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Budaun News: फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के बेइज्जत करने पर टेंपो मालिक ने की आत्महत्या
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(27 बीडीएन-32)मृतक सुखपाल उर्फ सुक्खी।
मूसाझाग। एक किस्त टूटी होने पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने टेंपो मालिक मूसाझाग इलाके के गांव गिधौल में रहने वाले सुखपाल को इस कदर बेइज्जत किया कि उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजन ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए हैं। हालांकि अभी उन्होंने पुलिस को उसके खिलाफ तहरीर नहीं दी है।
गांव गिधौल निवासी 55 वर्षीय सुखपाल उर्फ सुक्खी ने दो साल पहले एक टेंपो फाइनेंस कराया था। टेंपो उनका बेटा उमेश चलाता है। उमेश के मुताबिक वह समय पर टेंपो की किस्त जमा कर रहे थे। घर के गुजारे का साधन एकमात्र टेंपो ही है। उन्होंने टेंपो की एक किस्त बकाया रह गई थी, जो सोमवार को जमा होनी थी। उन्होंने पिता सुखपाल से किस्त जमा करने को कहा तो पिता ने कुछ पैसे कम होने की बात कही। कहा कि पैसों का इंतजाम कर किस्त जमा कर देंगे।
उमेश का कहना है कि सोमवार सुबह ही शहर के दातागंज तिराहे के पास स्थित फाइनेंस कंपनी के कार्यालय का कर्मचारी उनके घर पहुंच गया। उसने घर आते ही पिता सुखपाल से किस्त बकाया होने की बात कहते हुए अभद्रता शुरू कर दी।
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पिता ने कहा कि उन्होंने बेटे से दातागंज से पैसे मंगवाए हैं, इसके बाद वह कंपनी के कार्यालय आकर किस्त जमा कर देंगे। इसके बाद भी कर्मचारी उनसे बदसलूकी करता रहा। उमेश ने बताया कि पैसा पूरा करने के बाद पिता फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में किस्त जमा करने पहुंचे तो वहां भी आरोपी कर्मचारी ने उनके साथ अभद्रता की। इससे आहत होकर पिता ने जहर खा लिया। सोमवार शाम करीब पांच बजे वह गांव के बाहर बेहोशी की हालत में मिले तो परिजन उन्हें लेकर निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे। रात करीब नौ बजे तक हालत में सुधार नहीं हुआ तो जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
उमेश का आरोप है कि उनके पिता की मौत का जिम्मेदार फाइनेंस कर्मी है। मूसाझाग थाना प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। शिकायत आएगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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गांव गिधौल निवासी 55 वर्षीय सुखपाल उर्फ सुक्खी ने दो साल पहले एक टेंपो फाइनेंस कराया था। टेंपो उनका बेटा उमेश चलाता है। उमेश के मुताबिक वह समय पर टेंपो की किस्त जमा कर रहे थे। घर के गुजारे का साधन एकमात्र टेंपो ही है। उन्होंने टेंपो की एक किस्त बकाया रह गई थी, जो सोमवार को जमा होनी थी। उन्होंने पिता सुखपाल से किस्त जमा करने को कहा तो पिता ने कुछ पैसे कम होने की बात कही। कहा कि पैसों का इंतजाम कर किस्त जमा कर देंगे।
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उमेश का कहना है कि सोमवार सुबह ही शहर के दातागंज तिराहे के पास स्थित फाइनेंस कंपनी के कार्यालय का कर्मचारी उनके घर पहुंच गया। उसने घर आते ही पिता सुखपाल से किस्त बकाया होने की बात कहते हुए अभद्रता शुरू कर दी।
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पिता ने कहा कि उन्होंने बेटे से दातागंज से पैसे मंगवाए हैं, इसके बाद वह कंपनी के कार्यालय आकर किस्त जमा कर देंगे। इसके बाद भी कर्मचारी उनसे बदसलूकी करता रहा। उमेश ने बताया कि पैसा पूरा करने के बाद पिता फाइनेंस कंपनी के दफ्तर में किस्त जमा करने पहुंचे तो वहां भी आरोपी कर्मचारी ने उनके साथ अभद्रता की। इससे आहत होकर पिता ने जहर खा लिया। सोमवार शाम करीब पांच बजे वह गांव के बाहर बेहोशी की हालत में मिले तो परिजन उन्हें लेकर निजी चिकित्सक के यहां पहुंचे। रात करीब नौ बजे तक हालत में सुधार नहीं हुआ तो जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
उमेश का आरोप है कि उनके पिता की मौत का जिम्मेदार फाइनेंस कर्मी है। मूसाझाग थाना प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। शिकायत आएगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।