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बिसौली में फिर साइबर क्राइम सेल की दस्तक
बदायूं
Updated Thu, 19 Mar 2015 12:40 AM IST
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इंटरनेट के जरिए ई-मेल हैक करके ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग के सदस्यों की तलाश में साइबर क्राइम सेल (आगरा) की टीम ने बिसौली में फिर दस्तक दी। टीम को अंतरराष्ट्रीय गैंग के सदस्य हशमत और शादाब के साथियों की तलाश है। मंगलवार को बिसौली कोतवाली क्षेत्र के पपगांव और संग्रामपुर में साइबर क्राइम सेल ने दबिश दी। हालांकि यहां कुछ हत्थे नहीं लगा। टीम ने बिसौली कोतवाली की जीडी में आमद और रवानगी दर्ज कराई है।
चंदौसी की मेंथा फर्म हिंदुस्तान मिड एंड एग्रो प्रोडक्ट से 2011 में इंटरनेट के जरिए 11.50 लाख रुपये की ठगी हुई थी। मामले में जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है। जांच के दौरान पता लगा है कि इस गिरोह का संचालन नाइजीरिया से होता है। साइबर क्राइम सेल ने कई देश में फैले इस गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से भी मदद मांगी है। इसी सिलसिले में साइबर क्राइम सेल ने पिछले दिनों बिसौली के पपगांव निवासी हशमत को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हशमत के नाम से 17 बैंक खाते चल रहे हैं। उनसे 40 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। हशमत से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने संग्रामपुर के शादाब को गिरफ्तार किया था।
साइबर क्राइम सेल को ठगी गैंग के चार और सदस्यों की तलाश है। यह हशमत और शादाब के करीबी हैं। मंगलवार को साइबर क्राइम सेल इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने पपगांव में हशमत और संग्रामपुर में शादाब के घरों पर दबिश दी। सेल के सूत्रों ने बताया कि यहां से टीम को सुमित राना नाम के एक व्यक्ति के बारे में पता चला है। राना के बारे में सेल के सूत्रों ने ज्यादा कुछ बताने से इंकार किया है। इतना जरूर बताया गया है कि वह कोलकाता का रहने वाला है। दोनों गांवों में दबिश देने के बाद टीम यहां से मूव कर गई। बिसौली कोतवाल सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि साइबर क्राइम सेल की टीम आई थी। टीम ने थाने में आमद और रवानगी दर्ज कराई है।
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अब भेष बदलकर आ रहे ‘नटवर लाल’
बदायूं/बिसौली। लाटरी के नाम पर ठगी करने का केंद्र बन गए हैं क्षेत्र के चार गांव। इन गांवों में रहने वाले सौ से ज्यादा ‘नटवर लाल’ मोबाइल पर ठगी करके चूना लगा रहे हैं। अब सीबीआई और पुलिस की निगाहों से बचने के लिए भेष बदलकर गांव आ रहे हैं। कभी-कभार निगाह में आने पर वह मुंहमांगा चढ़ावा देकर निकल जाते हैं।
यहां बता दें कि ऑनलाइन लाटरी या हवाला के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले बिसौली थाना क्षेत्र के गांव संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, दबतोरा और पपगांव चर्चित हो चुके हैं। अगर पिछले दस सालों की क्राइम हिस्ट्री को देखा जाए, तो इन चारों गांवों में सीबीआई, गैर प्रांतों और स्थानीय पुलिस ने कई बार छापामारी की है, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि किसी भी ‘नटवर लाल’ को सजा नहीं हुई और न ही इनका धंधा रुका। इससे जाहिर है कि कहीं न कहीं जांच एजेंसी और पुलिस की कार्यप्रणाली में झोल है।
एक शिकार के बाद बंद हो जाता है नंबर
बिसौली। इन चार गांवों के करीब एक हजार से ज्यादा लोग दिल्ली, मुंबई, पंजाब और गुजरात में रहते हैं। वहां रहकर ये लोगों को अपने जाल में फांसकर लाखों के वारे-न्यारे करते हैं। जब ये अपने गांव आते हैं, कमान इनके गुर्गे संभालते हैं। गौर करने वाली बात है कि एक शिकार करने के बाद इनका मोबाइल नंबर हमेशा के लिए बंद हो जाता है। सिम मुंबई या दिल्ली का होता है और आईडी फर्जी।
महंगी गाड़ियां और आलीशान भवन हैं गांव में
बिसौली। इन चार गांवों का शैक्षिक स्तर सामान्य है। लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं, लेकिन कुछ लोगों का रहन-सहन और ठाट-बाट बदले हुए हैं। महंगे-महंगे मोबाइल सेट हैं। चंद लोग कुछ सालों में ही अमीर हो गए हैं। एक-डेढ़ लाख तक की बाइक्स और महंगी लॅग्जरी गाड़ियां, इन गांवों में देखी जा सकती हैं। जिन छतों को कभी छप्पर भी नसीब नहीं था, वहां अब शहरों को मात देते आलीशान भवन हैं। चंद वर्षों में इतनी रकम कहां से आ गई? ये जानने की जरूरत खुफिया तंत्र ने भी महसूस नहीं की है। ऐसा भी नहीं कि पुलिस की निगाह में यह पूरा खेल नहीं है, लेकिन मामला ‘सोने का अंडा’ देने वाली मुर्गी का हो, तो उसे हलाल करने में भी खाकी के हाथ कंपकंपाते हैं।
ये है ठगी का सबसे बड़ा मामला
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के पपगांव निवासी हशमत को आगरा की साइबर क्राइम सेल ने पिछले दिनों मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था। हशमत से पूछताछ में पता लगा कि उसने अलग-अलग नामों से 17 बैंक खाते खुलवा रखे हैं। कुछ ही महीनों में इन खातों से 40 लाख रुपये का लेनदेन भी हो गया। हशमत से पूछताछ के बाद पुलिस ने संग्रामपुर के शादाब को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दो अन्य की तलाश अभी चल रही है।
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एटीएस, एसटीएफ, साइबर क्राइम सेल भी जुटी
अंतराष्ट्रीय ठगी गैंग और हवाला कारोबारियों के तार बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव संग्रामपुर, दबतोरी, लक्ष्मीपुर और पपगांव से जुड़े हुए हैं। पिछले साल इन गांवों में सीबीआई ने छापामारी की थी। करीब एक दर्जन लोगों के घरों पर नोटिस भी चस्पा किए थे। 2011 में राष्ट्रीय स्तर पर हवाला कारोबार का खुलासा होने के बाद यह गांव सीबीआई के निशाने पर आए थे। इसके बाद सितंबर 2014 में हुए बिजनौर धमाके के मामले में अभी हाल में एटीएस यहां पहुंची थी।
एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह ने बताया कि कुछ मामले हैं। इनकी स्थानीय पुलिस भी जांच कर रही है। अंतराष्ट्रीय ठगी गैंग चलाने वाले दो लोगों को पिछले दिनों साइबर क्राइम सेल, आगरा की टीम ने गिरफ्तार किया था। स्थानीय स्तर पर भी इन गांवों में संदिग्धों की निगरानी कराई जा रही है।
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चंदौसी की मेंथा फर्म हिंदुस्तान मिड एंड एग्रो प्रोडक्ट से 2011 में इंटरनेट के जरिए 11.50 लाख रुपये की ठगी हुई थी। मामले में जांच साइबर क्राइम सेल कर रही है। जांच के दौरान पता लगा है कि इस गिरोह का संचालन नाइजीरिया से होता है। साइबर क्राइम सेल ने कई देश में फैले इस गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल से भी मदद मांगी है। इसी सिलसिले में साइबर क्राइम सेल ने पिछले दिनों बिसौली के पपगांव निवासी हशमत को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हशमत के नाम से 17 बैंक खाते चल रहे हैं। उनसे 40 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। हशमत से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने संग्रामपुर के शादाब को गिरफ्तार किया था।
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साइबर क्राइम सेल को ठगी गैंग के चार और सदस्यों की तलाश है। यह हशमत और शादाब के करीबी हैं। मंगलवार को साइबर क्राइम सेल इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने पपगांव में हशमत और संग्रामपुर में शादाब के घरों पर दबिश दी। सेल के सूत्रों ने बताया कि यहां से टीम को सुमित राना नाम के एक व्यक्ति के बारे में पता चला है। राना के बारे में सेल के सूत्रों ने ज्यादा कुछ बताने से इंकार किया है। इतना जरूर बताया गया है कि वह कोलकाता का रहने वाला है। दोनों गांवों में दबिश देने के बाद टीम यहां से मूव कर गई। बिसौली कोतवाल सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि साइबर क्राइम सेल की टीम आई थी। टीम ने थाने में आमद और रवानगी दर्ज कराई है।
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अब भेष बदलकर आ रहे ‘नटवर लाल’
बदायूं/बिसौली। लाटरी के नाम पर ठगी करने का केंद्र बन गए हैं क्षेत्र के चार गांव। इन गांवों में रहने वाले सौ से ज्यादा ‘नटवर लाल’ मोबाइल पर ठगी करके चूना लगा रहे हैं। अब सीबीआई और पुलिस की निगाहों से बचने के लिए भेष बदलकर गांव आ रहे हैं। कभी-कभार निगाह में आने पर वह मुंहमांगा चढ़ावा देकर निकल जाते हैं।
यहां बता दें कि ऑनलाइन लाटरी या हवाला के नाम पर देशभर में ठगी करने वाले बिसौली थाना क्षेत्र के गांव संग्रामपुर, लक्ष्मीपुर, दबतोरा और पपगांव चर्चित हो चुके हैं। अगर पिछले दस सालों की क्राइम हिस्ट्री को देखा जाए, तो इन चारों गांवों में सीबीआई, गैर प्रांतों और स्थानीय पुलिस ने कई बार छापामारी की है, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि किसी भी ‘नटवर लाल’ को सजा नहीं हुई और न ही इनका धंधा रुका। इससे जाहिर है कि कहीं न कहीं जांच एजेंसी और पुलिस की कार्यप्रणाली में झोल है।
एक शिकार के बाद बंद हो जाता है नंबर
बिसौली। इन चार गांवों के करीब एक हजार से ज्यादा लोग दिल्ली, मुंबई, पंजाब और गुजरात में रहते हैं। वहां रहकर ये लोगों को अपने जाल में फांसकर लाखों के वारे-न्यारे करते हैं। जब ये अपने गांव आते हैं, कमान इनके गुर्गे संभालते हैं। गौर करने वाली बात है कि एक शिकार करने के बाद इनका मोबाइल नंबर हमेशा के लिए बंद हो जाता है। सिम मुंबई या दिल्ली का होता है और आईडी फर्जी।
महंगी गाड़ियां और आलीशान भवन हैं गांव में
बिसौली। इन चार गांवों का शैक्षिक स्तर सामान्य है। लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं, लेकिन कुछ लोगों का रहन-सहन और ठाट-बाट बदले हुए हैं। महंगे-महंगे मोबाइल सेट हैं। चंद लोग कुछ सालों में ही अमीर हो गए हैं। एक-डेढ़ लाख तक की बाइक्स और महंगी लॅग्जरी गाड़ियां, इन गांवों में देखी जा सकती हैं। जिन छतों को कभी छप्पर भी नसीब नहीं था, वहां अब शहरों को मात देते आलीशान भवन हैं। चंद वर्षों में इतनी रकम कहां से आ गई? ये जानने की जरूरत खुफिया तंत्र ने भी महसूस नहीं की है। ऐसा भी नहीं कि पुलिस की निगाह में यह पूरा खेल नहीं है, लेकिन मामला ‘सोने का अंडा’ देने वाली मुर्गी का हो, तो उसे हलाल करने में भी खाकी के हाथ कंपकंपाते हैं।
ये है ठगी का सबसे बड़ा मामला
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के पपगांव निवासी हशमत को आगरा की साइबर क्राइम सेल ने पिछले दिनों मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था। हशमत से पूछताछ में पता लगा कि उसने अलग-अलग नामों से 17 बैंक खाते खुलवा रखे हैं। कुछ ही महीनों में इन खातों से 40 लाख रुपये का लेनदेन भी हो गया। हशमत से पूछताछ के बाद पुलिस ने संग्रामपुर के शादाब को गिरफ्तार किया था। इस मामले में दो अन्य की तलाश अभी चल रही है।
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एटीएस, एसटीएफ, साइबर क्राइम सेल भी जुटी
अंतराष्ट्रीय ठगी गैंग और हवाला कारोबारियों के तार बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव संग्रामपुर, दबतोरी, लक्ष्मीपुर और पपगांव से जुड़े हुए हैं। पिछले साल इन गांवों में सीबीआई ने छापामारी की थी। करीब एक दर्जन लोगों के घरों पर नोटिस भी चस्पा किए थे। 2011 में राष्ट्रीय स्तर पर हवाला कारोबार का खुलासा होने के बाद यह गांव सीबीआई के निशाने पर आए थे। इसके बाद सितंबर 2014 में हुए बिजनौर धमाके के मामले में अभी हाल में एटीएस यहां पहुंची थी।
एसपी देहात बालेंदुभूषण सिंह ने बताया कि कुछ मामले हैं। इनकी स्थानीय पुलिस भी जांच कर रही है। अंतराष्ट्रीय ठगी गैंग चलाने वाले दो लोगों को पिछले दिनों साइबर क्राइम सेल, आगरा की टीम ने गिरफ्तार किया था। स्थानीय स्तर पर भी इन गांवों में संदिग्धों की निगरानी कराई जा रही है।