दौरान भाजपा का टिकट बांटने वालों की मनमानी का यह आलम था कि सीटिंग सभासदों का टिकट का काटकर अपने चहेतों को थमा दिया था। जिन नौ निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है उसमें दो ऐसे सभासद हैं जो भाजपा से टिकट न मिलने पर बागी होकर चुनाव लड़े और जीते। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता सुनील विश्वकर्मा व राजेश जायसवाल निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुने गए हैं। इनका भी टिकट काट दिया गया था। निर्दल सभासद सहयोग के लिए हामी तो भर रहे हैं। लेकिन वह पार्टी में शामिल नहीं होना चाहते। उनका कहना है कि वार्ड के लोगों ने निर्दल प्रत्याशी पर भरोसा जताया है तो वह जनादेश का अपमान नहीं करेंगे। सपा बसपा के सभासद एक हो जाए तो संतोष खरवार को शहर की सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा। यदि सभी निर्दल भाजपा के साथ हो जाए तो भी विपक्ष पर भारी पड़ सकते हैं।
नगर पालिका के 25 वार्ड में भाजपा के महज चार सभासद ही जीते हैं। जबकि समाजवादी पार्टी से छह, बसपा से पांच, कांग्रेस से एक और नौ सभासद निर्दल चुने गए हैं। भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा निर्दलीय सभासदों की जरूरत है। क्योंकि पलिका के अध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित भाजपा के संतोष खरवार को मिनी सरकार चलने के लिए बहुमत की जरूरत पड़ेगी। बिना बहुमत के कोई प्रस्ताव पास नहीं हो सकेगा। वहीं चुनाव के दौरान भाजपा का टिकट बांटने वालों की मनमानी का यह आलम था कि सीटिंग सभासदों का टिकट का काटकर अपने चहेतों को थमा दिया था। जिन नौ निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है उसमें दो ऐसे सभासद हैं जो भाजपा से टिकट न मिलने पर बागी होकर चुनाव लड़े और जीते। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता सुनील विश्वकर्मा व राजेश जायसवाल निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुने गए हैं। इनका भी टिकट काट दिया गया था। निर्दल सभासद सहयोग के लिए हामी तो भर रहे हैं। लेकिन वह पार्टी में शामिल नहीं होना चाहते। उनका कहना है कि वार्ड के लोगों ने निर्दल प्रत्याशी पर भरोसा जताया है तो वह जनादेश का अपमान नहीं करेंगे। सपा बसपा के सभासद एक हो जाए तो संतोष खरवार को शहर की सरकार चलाना मुश्किल हो जाएगा। यदि सभी निर्दल भाजपा के साथ हो जाए तो भी विपक्ष पर भारी पड़ सकते हैं।