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दुकान पर बोर्ड लगाकर सट्टा लिखते मिले धंधेबाज
उझानी (बदायूं)।
Updated Thu, 21 Jan 2016 08:16 PM IST
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पुलिस ने सट्टे के धंधेबाजों पर की गिरफ्तारी को बुधवार देर रात तक अभियान चलाया। कुछ स्थानों पर धंधेबाजों के घर और दुकानों के बाहर सट्टे के नंबर भी लिखे मिले। पांच सटोरियों को पकड़ा भी गया, लेकिन सुबह में उन्हें कोतवाली से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
सटोरियों की धरपकड़ की शुरूआत रात में करीब 10 बजे हुई। पुलिस ने साहूकारा मोहल्ले के पवन वार्ष्णेय, संजीव कुमार, नझियाई निवासी सुनील वर्मा, बाजारकलां मोहल्ले के अशोक गुप्ता और प्रेम मिल कंपाउंड से राजेश सोलंकी को रंगेहाथ दबोच लिया। इनमें कुछेक स्थानों पर धंधेबाजों ने बाकायदा दरवाजे पर सट्टे के नंबर लिखने के लिए बोर्ड भी लगा रखे थे।
पुलिस ने धंधेबाजों पर शिकंजा कसने के लिए कइयों के पते-ठिकानों पर दबिश भी दी लेकिन और कोई गिरफ्त में नहीं आया। धंधेबाजों को छुड़ाने के लिए उनके पैरोकार रात में सक्रिय हो गए। सुबह में पुलिस ने कोतवाली में उनके चालान की औपचारिकता पूरी कर ली। बाद में कोतवाली से ही पांचों सटोरियों को रिहा कर दिया गया। इसे लेकर कोतवाल गोपीचंद्र यादव कहते हैं कि जुआ और सट्टे में आरोपियों को कोतवाली से ही जमानत देने का अधिकार प्राप्त है।
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सटोरियों की धरपकड़ की शुरूआत रात में करीब 10 बजे हुई। पुलिस ने साहूकारा मोहल्ले के पवन वार्ष्णेय, संजीव कुमार, नझियाई निवासी सुनील वर्मा, बाजारकलां मोहल्ले के अशोक गुप्ता और प्रेम मिल कंपाउंड से राजेश सोलंकी को रंगेहाथ दबोच लिया। इनमें कुछेक स्थानों पर धंधेबाजों ने बाकायदा दरवाजे पर सट्टे के नंबर लिखने के लिए बोर्ड भी लगा रखे थे।
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पुलिस ने धंधेबाजों पर शिकंजा कसने के लिए कइयों के पते-ठिकानों पर दबिश भी दी लेकिन और कोई गिरफ्त में नहीं आया। धंधेबाजों को छुड़ाने के लिए उनके पैरोकार रात में सक्रिय हो गए। सुबह में पुलिस ने कोतवाली में उनके चालान की औपचारिकता पूरी कर ली। बाद में कोतवाली से ही पांचों सटोरियों को रिहा कर दिया गया। इसे लेकर कोतवाल गोपीचंद्र यादव कहते हैं कि जुआ और सट्टे में आरोपियों को कोतवाली से ही जमानत देने का अधिकार प्राप्त है।
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