{"_id":"5cd31a51bdec22074d53b2da","slug":"91557338705-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएसपी दफ्तर के सामने शव रख जाम लगाने की कोशिश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
एसएसपी दफ्तर के सामने शव रख जाम लगाने की कोशिश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। इस्लामनगर कस्बे में मंगलवार शाम एक व्यक्ति की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बुधवार दोपहर परिवार वाले हत्या का आरोप लगाकर एसएसपी कार्यालय के सामने शव रखकर जाम लगाने की कोशिश करने लगे। सिविल लाइंस पुलिस की सूझबूझ से जाम नहीं लग सका। एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
करीब 55 वर्षीय रामधुन इस्लामनगर कस्बे के काजी मोहल्ला निवासी थे। उनके बेटे नीरज का आरोप है कि चार मई की शाम रामधुन पड़ोस के सरकारी नल पर पानी लेने गए थे। तभी आरोपियों ने पानी भरने का विरोध करते हुए मारपीट कर दी थी, जिससे रामधुन के काफी चोटें आई थीं। वह मुरादाबाद के अस्पताल में उनका इलाज करा रहे थे। मंगलवार शाम रामधुन की मौत हो गई। इसके बाद परिवार वाले थाने पहुंचे और उन्होंने मोहल्ले के उमेश व दऊआ के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई।
इधर, दोपहर के समय परिवार वाले शव लेकर बदायूं पहुंचे। परिजन पोस्टमार्टम हाउस न जाकर एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कार्यालय के बाहर सड़क पर शव रख दिया और जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक इसकी सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने उन्हें समझाबुझाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि रामधुन के साथ मारपीट की गई थी, जिससे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है और न ही रामधुन के शरीर पर कोई चोटों के निशान मिले हैं। मौत का कारण जानने के लिए बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया है।
विज्ञापन
हमने मुरादाबाद के अस्पताल में पता किया था। वहां के डॉक्टर ने हार्टअटैक बताया था, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है और न ही चोटों के निशान मिले हैं। मामला संदिग्ध लग रहा है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
- अजय कुमार चाहर, इंस्पेक्टर इस्लामनगर
विज्ञापन
करीब 55 वर्षीय रामधुन इस्लामनगर कस्बे के काजी मोहल्ला निवासी थे। उनके बेटे नीरज का आरोप है कि चार मई की शाम रामधुन पड़ोस के सरकारी नल पर पानी लेने गए थे। तभी आरोपियों ने पानी भरने का विरोध करते हुए मारपीट कर दी थी, जिससे रामधुन के काफी चोटें आई थीं। वह मुरादाबाद के अस्पताल में उनका इलाज करा रहे थे। मंगलवार शाम रामधुन की मौत हो गई। इसके बाद परिवार वाले थाने पहुंचे और उन्होंने मोहल्ले के उमेश व दऊआ के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई।
विज्ञापन
इधर, दोपहर के समय परिवार वाले शव लेकर बदायूं पहुंचे। परिजन पोस्टमार्टम हाउस न जाकर एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने कार्यालय के बाहर सड़क पर शव रख दिया और जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक इसकी सूचना पर सिविल लाइंस थाना पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने उन्हें समझाबुझाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि रामधुन के साथ मारपीट की गई थी, जिससे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है और न ही रामधुन के शरीर पर कोई चोटों के निशान मिले हैं। मौत का कारण जानने के लिए बिसरा प्रिजर्व कर दिया गया है।
विज्ञापन
हमने मुरादाबाद के अस्पताल में पता किया था। वहां के डॉक्टर ने हार्टअटैक बताया था, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है और न ही चोटों के निशान मिले हैं। मामला संदिग्ध लग रहा है। जांच के बाद ही कार्रवाई होगी।
- अजय कुमार चाहर, इंस्पेक्टर इस्लामनगर