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Budaun News: नालों की गंदगी से मुक्त होगी सोत नदी, 30 करोड़ से बन रहा एसटीपी
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शहर के लालपुल स्थित सूखी पड़ी सोत नदी। संवाद
- फोटो : भारत श्री सम्मान से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के पदाधिकारी।
बदायूं। जल निगम 30 करोड़ की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) मीरा सराय में बना रहा है। इसके बन जाने से शहर के सात बड़े और 23 नालों का पानी साफ करके सोत नदी में छोड़ा जाएगा। ऐसे में सोत नदी में फैल रही गंदगी से निजात मिलेगी। प्लांट अक्टूबर 2026 तक काम शुरू कर देगा।
शहर से होकर निकल रही सोत नदी में अब तक नालों का गंदा पानी जा रहा है। इससे सोत नदी में काफी गंदगी हो रही है। नदी के किनारे कीचड़ तक जमा हो गई है। नालों का गंदा पानी आने की वजह से नदी के किनारे स्थित खेतों में हो रही फसल भी प्रभावित होने लगी है। इसी को देखते हुए नदी के किनारे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का फैसला लिया गया।
30 करोड़ रुपये की लागत से शहर के मीरा सराय के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। अभी यहां पर 350 मीटर की दीवार बनाई जा चुकी है, जबकि आगे का काम अभी जारी है। चहारदीवारी बन जाने के बाद अंदर का काम शुरू किया जाएगा। अक्तूबर 2026 तक इसके काम शुरू कर देने का दावा जल निगम के अधिकारी कर रहे हैं।
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कबूलपुर और लालपुल नालों पर बनाए जाएंगे पंपिंग स्टेशन
शहर में सात बड़े और 23 छोटे नाले हैं। ये नाले शहर के दो बड़े नालों में जाकर मिल जाते हैं। इनमें कबूलपुर व लालपुल का नाला है। इन दो नालों के जरिए शहर का पानी सोत नदी में गिरता है। इन दो नालों पर पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। पंपिंग स्टेशन के माध्यम से नालों में आने वाले कूड़े को वहीं पर निकाल दिया जाएगा। जो गंदा पानी बचेगा उनको पंपिंग स्टेशन के माध्यम से एसटीपी पर भेजा जाएगा। वहां पर पानी साफ किया जाएगा। इसके बाद उस पानी को एसटीपी के पास से होकर निकल रही सोत नदी में छोड़ दिया जाएगा।
शहर के हिस्से में सूख चुकी है सोत नदी
शहर से होकर गुजर रही सोत नदी पूरी तरह से सूख चुकी है। बारिश को छोड़कर अब इसमें महज शहर का गंदा पानी ही जाता है। पानी गंदा होने के कारण नदी में आगे जाकर खेतों में भी चला जाता है। पूर्व में लोग सोत नदी के पानी से सिंचाई कर लेते थे, लेकिन अब पानी गंदा होने के कारण इससे बीमारियां फैलने लगी हैं। फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। इस कारण अधिकांश किसानों ने सिंचाई बंद कर दी है।
मीरा सराय के पास 30 करोड़ की लागत से एसटीपी बनाई जा रही है। इसका काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा दो मुख्य नालों पर पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। अक्तूबर 2026 तक इसे बनाकर और शुरू करके देना लक्ष्य है। -विनय कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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शहर से होकर निकल रही सोत नदी में अब तक नालों का गंदा पानी जा रहा है। इससे सोत नदी में काफी गंदगी हो रही है। नदी के किनारे कीचड़ तक जमा हो गई है। नालों का गंदा पानी आने की वजह से नदी के किनारे स्थित खेतों में हो रही फसल भी प्रभावित होने लगी है। इसी को देखते हुए नदी के किनारे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का फैसला लिया गया।
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30 करोड़ रुपये की लागत से शहर के मीरा सराय के पास सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। अभी यहां पर 350 मीटर की दीवार बनाई जा चुकी है, जबकि आगे का काम अभी जारी है। चहारदीवारी बन जाने के बाद अंदर का काम शुरू किया जाएगा। अक्तूबर 2026 तक इसके काम शुरू कर देने का दावा जल निगम के अधिकारी कर रहे हैं।
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कबूलपुर और लालपुल नालों पर बनाए जाएंगे पंपिंग स्टेशन
शहर में सात बड़े और 23 छोटे नाले हैं। ये नाले शहर के दो बड़े नालों में जाकर मिल जाते हैं। इनमें कबूलपुर व लालपुल का नाला है। इन दो नालों के जरिए शहर का पानी सोत नदी में गिरता है। इन दो नालों पर पंपिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे। पंपिंग स्टेशन के माध्यम से नालों में आने वाले कूड़े को वहीं पर निकाल दिया जाएगा। जो गंदा पानी बचेगा उनको पंपिंग स्टेशन के माध्यम से एसटीपी पर भेजा जाएगा। वहां पर पानी साफ किया जाएगा। इसके बाद उस पानी को एसटीपी के पास से होकर निकल रही सोत नदी में छोड़ दिया जाएगा।
शहर के हिस्से में सूख चुकी है सोत नदी
शहर से होकर गुजर रही सोत नदी पूरी तरह से सूख चुकी है। बारिश को छोड़कर अब इसमें महज शहर का गंदा पानी ही जाता है। पानी गंदा होने के कारण नदी में आगे जाकर खेतों में भी चला जाता है। पूर्व में लोग सोत नदी के पानी से सिंचाई कर लेते थे, लेकिन अब पानी गंदा होने के कारण इससे बीमारियां फैलने लगी हैं। फसलें भी प्रभावित हो रही हैं। इस कारण अधिकांश किसानों ने सिंचाई बंद कर दी है।
मीरा सराय के पास 30 करोड़ की लागत से एसटीपी बनाई जा रही है। इसका काम शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा दो मुख्य नालों पर पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। अक्तूबर 2026 तक इसे बनाकर और शुरू करके देना लक्ष्य है। -विनय कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम

शहर के लालपुल स्थित सूखी पड़ी सोत नदी। संवाद- फोटो : भारत श्री सम्मान से सम्मानित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन के पदाधिकारी।