{"_id":"5e3dc0878ebc3ee58f7f5df3","slug":"upmsc-drug-supply-badaun-news-bly3950147153","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपीएमएससी का कारनामाः डिमांड एक साल में 50 की, भेज दिए 1100 इंजेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपीएमएससी का कारनामाः डिमांड एक साल में 50 की, भेज दिए 1100 इंजेक्शन
विज्ञापन
बदायूं। जिले में जिस इंजेक्शन की एक साल में डिमांड सिर्फ 50 है उस इंजेक्शन की 1100 वायल की आपूर्ति यूपीएमएससी ने कर दी है। इंजेक्शन की एक्यसपायरी डेट 2022 है। ऐसे में सीएमओ ने 880 इंजेक्शन वापस करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में मैपल्टीन नाम के इंजेक्शन की एक साल में बमुश्किल 50 की डिमांड है। यह इंजेक्शन किसी मरीज को तब लगाया जाता है जब ब्लड प्रेशर न्यूनतम स्तर पर जाने से मरीज मृत जैसी अवस्था में पहुंचने लगता है। ऐसे मामले न के बराबर आते हैं। साल में बमुश्किल 50 इंजेक्शन की ही जिले में खपत होती है। इसके बावजूद यूपीएमएससी ने इस इंजेक्शन की 1100 वायल की आपूर्ति कर दी है। अनुमान लगाया जाए तो यह करीब 22 महीने का कोटा है। 880 इंजेक्शन वापस करने के बाद 220 इंजेक्शन बचेंगे। यह भी चार महीने से ज्यादा के लिए कोटा होगा। सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह ने बताया ज्यादा इंजेक्शन आ गए हैं। इनको वापस किया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में मैपल्टीन नाम के इंजेक्शन की एक साल में बमुश्किल 50 की डिमांड है। यह इंजेक्शन किसी मरीज को तब लगाया जाता है जब ब्लड प्रेशर न्यूनतम स्तर पर जाने से मरीज मृत जैसी अवस्था में पहुंचने लगता है। ऐसे मामले न के बराबर आते हैं। साल में बमुश्किल 50 इंजेक्शन की ही जिले में खपत होती है। इसके बावजूद यूपीएमएससी ने इस इंजेक्शन की 1100 वायल की आपूर्ति कर दी है। अनुमान लगाया जाए तो यह करीब 22 महीने का कोटा है। 880 इंजेक्शन वापस करने के बाद 220 इंजेक्शन बचेंगे। यह भी चार महीने से ज्यादा के लिए कोटा होगा। सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह ने बताया ज्यादा इंजेक्शन आ गए हैं। इनको वापस किया जाएगा।
विज्ञापन