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शहर में नेकपुर एसबीआई के स्ट्रांग रूम में घुसे बदमाश
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:50 AM IST
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घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस और बैंक अफसर।
- फोटो : अमर उजाला
शहर में नेकपुर एसबीआई के स्ट्रांग रूम में घुसे बदमाश
तिजोरी का लॉक नहीं तोड़ पाए, बच गया लाखों का कैश
वारदात से हड़कंप मचा, एसएसपी ने किया मुआयना
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
शहर में फर्रुखाबाद हाईवे किनारे स्थित एसबीआई नेकपुर ब्रांच में चोरी की कोशिश की गई। बदमाश गैस कटर से ताले काटते हुए बैंक के स्ट्रांग रूम में घुस गए। उन्होंने काफी कोशिश की पर तिजोरी का लॉक नहीं तोड़ पाए। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी होने पर हड़कंप मच गया। एसएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। प्रबंधक की ओर से सिविल लाइन थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मंगलवार सुबह नौ बजे बैंक में पहुंचे सफाई कर्मी ने देखा कि ब्रांच मैनेजर के कक्ष में खुलने वाली खिड़की का ग्रिल काटा हुआ है। शक के आधार पर उसने ब्रांच मैनेजर एसएन रावत को कॉल करके इसकी सूचना दी। थोड़ी ही देर में रावत समेत काफी स्टाफ ब्रांच में पहुंच गया। चैनल खोला गया तो देखा कि बैंक में चोरी की कोशिश की गई है। तत्काल ही सूचना देकर सिविल लाइन थाना पुलिस को बुला लिया गया। पुलिस ने जांच की तो पाया कि ग्रिल काटकर मैनेजर के रूम में घुसे बदमाशों ने गैलरी से होते हुए स्ट्रांग रूम के ताले भी गैस कटर से काट डाले। पुलिस और बैंक स्टाफ ने अंदर जाकर हाल देखा तो तिजोरी सुरक्षित थी। हालांकि इसके लॉक को काटने की भी भरपूर कोशिश की गई थी। घटना की सूचना पर एसएसपी चंद्रप्रकाश समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने गेट से अंदर तक बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने बैंक प्रबंधक से भी बात की। पता लगा कि बैंक का गार्ड भी बाकी कर्मचारियों के साथ ही तीन दिन से छुट्टी पर गया था। घटना सोमवार रात हुई या इससे पहले, इसकी पुष्टि भी ठीक से नहीं हो सकी। प्रबंधक रावत ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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सीसीटीवी से पहचान की उम्मीद खत्म
बैंक के सीसीटीवी कैमरों से बदमाशों की पहचान की उम्मीद जड़ से खत्म हो गई है। बैंक में बाहर लगा कैमरा अरसे से खराब पड़ा है, वर्ना उसमें बदमाशों के चेहरे आसानी से पहचाने जा सकते थे। इसके अलावा अंदर के कैमरे इसलिए काम नहीं कर सके कि अंदर घुसते ही बदमाशों ने सारी लाइट ऑफ कर दी थीं। इंस्पेक्टर देवेश सिंह ने बैंक प्रबंधक से अपने सामने कैमरों का रिकार्ड चेक कराया तो निराशा हाथ लगी। किसी भी कैमरे में कोई ऐसा क्लू नहीं मिला जिससे बदमाशों की पहचान की जा सके।
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कार्यदिवस में रहती है गार्ड की ड्यूटी
बैंक में सुरक्षा के लिहाज से गार्ड के रूप में विजय सिंह तैनात हैं जो छह महीने बाद रिटायर होने वाले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही विजय सिंह बैंक आ गए। जानकारी की तो पता लगा कि वह भी बैंक के नियमित कर्मचारी हैं। बैंक के कार्यदिवस में ही सुबह दस से पांच तक उनकी ड्यूटी रहती है। इसके बाद बैंक की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है। बैंक के बाहर लगे एसबीआई के ही एटीएम पर सुरक्षा के लिए पहले दो निजी गार्ड तैनात रहते थे। अब कुछ महीनों से उनकी भी सेवा समाप्त कर दी गई है। इस लिहाज से रात में बैंक के पास कोई सुरक्षाकर्मी नहीं होता। बदमाशों ने इसी का फायदा उठाया और कोहरे की सर्द रात में बैंक में घुस गए।
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लौटाए गए सैकड़ों ग्राहक
शनिवार, रविवार और फिर क्रिसमस की वजह से बैंक में तीन दिन छुट्टी रही। चौथे दिन बैंक खुली तो काफी संख्या में ग्राहक बैंक में उमड़े। गेट पर ही पुलिस की कई गाड़ियां देखकर लोग सहमे तो कुछ अंदर घुस गए। यहां बताया गया कि बैंक में घटना की वजह से आज कोई काम नहीं होगा तो कई लोग मायूस लौट आए।
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वर्जन
बैंक में सुरक्षा प्रबंध नाकाफी थे। सीसीटीवी खराब पड़ा था तो गार्ड छुट्टी पर था। इस तरह की स्थिति दूसरी ब्रांचों में भी हो सकती है। बैंक अधिकारियों से इस बारे में बात की जाएगी कि वह आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का खाका तो दुरुस्त करें। ऐसे स्थानों पर पुलिस का मूवमेंट भी बढ़ाया जाएगा।
- चंद्रप्रकाश, एसएसपी
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बैंक में तीन दिन से अवकाश था। इसलिए गार्ड भी छुट्टी पर गया था। बैंक के गेट वाला सीसीटीवी कैमरा खराब होने का मेल भी संबंधित कंपनी को कर दिया था। हमारे यहां बैंक कार्यकाल के दौरान ही गार्ड तैनाती की व्यवस्था है। बाकी सुरक्षा संबंधित थाना पुलिस पर ही निर्भर रहती है।
- एसएन रावत, प्रबंधक एसबीआई नेकपुर ब्रांच
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धुएं से बजा बैंक का सायरन, पुलिस पहुंची
ओरछी। थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र के तहत ओरछी चौराहे के पास पीएनबी शाखा में सोमवार को आधी रात में जब अचानक बैंक का सायरन बजा तो अफरातफरी मच गई। आननफानन में थाना पुलिस पहुंची और बैंक घेरकर जांच की गई। कई बार कॉल के बाद भी प्रबंधक ने पुलिस की कॉल रिसीव नहीं की। बैंक में कोई निजी गार्ड भी नहीं रहता, जिससे घटना के बारे में जानकारी ली जा सकती थी। बैंक परिसर के अंदर कोई नहीं मिला तो पुलिस लौट आई। सुबह बैंक स्टाफ पहुंचा तो पुलिस दोबारा पहुंचा। तब जांच में पता लगा कि बैंक के गेट पर तैनात दो होमगार्ड्स ने ठंड से बचने के लिए अलाव जला लिया था। इसका धुआं बैंक में घुसने से सायरन बजा था।
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तिजोरी का लॉक नहीं तोड़ पाए, बच गया लाखों का कैश
वारदात से हड़कंप मचा, एसएसपी ने किया मुआयना
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
शहर में फर्रुखाबाद हाईवे किनारे स्थित एसबीआई नेकपुर ब्रांच में चोरी की कोशिश की गई। बदमाश गैस कटर से ताले काटते हुए बैंक के स्ट्रांग रूम में घुस गए। उन्होंने काफी कोशिश की पर तिजोरी का लॉक नहीं तोड़ पाए। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी होने पर हड़कंप मच गया। एसएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की। प्रबंधक की ओर से सिविल लाइन थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
मंगलवार सुबह नौ बजे बैंक में पहुंचे सफाई कर्मी ने देखा कि ब्रांच मैनेजर के कक्ष में खुलने वाली खिड़की का ग्रिल काटा हुआ है। शक के आधार पर उसने ब्रांच मैनेजर एसएन रावत को कॉल करके इसकी सूचना दी। थोड़ी ही देर में रावत समेत काफी स्टाफ ब्रांच में पहुंच गया। चैनल खोला गया तो देखा कि बैंक में चोरी की कोशिश की गई है। तत्काल ही सूचना देकर सिविल लाइन थाना पुलिस को बुला लिया गया। पुलिस ने जांच की तो पाया कि ग्रिल काटकर मैनेजर के रूम में घुसे बदमाशों ने गैलरी से होते हुए स्ट्रांग रूम के ताले भी गैस कटर से काट डाले। पुलिस और बैंक स्टाफ ने अंदर जाकर हाल देखा तो तिजोरी सुरक्षित थी। हालांकि इसके लॉक को काटने की भी भरपूर कोशिश की गई थी। घटना की सूचना पर एसएसपी चंद्रप्रकाश समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी ने गेट से अंदर तक बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने बैंक प्रबंधक से भी बात की। पता लगा कि बैंक का गार्ड भी बाकी कर्मचारियों के साथ ही तीन दिन से छुट्टी पर गया था। घटना सोमवार रात हुई या इससे पहले, इसकी पुष्टि भी ठीक से नहीं हो सकी। प्रबंधक रावत ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली।
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सीसीटीवी से पहचान की उम्मीद खत्म
बैंक के सीसीटीवी कैमरों से बदमाशों की पहचान की उम्मीद जड़ से खत्म हो गई है। बैंक में बाहर लगा कैमरा अरसे से खराब पड़ा है, वर्ना उसमें बदमाशों के चेहरे आसानी से पहचाने जा सकते थे। इसके अलावा अंदर के कैमरे इसलिए काम नहीं कर सके कि अंदर घुसते ही बदमाशों ने सारी लाइट ऑफ कर दी थीं। इंस्पेक्टर देवेश सिंह ने बैंक प्रबंधक से अपने सामने कैमरों का रिकार्ड चेक कराया तो निराशा हाथ लगी। किसी भी कैमरे में कोई ऐसा क्लू नहीं मिला जिससे बदमाशों की पहचान की जा सके।
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कार्यदिवस में रहती है गार्ड की ड्यूटी
बैंक में सुरक्षा के लिहाज से गार्ड के रूप में विजय सिंह तैनात हैं जो छह महीने बाद रिटायर होने वाले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही विजय सिंह बैंक आ गए। जानकारी की तो पता लगा कि वह भी बैंक के नियमित कर्मचारी हैं। बैंक के कार्यदिवस में ही सुबह दस से पांच तक उनकी ड्यूटी रहती है। इसके बाद बैंक की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है। बैंक के बाहर लगे एसबीआई के ही एटीएम पर सुरक्षा के लिए पहले दो निजी गार्ड तैनात रहते थे। अब कुछ महीनों से उनकी भी सेवा समाप्त कर दी गई है। इस लिहाज से रात में बैंक के पास कोई सुरक्षाकर्मी नहीं होता। बदमाशों ने इसी का फायदा उठाया और कोहरे की सर्द रात में बैंक में घुस गए।
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लौटाए गए सैकड़ों ग्राहक
शनिवार, रविवार और फिर क्रिसमस की वजह से बैंक में तीन दिन छुट्टी रही। चौथे दिन बैंक खुली तो काफी संख्या में ग्राहक बैंक में उमड़े। गेट पर ही पुलिस की कई गाड़ियां देखकर लोग सहमे तो कुछ अंदर घुस गए। यहां बताया गया कि बैंक में घटना की वजह से आज कोई काम नहीं होगा तो कई लोग मायूस लौट आए।
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बैंक में सुरक्षा प्रबंध नाकाफी थे। सीसीटीवी खराब पड़ा था तो गार्ड छुट्टी पर था। इस तरह की स्थिति दूसरी ब्रांचों में भी हो सकती है। बैंक अधिकारियों से इस बारे में बात की जाएगी कि वह आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का खाका तो दुरुस्त करें। ऐसे स्थानों पर पुलिस का मूवमेंट भी बढ़ाया जाएगा।
- चंद्रप्रकाश, एसएसपी
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बैंक में तीन दिन से अवकाश था। इसलिए गार्ड भी छुट्टी पर गया था। बैंक के गेट वाला सीसीटीवी कैमरा खराब होने का मेल भी संबंधित कंपनी को कर दिया था। हमारे यहां बैंक कार्यकाल के दौरान ही गार्ड तैनाती की व्यवस्था है। बाकी सुरक्षा संबंधित थाना पुलिस पर ही निर्भर रहती है।
- एसएन रावत, प्रबंधक एसबीआई नेकपुर ब्रांच
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धुएं से बजा बैंक का सायरन, पुलिस पहुंची
ओरछी। थाना फैजगंज बेहटा क्षेत्र के तहत ओरछी चौराहे के पास पीएनबी शाखा में सोमवार को आधी रात में जब अचानक बैंक का सायरन बजा तो अफरातफरी मच गई। आननफानन में थाना पुलिस पहुंची और बैंक घेरकर जांच की गई। कई बार कॉल के बाद भी प्रबंधक ने पुलिस की कॉल रिसीव नहीं की। बैंक में कोई निजी गार्ड भी नहीं रहता, जिससे घटना के बारे में जानकारी ली जा सकती थी। बैंक परिसर के अंदर कोई नहीं मिला तो पुलिस लौट आई। सुबह बैंक स्टाफ पहुंचा तो पुलिस दोबारा पहुंचा। तब जांच में पता लगा कि बैंक के गेट पर तैनात दो होमगार्ड्स ने ठंड से बचने के लिए अलाव जला लिया था। इसका धुआं बैंक में घुसने से सायरन बजा था।