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निर्माणाधीन स्कूल भवन का लिंटर ढहा, एई और जेई हटे
बदायूं।
Updated Mon, 08 Dec 2014 12:01 AM IST
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सालारपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव अर्सिस बर्खिन में निर्माणाधीन मॉडल स्कूल भवन का लिंटर डालते ही ढह गया। इसे लेकर शिकायतों का जो दौर चला तो जिलाधिकारी शंभूनाथ ने डीडीओ प्रदीप सोम और पीडब्ल्यूडी प्रंातीय खंड के एक्सईएन एसके आर्य को जांच के आदेश दिए हैं। इधर, पैक्सपेड के एक्सईएन डीके चौधरी ने लिंटर गिरने की जानकारी होने पर एई और जेई को साइड से हटा दिया है।
गांव अर्सिस बर्खिन में तीन करोड़ की लागात से मॉडल स्कूल बन रहा है। इसके कमरों की छतों पर लिंटर पड़ रहा था। लिंटर डालते समय ही दो दिन पहले लिंटर का एक हिस्सा धराशाई हो गया। इसके बाद तो शिकायतों का दौर ही चल पड़ा। डीएम तक शिकायत पहुंची तो उन्होंने दो सदस्यीय टीम को जांच के आदेश किए हैं और तीन दिन में इसका जवाब मांगा है। पैक्सपेड संस्था इस स्कूल भवन का निर्माण कर रही है। संस्था के एक्सईएन श्री चौधरी ने लिंटर की सपोर्टिंग बल्लियों को चेक न किए जाने पर एई एके सिंह और जेई देवेंद्र गंगवार को निगरानी न करने का दोषी मानते हुए साइड से हटा दिया है।
इधर, ठेकेदार अरविंद ने बताया कि लिंटर डालते समय ढीली सपोर्टिंग की वजह से गिरा है नाकि गुणवत्ता में किसी कमी से। यहां बेहद राजनीति है। गांव के लोग कई बार उनका निर्माण रुकवा चुके हैं। बेहद परेशानी से यहां निर्माण करा पा रहे हैं। इसमें उसका ही नुकसान हुआ है। रही पीली ईंट के प्रयोग की बात तो पूरे भवन में कोई पीली ईंट नहीं लगी है। कुछ पीली ईंट वहां रखी हैं। भट्ठे से आने पर इन्हें छांटकर निकाला गया है। इस मामले की जांच हो जानी चाहिए। इसमें उनका कोई दोष नहीं है।
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लिंटर ढहा है। इसकी गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। स्कूल का मामला होने के कारण बेहद गंभीर बात है। वह जांच में सहयोग करेंगे।- राजेश यादव प्रधान पति
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गांव अर्सिस बर्खिन में तीन करोड़ की लागात से मॉडल स्कूल बन रहा है। इसके कमरों की छतों पर लिंटर पड़ रहा था। लिंटर डालते समय ही दो दिन पहले लिंटर का एक हिस्सा धराशाई हो गया। इसके बाद तो शिकायतों का दौर ही चल पड़ा। डीएम तक शिकायत पहुंची तो उन्होंने दो सदस्यीय टीम को जांच के आदेश किए हैं और तीन दिन में इसका जवाब मांगा है। पैक्सपेड संस्था इस स्कूल भवन का निर्माण कर रही है। संस्था के एक्सईएन श्री चौधरी ने लिंटर की सपोर्टिंग बल्लियों को चेक न किए जाने पर एई एके सिंह और जेई देवेंद्र गंगवार को निगरानी न करने का दोषी मानते हुए साइड से हटा दिया है।
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इधर, ठेकेदार अरविंद ने बताया कि लिंटर डालते समय ढीली सपोर्टिंग की वजह से गिरा है नाकि गुणवत्ता में किसी कमी से। यहां बेहद राजनीति है। गांव के लोग कई बार उनका निर्माण रुकवा चुके हैं। बेहद परेशानी से यहां निर्माण करा पा रहे हैं। इसमें उसका ही नुकसान हुआ है। रही पीली ईंट के प्रयोग की बात तो पूरे भवन में कोई पीली ईंट नहीं लगी है। कुछ पीली ईंट वहां रखी हैं। भट्ठे से आने पर इन्हें छांटकर निकाला गया है। इस मामले की जांच हो जानी चाहिए। इसमें उनका कोई दोष नहीं है।
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लिंटर ढहा है। इसकी गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। स्कूल का मामला होने के कारण बेहद गंभीर बात है। वह जांच में सहयोग करेंगे।- राजेश यादव प्रधान पति