{"_id":"5aae925bd3bf12217604317088bffb26","slug":"husband-in-dowry-including-the-capture-of-four-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दहेज हत्या में पति समेत चार को कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दहेज हत्या में पति समेत चार को कैद
बदायूं
Updated Thu, 21 Jan 2016 07:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दातागंज क्षेत्र के गांव उरैना में पांच साल पहले हुए दहेज हत्याकांड में पति समेत चार लोगों को दस साल की कड़ी सजा सुनाई गई है। साथ ही प्रत्येक पर 12-12 हजार रुपये जुर्माना भी बोला गया है।
यह घटना उरैना में 23 मार्च 2011 को घटी थी। वादी रामाधार सिंह पुत्र लल्लू सिंह निवासी हरनाह थाना मैगलगंज जिला खीरी ने 24 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री कुकल देवी की शादी चार साल पहले उरैना निवासी राजवीर पुत्र भीकम के साथ की थी। आरोप था कि इसके बाद भी कुकल देवी के ससुराल वाले उसे बाइक और जायदाद को लेकर तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। उसकी पुत्री अक्सर मोबाइल पर अपने साथ होने वाले अत्याचार के बारे में बताती थी। उसने कई बार ससुराल पहुंचकर पति राजवीर और उसके परिवार वालों को समझाया। गांव के लोगों के साथ भी बैठक की थी। जिस पर ससुराल वालों ने भरोसा दिया था कि भविष्य में कुकल देवी के साथ किसी तरह की बात नहीं होगी। आरोप है कि 23 मार्च को ससुराल वालों ने उसकी बेटी की हत्या कर दी। खुद ही मोबाइल पर सूचना दी थी कि उनकी बेटी मर गई है। जब वह मौके पर आया तो देखा कि उसकी बेटी की लाश को पहले ही जलाकर ठिकाने लगा दिया।
जज ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजना की ओर से एडीजीसी मुकेश यादव व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद पति राजवीर, सास शीला, ससुर भीकम और जेठ नन्हें को दोषी पाकर दस वर्ष की कड़ी सजा के साथ ही प्रत्येक पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
यह घटना उरैना में 23 मार्च 2011 को घटी थी। वादी रामाधार सिंह पुत्र लल्लू सिंह निवासी हरनाह थाना मैगलगंज जिला खीरी ने 24 मार्च को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री कुकल देवी की शादी चार साल पहले उरैना निवासी राजवीर पुत्र भीकम के साथ की थी। आरोप था कि इसके बाद भी कुकल देवी के ससुराल वाले उसे बाइक और जायदाद को लेकर तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। उसकी पुत्री अक्सर मोबाइल पर अपने साथ होने वाले अत्याचार के बारे में बताती थी। उसने कई बार ससुराल पहुंचकर पति राजवीर और उसके परिवार वालों को समझाया। गांव के लोगों के साथ भी बैठक की थी। जिस पर ससुराल वालों ने भरोसा दिया था कि भविष्य में कुकल देवी के साथ किसी तरह की बात नहीं होगी। आरोप है कि 23 मार्च को ससुराल वालों ने उसकी बेटी की हत्या कर दी। खुद ही मोबाइल पर सूचना दी थी कि उनकी बेटी मर गई है। जब वह मौके पर आया तो देखा कि उसकी बेटी की लाश को पहले ही जलाकर ठिकाने लगा दिया।
विज्ञापन
जज ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजना की ओर से एडीजीसी मुकेश यादव व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद पति राजवीर, सास शीला, ससुर भीकम और जेठ नन्हें को दोषी पाकर दस वर्ष की कड़ी सजा के साथ ही प्रत्येक पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
विज्ञापन