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Budaun News: अभिभावकों को देना होगा बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र
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बदायूं। यदि आपके बच्चे परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे हैं तो आप उनका जन्म प्रमाण पत्र देने को तैयार रहें। पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों की ओर से दिए जाने वाले जन्म प्रमाणपत्र व आधार कार्ड निर्धारित पोर्टल पर शिक्षक अपलोड करेंगे। शासन के इस आदेश के बाद उन अभिभावकों में बेचैनी है जिन्होंने बिना जन्म प्रमाणपत्र के ही अपने बच्चों का दाखिला स्कूल में करवाया है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अभिभावकों की ओर से छह वर्ष की आयु पूरे होने पर बच्चों का प्रवेश दिलाया जाता है। बहुत से स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों का जन्म से संबंधित कोई प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराते हैं। ऐसे में बच्चों की सेहत को देखकर शिक्षक उन्हें छह साल का मानते हुए उन्हें प्रवेश दे देते हैं। कभी कभार स्वास्थ्य विभाग से जन्म प्रमाण पत्र न होने की दशा में शपथ पत्र ले लिया जाता है।
अब शासन की ओर से नया फरमान जारी हुआ है, जिसके तहत बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के अभिभावक को अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह प्रत्येक पढ़ने वाले बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त करें। जन्म प्रमाणपत्र नंबर, आधार कार्ड संख्या को निर्धारित पोर्टल पर अपलोड विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है की जन्म प्रमाणपत्र लेने के पीछे शासन की मंशा यह है कि आधार कार्ड में बच्चों की जन्म तिथि मैच नहीं खाती, जिसकी वजह से बच्चों को दिक्कत भी होती है।
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आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र जरूरी हो गया है। उसके बिना सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाना संभव नहीं होगा। ऐसे में सभी बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र ले रहे हैं। -वीरेंद्र कुमार, बीएसए
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बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में अभिभावकों की ओर से छह वर्ष की आयु पूरे होने पर बच्चों का प्रवेश दिलाया जाता है। बहुत से स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों का जन्म से संबंधित कोई प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराते हैं। ऐसे में बच्चों की सेहत को देखकर शिक्षक उन्हें छह साल का मानते हुए उन्हें प्रवेश दे देते हैं। कभी कभार स्वास्थ्य विभाग से जन्म प्रमाण पत्र न होने की दशा में शपथ पत्र ले लिया जाता है।
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अब शासन की ओर से नया फरमान जारी हुआ है, जिसके तहत बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के अभिभावक को अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र देना होगा। ऐसे में अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वह प्रत्येक पढ़ने वाले बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र प्राप्त करें। जन्म प्रमाणपत्र नंबर, आधार कार्ड संख्या को निर्धारित पोर्टल पर अपलोड विद्यालय स्तर पर किया जाएगा। विभागीय सूत्रों का कहना है की जन्म प्रमाणपत्र लेने के पीछे शासन की मंशा यह है कि आधार कार्ड में बच्चों की जन्म तिथि मैच नहीं खाती, जिसकी वजह से बच्चों को दिक्कत भी होती है।
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आधार कार्ड और जन्म प्रमाणपत्र जरूरी हो गया है। उसके बिना सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाना संभव नहीं होगा। ऐसे में सभी बच्चों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र ले रहे हैं। -वीरेंद्र कुमार, बीएसए