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फर्जी भर्ती गिरोह ने किस-किस को ठगा, खुफिया जांच में खुलेगा राज
सार
अब मामले में जांच खुफिया विभाग को दी गई है, जिस पर इसकी जांच शुरू हो गई है। सीएमओ और सीएमएस के बीच घूम रही फाइलफर्जी नियुक्ति के मामले में खुफिया विभाग जांच कर रहा है, लेकिन जांच संबंधी फाइल इन दिनों सीएमओ और जिला अस्पताल के सीएमएस के बीच घूम रही है। सीएमओ के स्तर से सूचनाएं देने के लिए मुझे लिखा गया था।
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मालवीय आवास पर परिवार के साथ धरने पर बैठा शीशपाल। संवाद
- फोटो : BADAUN
विस्तार
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग में डार्करूम सहायक के पद पर आउटसोर्सिंग से भर्ती के नाम पर कई लोगों से ठगी कर ली गई। इनको फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए गए। अब इसमें शासन स्तर से मामले की खुफिया जांच हो गई है। ठगी का यह मामला बदायूं और अमरोहा से जुड़ा हुआ है। खुफिया इकाई ने सीएमओ, जिला अस्पताल के सीएमएस और अमरोहा के सीएमओ से सूचनाएं मांगी हैं।
पिछले दिनों कादरचौक थाने के गांव कौवानगला के शीशपाल, उझानी के मोहल्ला गंजशहीदा के जसविंदर, बमनौसी के रतनपाल और शोभाराम ने शिकायत दर्ज कराई थी। इनका कहना है कि कुछ साल पहले अमरोहा की गीतांजलि मल्टीसर्विस नाम की आउटसोर्सिंग फर्म के कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया था। वे बेरोजगार थे, इसलिए फर्म के लोगों ने उन्हें भरोसा दिया कि वह स्वास्थ्य विभाग में उनकी आउटसोर्सिंग पर नौकरी लगवा देंगे। यह भी कहा कि डार्करूम सहायक के पदों पर जल्द भर्ती होनी है। अगर वे साढ़े तीन-साढ़े तीन लाख रुपये देते हैं तो उन्हें नौकरी मिल जाएगी। शीशपाल और जसविंदर ने यह रकम जुटाकर फर्म के कारिंदे को मुहैया करा दी।
कुछ दिन बाद शीशपाल और जसविंदर को नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया। उन्होंने नौकरी भी शुरू कर दी। करीब एक महीने बाद पता लगा कि नियुक्तिपत्र फर्जी है। नौकरी के नाम पर उनके अलावा और भी कई लोगों से ठगी की गई है। मामले में कादरचौक थाने में शीशपाल की ओर से फर्म के मोहित और प्रिंस यादव के खिलाफ पिछले महीने एफआईआर दर्ज कराई गई। एक महीने तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर शीशपाल ने मालवीय आवास पर परिवार के साथ धरना शुरू किया तो मामला शासन स्तर तक पहुंचा। अब मामले में जांच खुफिया विभाग को दी गई है, जिस पर इसकी जांच शुरू हो गई है।
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सीएमओ और सीएमएस के बीच घूम रही फाइल
फर्जी नियुक्ति के मामले में खुफिया विभाग जांच कर रहा है, लेकिन जांच संबंधी फाइल इन दिनों सीएमओ और जिला अस्पताल के सीएमएस के बीच घूम रही है। खुफिया विभाग ने सीएमओ से सूचनाएं मांगी तो सीएमओ ने जिला अस्पताल के सीएमएस को लिख दिया। जिला अस्पताल से भी फर्जी भर्तियों के मामले में सूचनाएं नहीं मिल सकी हैं। अब पुलिस ने अमरोहा के सीएमओ को लिखा है। वहां से सूचनाएं आने का इंतजार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में फर्जी भर्ती को लेकर खुफिया जांच चल रही है। खुफिया टीम ने मुझसे संपर्क कर सूचनाएं मांगी थीं। सूचनाएं हमारे पास नहीं हैं। सीएमओ के स्तर से सूचनाएं देने के लिए मुझे लिखा गया था। खुफिया विभाग को सूचनाएं देने के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। -डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
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पिछले दिनों कादरचौक थाने के गांव कौवानगला के शीशपाल, उझानी के मोहल्ला गंजशहीदा के जसविंदर, बमनौसी के रतनपाल और शोभाराम ने शिकायत दर्ज कराई थी। इनका कहना है कि कुछ साल पहले अमरोहा की गीतांजलि मल्टीसर्विस नाम की आउटसोर्सिंग फर्म के कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया था। वे बेरोजगार थे, इसलिए फर्म के लोगों ने उन्हें भरोसा दिया कि वह स्वास्थ्य विभाग में उनकी आउटसोर्सिंग पर नौकरी लगवा देंगे। यह भी कहा कि डार्करूम सहायक के पदों पर जल्द भर्ती होनी है। अगर वे साढ़े तीन-साढ़े तीन लाख रुपये देते हैं तो उन्हें नौकरी मिल जाएगी। शीशपाल और जसविंदर ने यह रकम जुटाकर फर्म के कारिंदे को मुहैया करा दी।
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कुछ दिन बाद शीशपाल और जसविंदर को नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया। उन्होंने नौकरी भी शुरू कर दी। करीब एक महीने बाद पता लगा कि नियुक्तिपत्र फर्जी है। नौकरी के नाम पर उनके अलावा और भी कई लोगों से ठगी की गई है। मामले में कादरचौक थाने में शीशपाल की ओर से फर्म के मोहित और प्रिंस यादव के खिलाफ पिछले महीने एफआईआर दर्ज कराई गई। एक महीने तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर शीशपाल ने मालवीय आवास पर परिवार के साथ धरना शुरू किया तो मामला शासन स्तर तक पहुंचा। अब मामले में जांच खुफिया विभाग को दी गई है, जिस पर इसकी जांच शुरू हो गई है।
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सीएमओ और सीएमएस के बीच घूम रही फाइल
फर्जी नियुक्ति के मामले में खुफिया विभाग जांच कर रहा है, लेकिन जांच संबंधी फाइल इन दिनों सीएमओ और जिला अस्पताल के सीएमएस के बीच घूम रही है। खुफिया विभाग ने सीएमओ से सूचनाएं मांगी तो सीएमओ ने जिला अस्पताल के सीएमएस को लिख दिया। जिला अस्पताल से भी फर्जी भर्तियों के मामले में सूचनाएं नहीं मिल सकी हैं। अब पुलिस ने अमरोहा के सीएमओ को लिखा है। वहां से सूचनाएं आने का इंतजार किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में फर्जी भर्ती को लेकर खुफिया जांच चल रही है। खुफिया टीम ने मुझसे संपर्क कर सूचनाएं मांगी थीं। सूचनाएं हमारे पास नहीं हैं। सीएमओ के स्तर से सूचनाएं देने के लिए मुझे लिखा गया था। खुफिया विभाग को सूचनाएं देने के संबंध में कार्रवाई की जा रही है। -डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस