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ग्राम रोजगार सेवकों ने दिया धरना
Updated Wed, 06 Sep 2017 01:07 AM IST
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चंदौली। पंचायत सहायक भर्ती पर रोक लगाने और 18 माह से लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के सदस्यों ने मंगलवार को विकास भवन के पास धरना दिया। मांगे पूरी नहीं होने पर 12 सितंबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी और नौ सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा।
धरनास्थल पर हुई सभा में जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल ने कहा कि पंचायत सहायक की भर्ती पर रोक लगाने सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवक लगातार आंदोलनरत हैं। लेकिन सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है। यदि 12 सितंबर तक मांगों को पूरा नहीं किया गया तो सभी लोग लखनऊ पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। कहा कि निष्ठा से कार्य करने के बाद भी रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान 18 माह के लंबित है। कहा कि ग्राम रोजगार सेवक ग्राम पंचायत स्तर पर सरकार की अनेक योजनाओं को संचालित करने में अपना योगदान देते हैं। लेकिन जाब चार्ट में केवल मनरेगा का ही कार्य होने के कारण उनके योगदान की गिनती नहीं की जाती है। ऐसे में जाब चार्ट में मनरेगा के साथ ही अन्य कार्यों को जोड़ा जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के ग्राम रोजगार सेवक अपनी समस्याओं को लेकर विगत 11 वर्षों से संघगर्षरत हैं। लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे रोजगार सेवकों में आक्रोश पनप रहा है। अंत में ग्राम रोजगार सेवकों ने पंचायती राज विभाग द्वारा प्रस्तावित पंचायत सहायकों की भर्ती पर रोक लगाने, संविदा पर नियुक्त रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय का भुगतान करने आदि नौ सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इस अवसर पर मनोज गुप्ता, भोलानाथ, मुकेश सिंह, गौरव सिंह, पीयूष यादव, आरिफ, रमेश आदि रहे।
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धरनास्थल पर हुई सभा में जिलाध्यक्ष कन्हैया लाल ने कहा कि पंचायत सहायक की भर्ती पर रोक लगाने सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर ग्राम रोजगार सेवक लगातार आंदोलनरत हैं। लेकिन सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है। यदि 12 सितंबर तक मांगों को पूरा नहीं किया गया तो सभी लोग लखनऊ पहुंचकर धरना-प्रदर्शन करेंगे। कहा कि निष्ठा से कार्य करने के बाद भी रोजगार सेवकों के मानदेय का भुगतान 18 माह के लंबित है। कहा कि ग्राम रोजगार सेवक ग्राम पंचायत स्तर पर सरकार की अनेक योजनाओं को संचालित करने में अपना योगदान देते हैं। लेकिन जाब चार्ट में केवल मनरेगा का ही कार्य होने के कारण उनके योगदान की गिनती नहीं की जाती है। ऐसे में जाब चार्ट में मनरेगा के साथ ही अन्य कार्यों को जोड़ा जाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश के ग्राम रोजगार सेवक अपनी समस्याओं को लेकर विगत 11 वर्षों से संघगर्षरत हैं। लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे रोजगार सेवकों में आक्रोश पनप रहा है। अंत में ग्राम रोजगार सेवकों ने पंचायती राज विभाग द्वारा प्रस्तावित पंचायत सहायकों की भर्ती पर रोक लगाने, संविदा पर नियुक्त रोजगार सेवकों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय का भुगतान करने आदि नौ सूत्री मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इस अवसर पर मनोज गुप्ता, भोलानाथ, मुकेश सिंह, गौरव सिंह, पीयूष यादव, आरिफ, रमेश आदि रहे।
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