{"_id":"c0e4e48036a013c0c91c87818d562a14","slug":"ujhani-gangrape-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बयान बदलते ही केस से हटाया रेप का आरोप ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बयान बदलते ही केस से हटाया रेप का आरोप
उझानी (बदायूं)
Updated Fri, 06 Feb 2015 08:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोतवाली में सिपाही गौरव टाइटलर के कमरे की छत से छात्रा को
विज्ञापन
फेंके जाने के मामले में पीड़िता द्वारा बयान बदलते ही रेप का आरोप केस से
हटा दिया गया है। विवेचक ने इस बात की पुष्टि की है।
सिपाही गौरव टाइटलर से जुड़े बहुचर्चित मामले की विवेचना कर रहे कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि छात्रा ने पिछले दिनों मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया, जिसका अवलोकन किया जा चुका है। उस दौरान छात्रा ने रेप के आरोप से इंकार कर दिया था, जबकि वह छेड़छाड़ और छत से फेंके जाने की बात स्वीकार की।
जबकि इससे पूर्व छात्रा ने 161 के बयान के दौरान विवचेक से कहा था कि उसे ब्लैकमेल करते हुए रेप किया गया था। उसी बयान के आधार पर सिपाही के खिलाफ 376 का मामला जोड़ा गया था। अब मजिस्ट्रेट के सामने छात्रा ने बयान देकर रेप के आरोप से किनारा कर लिया है।
कोतवाल ने बताया कि विवेचना से रेप की धारा को हटा दिए जाने के साथ बर्खास्त सिपाही गौरव टाइटलर को राहत मिल गई है। टाइटलर पर अब छेड़छाड, कत्ल के इरादे से छत से फेंकने और पाक्सो में केस चलेगा।
ये था मामला
15 जनवरी की शाम छात्रा कोतवाली के पास बेहोश पड़ी मिली थी। छात्रा की मां ने अगले दिन अपने दो देवरों को नामजद कराके भले घटना को छिपाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रा ने इलाज के दौरान बरेली में डीआईजी के सामने हकीकत बयां कर सिपाही टाइटलर की करतूत उजागर कर दी थी। डीआईजी के आदेश पर पुलिस ने सिपाही को केस में शामिल कर गिरफ्तार कर लिया। जेल में बंद टाइटलर बर्खास्त हो चुका है।
अब तक केस में आए कई मोड़
उझानी। सिपाही गौरव टाइटलर द्वारा छात्रा को कमरे की छत से फेंके जाने के मामले में अब तक तीन मोड़ सामने आ चुके हैं। पहला, घटना वाले दिन पुलिस ने छात्रा की मां को गुमराह कर असलियत पर पर्दा डलवाने का प्रयास किया।
दूसरा, छात्रा की जुबान खुलते ही पुलिस को फजीहत का सामना करना पड़ गया। इसी के तहत आरोपी सिपाही को पहले सस्पेंड फिर बर्खास्त किया गया। वहीं तत्कालीन कोतवाल रामसूरत यादव को पहले लाइन हाजिर फिर सस्पेंड किया गया।
तीसरा, चूंकि छात्रा के 164 के बयान के आधार पर विवचेक ने केस से रेप की बात हटा दी है, तो शायद ही कोई और नई बात सामने आए।
सिपाही गौरव टाइटलर से जुड़े बहुचर्चित मामले की विवेचना कर रहे कोतवाल देवराज राठी ने बताया कि छात्रा ने पिछले दिनों मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया, जिसका अवलोकन किया जा चुका है। उस दौरान छात्रा ने रेप के आरोप से इंकार कर दिया था, जबकि वह छेड़छाड़ और छत से फेंके जाने की बात स्वीकार की।
जबकि इससे पूर्व छात्रा ने 161 के बयान के दौरान विवचेक से कहा था कि उसे ब्लैकमेल करते हुए रेप किया गया था। उसी बयान के आधार पर सिपाही के खिलाफ 376 का मामला जोड़ा गया था। अब मजिस्ट्रेट के सामने छात्रा ने बयान देकर रेप के आरोप से किनारा कर लिया है।
कोतवाल ने बताया कि विवेचना से रेप की धारा को हटा दिए जाने के साथ बर्खास्त सिपाही गौरव टाइटलर को राहत मिल गई है। टाइटलर पर अब छेड़छाड, कत्ल के इरादे से छत से फेंकने और पाक्सो में केस चलेगा।
ये था मामला
15 जनवरी की शाम छात्रा कोतवाली के पास बेहोश पड़ी मिली थी। छात्रा की मां ने अगले दिन अपने दो देवरों को नामजद कराके भले घटना को छिपाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रा ने इलाज के दौरान बरेली में डीआईजी के सामने हकीकत बयां कर सिपाही टाइटलर की करतूत उजागर कर दी थी। डीआईजी के आदेश पर पुलिस ने सिपाही को केस में शामिल कर गिरफ्तार कर लिया। जेल में बंद टाइटलर बर्खास्त हो चुका है।
अब तक केस में आए कई मोड़
उझानी। सिपाही गौरव टाइटलर द्वारा छात्रा को कमरे की छत से फेंके जाने के मामले में अब तक तीन मोड़ सामने आ चुके हैं। पहला, घटना वाले दिन पुलिस ने छात्रा की मां को गुमराह कर असलियत पर पर्दा डलवाने का प्रयास किया।
दूसरा, छात्रा की जुबान खुलते ही पुलिस को फजीहत का सामना करना पड़ गया। इसी के तहत आरोपी सिपाही को पहले सस्पेंड फिर बर्खास्त किया गया। वहीं तत्कालीन कोतवाल रामसूरत यादव को पहले लाइन हाजिर फिर सस्पेंड किया गया।
तीसरा, चूंकि छात्रा के 164 के बयान के आधार पर विवचेक ने केस से रेप की बात हटा दी है, तो शायद ही कोई और नई बात सामने आए।