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एस्कॉर्ट सर्विस में ठगा गया तो बना ब्लैकमेलर: पत्नी-भाई समेत चार अरेस्ट, बनाते थे नग्न वीडियो; वसूलते थे रुपये

Sat, 29 Aug 2026 12:27 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 29 Aug 2026 12:27 PM IST
सार

एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ठगी का शिकार होने के बाद युवक ने ब्लैकमेलिंग का गिरोह बना लिया। पुलिस ने उसकी पत्नी और भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह एस्कॉर्ट सर्विस से जुड़ी महिलाओं को जाल में फंसाकर उनके नग्न वीडियो बनाता था। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपये वसूलता था।

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Scammed escort service man turned blackmailer Four arrested including wife and brother recorded nude videos
पुलिस की गिरफ्त में चार आरोपी। - फोटो : संवाद

विस्तार

मुगलसराय कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एस्कार्ट के कारोबार में शामिल महिलाओं की नग्न वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हुए धन उगाही करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मूल रूप से प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के सेमरा गांव के रहने वाले विजय कुमार गुप्ता को उसकी पत्नी, भाई व एक अन्य साथी के साथ गिरफ्तार किया है। 

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पुलिस अधीक्षक के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि विजय पहले स्वयं की एस्कार्ट सर्विस चलाता था, इसमें धोखाधड़ी होने के बाद एस्कॉर्ट के धंधे में शामिल महिलाओं से बदला लेने के लिए गिरोह बनाया था। बताया कि इस गिरोह से पीड़ित हुई महिलाएं भी एस्कार्ट के पेशे में शामिल है। आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस आगे की का कार्रवाई में जुट गई है। अभी तक छह महिलाओं से घटना का अंजाम देने की बात सामने आई है।

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पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि डायल 112 और एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से चंदौली क्षेत्र में महिलाओं को नौकरी और मकान दिलाने के नाम पर बुलाकर बंधक बनाने और फिर खुद को पुलिस टीम बताकर उनके नग्न फोटो और वीडियो बनाने की शिकायतें मिल रही थीं। 

वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं और उनके परिजनों से रकम वसूली जाती थी। शिकायतों की जांच मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल ने शुरू की तो एक संगठित गिरोह का पता चला। बताया कि 27 अगस्त को एक महिला ने मुगलसराय कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 14 मई को नौकरी दिलाने के बहाने उसे रामनगर से डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया था। 

वहां कुछ लोगों और खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाली महिला ने उसके साथ मारपीट और गलत हरकत की। एक युवक के साथ उसका वीडियो बनाकर परिजनों को वायरल करने की धमकी दी गई और फिरौती मांगी गई। करीब दो दिन बंधक रखने के बाद परिजनों से लगभग 30 हजार रुपये मंगवाकर उसे छोड़ा गया। इस दौरान उसका मोबाइल छीनकर फोन-पे के जरिये करीब 75 हजार रुपये भी ट्रांसफर कराए गए। 

दूसरी महिला ने शिकायत में बताया कि 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के लिए आरोपियों के संपर्क में आई थी। आरोपी उसे रामनगर चौराहे से डहिया स्थित मकान पर ले गए। वहां तीन पुरुष और एक महिला ने उसे कमरे में बंधक बनाकर निर्वस्त्र किया और वीडियो बनाया। 

वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। विरोध करने पर मारपीट और गालीगलौज की गई। आरोपियों ने मोबाइल छीनकर उसके पति को फोन किया और फिरौती मांगी। इसके बाद उसके बैंक खाते से यूपीआई के जरिये 1.14 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। 

पीड़िता रात में किसी तरह छतों के रास्ते भागकर वहां से निकल सकी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच में सामने आया कि प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के सेमरा गांव निवासी विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी पहले वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस चलाता था। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2023 में एस्कॉर्ट कारोबार से जुड़ी एक महिला से ठगी होने के बाद उसके मन में एस्कॉर्ट कारोबार से जुड़ी महिलाओं से बदला लेने की योजना बनी। 

इसके बाद विजय ने साथियों के साथ मिलकर गिरोह बनाया। एस्कॉर्ट सर्विस से जुड़ी महिलाओं को ग्राहक बनकर मकान पर बुलाया जाता था। वहां उन्हें बंधक बनाकर मारपीट की जाती और जबरन नग्न फोटो-वीडियो बनाए जाते थे। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िताओं और उनके परिजनों से रकम वसूली जाती थी।

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महिला आरोपी खुद को बताती थी सीबीआई अधिकारी
पुलिस अधीक्षक के अनुसार गिरोह में विजय की पत्नी अंजली गुप्ता भी सक्रिय भूमिका निभाती थी। वह खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर महिलाओं को डराती-धमकाती थी। पुलिस का दावा है कि फर्जी और कूटरचित पहचान पत्रों तथा बैंक खातों के जरिये फिरौती की रकम हासिल करने और गिरोह के वित्तीय लेनदेन को संभालने में भी अंजली की भूमिका थी।

विशंभर विश्वकर्मा पर आरोप है कि वह महिलाओं को ऑनलाइन बुक करने के बाद रामनगर चौराहे से डहिया स्थित मकान तक लाता था। वहां अन्य आरोपी महिलाओं को बंधक बनाकर वीडियो बनाते और परिजनों से व्हाट्सएप कॉल के जरिये फिरौती मांगते थे। 

डहिया स्थित मकान में दबिश देकर चारों दबोचे
पुलिस अधीक्षक के अनुसार आरोपियों की तलाश के दौरान थानाध्यक्ष मुगलसराय अर्जुन सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सूरज और साइबर थाना के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला की टीम ने सर्विलांस टीम की मदद से 28 अगस्त को डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित मकान पर घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस के अनुसार मौके से तीन पुरुष और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वादिनियों ने मौके पर आरोपियों की पहचान भी की। 

यह हुई बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, पांच फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, श्रम कार्ड और कोविड कार्ड बरामद किए। इसके अलावा यूनियन बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक की पासबुक व चेकबुक, पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस, टॉर्चर किट, एक पल्सर बाइक और एक स्कूटी बरामद हुई।

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