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नजीब को लेकर दिल्ली पुलिस गंभीर नहीं
बदायूं ब्यूरो
Updated Tue, 13 Dec 2016 11:51 PM IST
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जेएनयू के लापता छात्र की मां ने लगाया पुलिस पर लापरवाही का आरोप
बंद पड़ा है नजीब का घर, परिवार वाले दिल्ली रवाना
दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से लापता बदायूं के छात्र नजीब का दो महीने बाद भी सुराग नहीं लग सका है। नजीब के परिवार वालों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस भाजपा और संघ समर्थित छात्र संगठनों के नेताओं को बचाने के लिए मामले में लापरवाही बरत रही है। नजीब का सुराग देने वाले को 10 लाख रुपये के इनाम का ऐलान दिखावा है। मंगलवार को नजीब के घर में ताला पड़ा हुआ था। उसके बीमार पिता रिश्तेदारी में हैं। दोनों भाई और मां दिल्ली में हैं।
शहर कोतवाली के मोहल्ला वेदोटोला निवासी नफीस का बेटा नजीब जेएनयू में एमएससी बायोटेनालॉजी का छात्र था। जेनएनयू कैंपस में वह माही-मांडवी हॉस्टल में रता था। 14 अक्तूबर को नजीब का विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया। इसी रात नजीब यहां से लापता हो गया। नजीब की मां फातिमा नफीस की तहरीर पर दिल्ली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की ली थी। नजीब अपने परिवार में सबसे बड़ा था। उसके दो छोटे भाई मुजीब और हसीब हैं। पिता कारपेंटर का काम करते हैं। मंगलवार को नजीब के मोहल्ले के लोगों ने बताया कि उसका परिवार दिल्ली गया हुआ है। बुधवार को नजीब की बरामदगी को लेकर होने वाले मार्च में वह लोग वहां हिस्सा लेंगे। नजीब की बुआ दिल्ली में ब्याही हैं। परिवार के सभी लोग उनके घर पर ही ठहरे हुए हैं।
इधर, नजीब की मां ने फोन पर लगाया कि उनका बेटा लापता नहीं हुआ है। उसका अपहरण किया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी नजीब के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। दो महीने बाद भी नजीब का सुराग न लगाना दिल्ली पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। नजीब का सुराग देने वाले को दिल्ली पुलिस की ओर से 10 लाख रुपये के इनाम के ऐलान पर फातिमा नफीस ने कहा कि यह दिखावा है। उन्हें तो सिर्फ अपना बेटा चाहिए।
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मामले को उलझाने की भी की गई कोशिश
बदायूं। फातिमा नफीस का कहना है कि मामले को उलझाने की कोशिश भी की गई। पिछले महीने किसी अज्ञात व्यक्ति ने नजीब के जेएनयू हॉस्टल के पते पर एक खत भेजा। इस खत में लिखा था कि नजीब किसी तांत्रिक के साथ चला गया है। दिल्ली पुलिस ने इस बारे में उनको बताया। बार-बार कहने के बाद भी उनको वह खत या उसकी फोटो कॉपी मुहैया नहीं कराई गई। फातिमा नफीस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस नजीब को लेकर उनको गुमराह करने की कोशिश कर रही है। नजीब की बरामदगी को लेकर वह दिल्ली के उप राज्यपाल और यूपी के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुकी हैं। इसके बाद भी उम्मीद की कोई किरण नहीं दिख रही।
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नजीब को लेकर पड़ोसियों में भी हमदर्दी
बदायूं। नजीब को लापता हुए दो महीने बीत चुके हैं। अब तक सुराग न लगने पर उसके पड़ोसी भी चिंतित हैं। मोहल्ले के कदीर का कहना है कि नजीब के परिवार के साथ उनकी पूरी हमदर्दी है। मोहल्ले के लोग भी दुआ कर रहे हैं कि नजीब जल्द घर वापस आ जाए।
बंद पड़ा है नजीब का घर, परिवार वाले दिल्ली रवाना
दिल्ली स्थित जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से लापता बदायूं के छात्र नजीब का दो महीने बाद भी सुराग नहीं लग सका है। नजीब के परिवार वालों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस भाजपा और संघ समर्थित छात्र संगठनों के नेताओं को बचाने के लिए मामले में लापरवाही बरत रही है। नजीब का सुराग देने वाले को 10 लाख रुपये के इनाम का ऐलान दिखावा है। मंगलवार को नजीब के घर में ताला पड़ा हुआ था। उसके बीमार पिता रिश्तेदारी में हैं। दोनों भाई और मां दिल्ली में हैं।
शहर कोतवाली के मोहल्ला वेदोटोला निवासी नफीस का बेटा नजीब जेएनयू में एमएससी बायोटेनालॉजी का छात्र था। जेनएनयू कैंपस में वह माही-मांडवी हॉस्टल में रता था। 14 अक्तूबर को नजीब का विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया। इसी रात नजीब यहां से लापता हो गया। नजीब की मां फातिमा नफीस की तहरीर पर दिल्ली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की ली थी। नजीब अपने परिवार में सबसे बड़ा था। उसके दो छोटे भाई मुजीब और हसीब हैं। पिता कारपेंटर का काम करते हैं। मंगलवार को नजीब के मोहल्ले के लोगों ने बताया कि उसका परिवार दिल्ली गया हुआ है। बुधवार को नजीब की बरामदगी को लेकर होने वाले मार्च में वह लोग वहां हिस्सा लेंगे। नजीब की बुआ दिल्ली में ब्याही हैं। परिवार के सभी लोग उनके घर पर ही ठहरे हुए हैं।
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इधर, नजीब की मां ने फोन पर लगाया कि उनका बेटा लापता नहीं हुआ है। उसका अपहरण किया गया है। दिल्ली पुलिस के अधिकारी नजीब के बारे में कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। दो महीने बाद भी नजीब का सुराग न लगाना दिल्ली पुलिस की लापरवाही को दर्शाता है। नजीब का सुराग देने वाले को दिल्ली पुलिस की ओर से 10 लाख रुपये के इनाम के ऐलान पर फातिमा नफीस ने कहा कि यह दिखावा है। उन्हें तो सिर्फ अपना बेटा चाहिए।
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मामले को उलझाने की भी की गई कोशिश
बदायूं। फातिमा नफीस का कहना है कि मामले को उलझाने की कोशिश भी की गई। पिछले महीने किसी अज्ञात व्यक्ति ने नजीब के जेएनयू हॉस्टल के पते पर एक खत भेजा। इस खत में लिखा था कि नजीब किसी तांत्रिक के साथ चला गया है। दिल्ली पुलिस ने इस बारे में उनको बताया। बार-बार कहने के बाद भी उनको वह खत या उसकी फोटो कॉपी मुहैया नहीं कराई गई। फातिमा नफीस का आरोप है कि दिल्ली पुलिस नजीब को लेकर उनको गुमराह करने की कोशिश कर रही है। नजीब की बरामदगी को लेकर वह दिल्ली के उप राज्यपाल और यूपी के मुख्यमंत्री से भी मुलाकात कर चुकी हैं। इसके बाद भी उम्मीद की कोई किरण नहीं दिख रही।
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नजीब को लेकर पड़ोसियों में भी हमदर्दी
बदायूं। नजीब को लापता हुए दो महीने बीत चुके हैं। अब तक सुराग न लगने पर उसके पड़ोसी भी चिंतित हैं। मोहल्ले के कदीर का कहना है कि नजीब के परिवार के साथ उनकी पूरी हमदर्दी है। मोहल्ले के लोग भी दुआ कर रहे हैं कि नजीब जल्द घर वापस आ जाए।