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पुराने जर्जर टिनशेड में चल रहा कॉलेज
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2016 11:44 PM IST
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पुराने जर्जर टिनशेड में चल रहा कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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दो भवनों का निर्माण हो जाने के बाद कोई नहीं हुआ हस्तांतरित
नए भवन में भी हैं तमाम खामियां, नहीं हो पा रहा है हैंडओवर
क्षेत्र के गांव निजामपुर में राजकीय इंटर कॉलेज पुराने जर्जर टिनशेड में ही चल रहा है। इससे बच्चों को भारी समस्या है। बारिश होने पर अंदर अत्याधिक टपकन बच्चों के कपड़े और किताबें भिगो देती है। नाजुक हालत में भी विभागीय उच्चाधिकारी इस ओर से अंजान बने हुए हैं। हालांकि कॉलेज का भवन नया बनकर तैयार हो चुका है लेकिन उसका निर्माण मानकों के अनुरूप न होने के कारण हैंडओवर नहीं किया गया है। अब एक और भवन बनाया जा रहा है लेकिन वह भवन भी पूरा नहीं हो सका है। जिसकी वजह से हालत बदतर बनी हुई है।
पुराने र्जर टिनशेड में चल रहे राजकीय इंटर कॉलेज की कहानी भ्रष्टाचार की नई मिसाल बन रही है। बसपा शासन काल में पैक्स्पेड संस्था की ओर से बनाए गए भवन की कीमत लगभग एक करोड़ थी। इसे विभाग ने अस्वीकार कर दिया है। सपा शासन काल में एक और भवन का निर्माण कराया जा रहा है। जो अभी भी निर्माणाधीन है। राजकीय निर्माण निगम इसका निर्माण कर रहा है। यह भवन बनने में अभी कुछ समय ही लगेगा। बिल्डिंग तैयार है। कार्यदायी संस्था इसमें भी खेल कर रही है। पुताई के नाम पर चूना पोता जा रहा है। पुष्टी कराने के बाद कलर होना चाहिए था। ब्लैक बोर्ड भी अच्छी क्वालिटी के नहीं बनाए गए हैं। खिड़कियों के शीशे भी टूटे पड़े हैं। फर्श नहीं है। टैंक बारिश में बैठ गए हैं। इन हालातों में इस भवन को भी हैंडओवर किया जाना मुश्किल होगा।
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दोनों नए भवन विद्यालय संचालन लायक नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को बता चुके हैं। पहले वाले में तमाम खामियां हैं, इसलिए इसे उनके पूर्व प्रधानाचार्य ने हैंडओवर नहीं किया। दूसरे नए भवन को वह तबतक हैंडओवर नहीं करेंगे जबतक भवन मानकों के अनुरूप नहीं होगा।
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- नेत्रपाल सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज, निजामपुर
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नए भवन में भी हैं तमाम खामियां, नहीं हो पा रहा है हैंडओवर
क्षेत्र के गांव निजामपुर में राजकीय इंटर कॉलेज पुराने जर्जर टिनशेड में ही चल रहा है। इससे बच्चों को भारी समस्या है। बारिश होने पर अंदर अत्याधिक टपकन बच्चों के कपड़े और किताबें भिगो देती है। नाजुक हालत में भी विभागीय उच्चाधिकारी इस ओर से अंजान बने हुए हैं। हालांकि कॉलेज का भवन नया बनकर तैयार हो चुका है लेकिन उसका निर्माण मानकों के अनुरूप न होने के कारण हैंडओवर नहीं किया गया है। अब एक और भवन बनाया जा रहा है लेकिन वह भवन भी पूरा नहीं हो सका है। जिसकी वजह से हालत बदतर बनी हुई है।
पुराने र्जर टिनशेड में चल रहे राजकीय इंटर कॉलेज की कहानी भ्रष्टाचार की नई मिसाल बन रही है। बसपा शासन काल में पैक्स्पेड संस्था की ओर से बनाए गए भवन की कीमत लगभग एक करोड़ थी। इसे विभाग ने अस्वीकार कर दिया है। सपा शासन काल में एक और भवन का निर्माण कराया जा रहा है। जो अभी भी निर्माणाधीन है। राजकीय निर्माण निगम इसका निर्माण कर रहा है। यह भवन बनने में अभी कुछ समय ही लगेगा। बिल्डिंग तैयार है। कार्यदायी संस्था इसमें भी खेल कर रही है। पुताई के नाम पर चूना पोता जा रहा है। पुष्टी कराने के बाद कलर होना चाहिए था। ब्लैक बोर्ड भी अच्छी क्वालिटी के नहीं बनाए गए हैं। खिड़कियों के शीशे भी टूटे पड़े हैं। फर्श नहीं है। टैंक बारिश में बैठ गए हैं। इन हालातों में इस भवन को भी हैंडओवर किया जाना मुश्किल होगा।
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दोनों नए भवन विद्यालय संचालन लायक नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को बता चुके हैं। पहले वाले में तमाम खामियां हैं, इसलिए इसे उनके पूर्व प्रधानाचार्य ने हैंडओवर नहीं किया। दूसरे नए भवन को वह तबतक हैंडओवर नहीं करेंगे जबतक भवन मानकों के अनुरूप नहीं होगा।
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- नेत्रपाल सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटर कॉलेज, निजामपुर