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Budaun News: दुष्कर्म कर आठ साल की बालिका को पांच रुपये देने वाले दोषी को 20 साल की कैद
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दोषी तारिक।
बदायूं। उसहैत नगर पंचायत के एक मोहल्ले में अपनी दादी के घर से लौट रही आठ साल की बालिका के साथ स्टेशनरी दुकान में बुलाकर दुष्कर्म करने और पांच रुपये देकर परिजनों को न बताने व बताने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोर्ट ने दोषी को कड़ी सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट ने स्टेशनरी दुकान संचालक अभियुक्त तारिक पुत्र सुल्तान अहमद उर्फ सुल्तान अंसारी को अभिलेखीय साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषसिद्ध को 1.055 लाख के अर्थदंड से दंडित किया।
नगर पंचायत के एक मोहल्ला निवासी महिला ने उसहैत थाने में दी तहरीर में बताया कि 6 अक्टूबर 2024 को उसकी आठ वर्षीय बेटी अपनी दादी के घर गई थी। वहां से बेटी शाम करीब तीन बजे चीज लेने दुकान पर जा रही थी। रास्ते में तारिक (25) पुत्र सुल्तान ने पैसों का लालच देकर बेटी को अपनी दुकान में बुला लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में पांच रुपये देकर कहा कि किसी को मत बताना।
घर आई तो ब्लीडिंग होने पर बेटी ने मां को पूरी बात बताई। पति घर पर नहीं थे। वह सांस और देवर के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। पुलिस ने अभियुक्त तारिक के विरुद्ध दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना में साक्ष्य संकलित कर पुलिस ने अभियुक्त तारिक के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।
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उधर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट नीलांजना ने प्रकरण में सुनवाई पूरी कर अभियुक्त तारिक को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों की गवाही कराई थी।
पीड़िता ने यह दी थी गवाही
अभियोजन पक्ष ने पीड़िता से घटनाक्रम को लेेकर किए गए कई सवाल-जवाब के उत्तर लिखित में कोर्ट में बताए। इसमें पीड़िता ने घटना वाला दिन रविवार बताया। कहा, रास्ते में तारिक खड़ा था। उसने मुझे बुलाया। तारिक को वह पहले से जानती थी, इनकी दुकान पर कॉपी-पेंसिल लेने जाती थी। गंदा काम करने के बाद उसने मुझे डराया और धमकाया। कहा, घर पर किसी को मत बताना, नहीं तो जान से मार देगा। तारिक ने मेरे साथ दूसरी बार इस साल रक्षाबंधन पर भी गलत काम किया था, तब ब्लीडिंग नहीं हुई थी।
दोषसिद्ध ने यह कहकर खुद को बचाने का किया प्रयास
दोषसिद्ध तारिक ने कोर्ट में कई तरह से बचने का प्रयास किया। उसने बचाव पक्ष में आठ गवाह पेश किए थे, जो आरोपों को गलत साबित करने में रहे। दोषी ने कोर्ट को बताया था कि मेरी मां ने पीड़िता के पिता से उसकी जमीन खरीदी थी। बाद में पीड़िता का पिता हमसे जमीन वापस लेने को कहता था। पिता ने मना कर दिया था। हमारे कस्बे में ईंट-भट्ठे और मैरिज हाल हैं। पीड़िता के पिता ने अपना मकान बनवाने के लिए उसके ईंट भट्ठे से ईंटें भी ली थीं और भाई की शादी में मैरिज हाल भी बुक कराया था।
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नगर पंचायत के एक मोहल्ला निवासी महिला ने उसहैत थाने में दी तहरीर में बताया कि 6 अक्टूबर 2024 को उसकी आठ वर्षीय बेटी अपनी दादी के घर गई थी। वहां से बेटी शाम करीब तीन बजे चीज लेने दुकान पर जा रही थी। रास्ते में तारिक (25) पुत्र सुल्तान ने पैसों का लालच देकर बेटी को अपनी दुकान में बुला लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में पांच रुपये देकर कहा कि किसी को मत बताना।
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घर आई तो ब्लीडिंग होने पर बेटी ने मां को पूरी बात बताई। पति घर पर नहीं थे। वह सांस और देवर के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। पुलिस ने अभियुक्त तारिक के विरुद्ध दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना में साक्ष्य संकलित कर पुलिस ने अभियुक्त तारिक के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया।
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उधर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट नीलांजना ने प्रकरण में सुनवाई पूरी कर अभियुक्त तारिक को दोषी करार देते हुए अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों की गवाही कराई थी।
पीड़िता ने यह दी थी गवाही
अभियोजन पक्ष ने पीड़िता से घटनाक्रम को लेेकर किए गए कई सवाल-जवाब के उत्तर लिखित में कोर्ट में बताए। इसमें पीड़िता ने घटना वाला दिन रविवार बताया। कहा, रास्ते में तारिक खड़ा था। उसने मुझे बुलाया। तारिक को वह पहले से जानती थी, इनकी दुकान पर कॉपी-पेंसिल लेने जाती थी। गंदा काम करने के बाद उसने मुझे डराया और धमकाया। कहा, घर पर किसी को मत बताना, नहीं तो जान से मार देगा। तारिक ने मेरे साथ दूसरी बार इस साल रक्षाबंधन पर भी गलत काम किया था, तब ब्लीडिंग नहीं हुई थी।
दोषसिद्ध ने यह कहकर खुद को बचाने का किया प्रयास
दोषसिद्ध तारिक ने कोर्ट में कई तरह से बचने का प्रयास किया। उसने बचाव पक्ष में आठ गवाह पेश किए थे, जो आरोपों को गलत साबित करने में रहे। दोषी ने कोर्ट को बताया था कि मेरी मां ने पीड़िता के पिता से उसकी जमीन खरीदी थी। बाद में पीड़िता का पिता हमसे जमीन वापस लेने को कहता था। पिता ने मना कर दिया था। हमारे कस्बे में ईंट-भट्ठे और मैरिज हाल हैं। पीड़िता के पिता ने अपना मकान बनवाने के लिए उसके ईंट भट्ठे से ईंटें भी ली थीं और भाई की शादी में मैरिज हाल भी बुक कराया था।