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Budaun News: रामगंगा के कटान की भेंट चढ़ रही रोज 30 बीघा जमीन
Sat, 29 Aug 2026 01:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:23 AM IST
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दातागंज क्षेत्र में कटान करती रामगंगा। संवाद
दातागंज। तीन दिन से रामगंगा के घटते जलस्तर से गांव नगरिया खनू और बिहारीपुर में कृषि भूमि का कटान तेज होता जा रहा है। इन तीन दिनों में दोनों गांव में करीब 100 बीघा जमीन रामगंगा कटान के कहर का शिकार हो चुकी है। अनुमानित रोज 30 बीघा जमीन का कटान हो रहा है।
बिहारीपुर गांव में कटान की वजह से 12 बड़े काश्तकार भूमिहीन होने की कगार पर आ गए हैं। नगरिया खनू रामगंगा पुल के पास पिछले तीन दिनों में अरुण कुमार सिंह, भारत सिंह, अनिल, धर्म वीर, कमलेश्वर, बालवीर, राजकुमारी, जयेंद्र, नरेश पाल, कृष्ण पाल, ओमपाल आदि की करीब 50 बीघा जमीन कटकर रामगंगा में समा चुकी है।
इसी प्रकार नगरिया खनू गांव में गंगा एक्सप्रेसवे के पास भी 50 बीघा जमीन कटान के भेंट चढ़ चुकी है। यह गांव में विगत दो सालों से रामगंगा के कटान का दंश झेल रहा है। इस गांव के वीरेशपाल 26 बीघा जमीन के मालिक थे। मगर, इस समय मात्र एक बीघा जमीन ही शेष है। इसी तरह खेमकरण तेरह बीघा में एक बीघा, मनपाल 10 बीघा में तीन बीघा, डालचंद की 14 बीघा में तीन बीघा, ओंकार सिंह की 20 बीघा में पांच बीघा, हरीश शर्मा और उनके दो भाइयों के पास 27 बीघा जमीन थी, जो अब नौ बीघा में सिमट कर रह गई है। बची हुई जमीनें भी नदी के निशाने पर चल रही हैं।
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इस बाबत एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि घटते जलस्तर से कटान होने की सूचना मिली है लेखपाल भेज कर सर्वे कराया जाएगा। किसानों का यदि नुकसान हुआ है तो नियम अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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बिहारीपुर गांव में कटान की वजह से 12 बड़े काश्तकार भूमिहीन होने की कगार पर आ गए हैं। नगरिया खनू रामगंगा पुल के पास पिछले तीन दिनों में अरुण कुमार सिंह, भारत सिंह, अनिल, धर्म वीर, कमलेश्वर, बालवीर, राजकुमारी, जयेंद्र, नरेश पाल, कृष्ण पाल, ओमपाल आदि की करीब 50 बीघा जमीन कटकर रामगंगा में समा चुकी है।
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इसी प्रकार नगरिया खनू गांव में गंगा एक्सप्रेसवे के पास भी 50 बीघा जमीन कटान के भेंट चढ़ चुकी है। यह गांव में विगत दो सालों से रामगंगा के कटान का दंश झेल रहा है। इस गांव के वीरेशपाल 26 बीघा जमीन के मालिक थे। मगर, इस समय मात्र एक बीघा जमीन ही शेष है। इसी तरह खेमकरण तेरह बीघा में एक बीघा, मनपाल 10 बीघा में तीन बीघा, डालचंद की 14 बीघा में तीन बीघा, ओंकार सिंह की 20 बीघा में पांच बीघा, हरीश शर्मा और उनके दो भाइयों के पास 27 बीघा जमीन थी, जो अब नौ बीघा में सिमट कर रह गई है। बची हुई जमीनें भी नदी के निशाने पर चल रही हैं।
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इस बाबत एसडीएम विनोद कुमार सिंह ने बताया कि घटते जलस्तर से कटान होने की सूचना मिली है लेखपाल भेज कर सर्वे कराया जाएगा। किसानों का यदि नुकसान हुआ है तो नियम अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।