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किसान मर गया, दोषियों के घर तक नहीं गई दातागंज पुलिस
बदायूं।
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:04 AM IST
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रोते-बिलखते परिवार वाले।
- फोटो : अमर उजाला
बदायूं। बारह दिन पहले दातागंज क्षेत्र में हुई फौजदारी की घटना में घायल किसान ने शुक्रवार को शहर में कचहरी के पास दम तोड़ दिया। उसके परिवारवाले आरोपी हमलावरों पर कार्रवाई न करने वाली दातागंज पुलिस के खिलाफ एसएसपी से मिलने जा रहे थे कि उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। परिवारवाले पुलिस पर आरोपी पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं तो पुलिस के मुताबिक घटना में मृतक की बजाय उसका बेटा ही घायल हुआ था, जिसकी एनसीआर दर्ज कर वह मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था।
राम नरायण गौंटिया निवासी द्वारिका (50) की शुक्रवार शाम कचहरी के पास मौत हो गई। परिवार के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए तो यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साथ में उनका बेटा हरवीर भी था जिसे घटना के दौरान गंभीर चोटें आई थीं। हरवीर ने बताया कि डेढ़ महीने पहले उन्होंने अपनी बहन की शादी की थी। इसमें उसके चाचा शिवचरण आदि ने यह कहकर खाना नहीं खाया था कि तुमने दूसरी बिरादरी में बेटी ब्याही है। इस बात पर उन लोगों से तनातनी हो गई थी। बताया कि 27 नवंबर की शाम जब वह घर में थे तो शिवचरण, सुखपाल, किशोर और शेर सिंह आदि ने उस पर हमला कर दिया। उसे लाठियों से पीट रहे थे तो उसके पिता द्वारिका बचाने आए। इन लोगों ने उन्हें भी पीटा। शोर मचाया तो गांव के लोगों ने आकर उन्हें बचाया। गांव वाले उन्हें लेकर थाने गए। वहां पुलिस ने उसके पिता की तहरीर पर एनसीआर तो कर ली पर घायल के रूप में केवल उसी की डॉक्टरी कराई। खुली चोटों के बावजूद न तो उनके पिता को घायल माना और न मेडिकल कराया। तब से परिवार के लोग उनका इलाज करा रहे थे। इस बीच परिवारीजन कई बार दातागंज कोतवाली गए पर पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार को घरवाले उन दोनों को लेकर एसएसपी दफ्तर में दातागंज
पुलिस की शिकायत करने जा रहे थे कि कचहरी के पास पिता की हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके पिता की चोटों को गंभीरता से नहीं लिया गया। पुलिस आज तक आरोपियों के दरवाजे पर भी नहीं गई। वह शनिवार को डीएम और एसएसपी के सामने यह मामला उठाएंगे।
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वर्जन
दातागंज पुलिस से इस बारे में जानकारी की तो पता लगा कि द्वारिका की ओर से ही तहरीर दी गई जिसमें हरवीर के घायल होने का ही जिक्र था। पुलिस ने इसी पर एनसीआर दर्ज की थी। हरवीर की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इसे मुकदमे में तरमीम किया जाना था। द्वारिका की मौत किसी अन्य वजह से हुई होगी।
फिर भी पीड़ित पक्ष को शिकायत है तो जांच करा ली जाएगी। शव का पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा।
- कमल किशोर, एसपी सिटी
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राम नरायण गौंटिया निवासी द्वारिका (50) की शुक्रवार शाम कचहरी के पास मौत हो गई। परिवार के लोग उन्हें लेकर जिला अस्पताल आए तो यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। साथ में उनका बेटा हरवीर भी था जिसे घटना के दौरान गंभीर चोटें आई थीं। हरवीर ने बताया कि डेढ़ महीने पहले उन्होंने अपनी बहन की शादी की थी। इसमें उसके चाचा शिवचरण आदि ने यह कहकर खाना नहीं खाया था कि तुमने दूसरी बिरादरी में बेटी ब्याही है। इस बात पर उन लोगों से तनातनी हो गई थी। बताया कि 27 नवंबर की शाम जब वह घर में थे तो शिवचरण, सुखपाल, किशोर और शेर सिंह आदि ने उस पर हमला कर दिया। उसे लाठियों से पीट रहे थे तो उसके पिता द्वारिका बचाने आए। इन लोगों ने उन्हें भी पीटा। शोर मचाया तो गांव के लोगों ने आकर उन्हें बचाया। गांव वाले उन्हें लेकर थाने गए। वहां पुलिस ने उसके पिता की तहरीर पर एनसीआर तो कर ली पर घायल के रूप में केवल उसी की डॉक्टरी कराई। खुली चोटों के बावजूद न तो उनके पिता को घायल माना और न मेडिकल कराया। तब से परिवार के लोग उनका इलाज करा रहे थे। इस बीच परिवारीजन कई बार दातागंज कोतवाली गए पर पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार को घरवाले उन दोनों को लेकर एसएसपी दफ्तर में दातागंज
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पुलिस की शिकायत करने जा रहे थे कि कचहरी के पास पिता की हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके पिता की चोटों को गंभीरता से नहीं लिया गया। पुलिस आज तक आरोपियों के दरवाजे पर भी नहीं गई। वह शनिवार को डीएम और एसएसपी के सामने यह मामला उठाएंगे।
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दातागंज पुलिस से इस बारे में जानकारी की तो पता लगा कि द्वारिका की ओर से ही तहरीर दी गई जिसमें हरवीर के घायल होने का ही जिक्र था। पुलिस ने इसी पर एनसीआर दर्ज की थी। हरवीर की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इसे मुकदमे में तरमीम किया जाना था। द्वारिका की मौत किसी अन्य वजह से हुई होगी।
फिर भी पीड़ित पक्ष को शिकायत है तो जांच करा ली जाएगी। शव का पोस्टमार्टम भी कराया जाएगा।
- कमल किशोर, एसपी सिटी