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Siddharthnagar News: नेपाल में जेवर महंगे, तस्करों की चांदी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। नेपाल बाॅर्डर पर आभूषण तस्करों ने एक बार फिर सिर उठा लिया है। तीन दिन के भीतर बाॅर्डर से आभूषण की तस्करी के दो मामले सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों मामलों में करीब सात किलो चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई इस बात की पुष्टि कर रही है कि आभूषण की तस्करी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। क्योंकि, दोनों अलग-अलग और बाॅर्डर से जुड़े मामले हैं।
नेपाल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नेपाल में मेकिंग चार्ज अधिक है। इसके लिए कच्ची और सील व पुरानी चांदी बाॅर्डर से तस्करी होकर आती है। पूरी सेटिंग के तहत तय व्यक्ति से पहुंचती है और फिर आगरा, मथुरा और अन्य स्थानों से आने वाले कारीगरों से बनवाकर नेपाल भेज दी जाती है। इसमें दो प्रकार के फायदे होते हैं। एक तो आभूषण बनाते समय चांदी के अलावा दूसरी वस्तु का प्रयोग होता है तो उतनी चांदी बचती है।
दूसरा कारीगरी के खर्च में भी बचत होती है। कई बार रेट में अंतर होने पर मुनाफा बढ़ जाता है। इसलिए डिमांड के साथ तस्करी बढ़ जाती है। वहीं, लगातार दो बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हर व्यक्ति और वस्तु पर नजर है।
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खुली सीमा, कमाई का केंद्र : नेपाल से लगने वाली जनपद की 68 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली है। यहां दोनों देशों में जिस वस्तु की मांग बढ़ती है, उसकी तस्करी शुरू हो जाती है। इसमें खाद्यान्न और उर्वरक से लेकर मादक पदार्थ और सोना-चांदी शामिल है। हालांकि, तस्करों का अपना- अपना काम है। सूत्रों के मुताबिक जो जिस सामान की तस्करी करता है वह उसी की करेगा। सोने वाला खाद की तस्करी नहीं करता है। बाॅर्डर पर मुख्य मार्ग और एंट्री प्वाइंट बढ़नी, खुनुवां, अलीगढ़वा, ककरहवा है। इसमें बढ़नी और खुनुवां में ट्रेड की गाड़ी निकलती है जबकि, अलीगढ़वा में केवल बाइक और ककरहवा में बस और चार पहिया वाहन चलते हैं। इसमें कई बार वाहनों से तस्करी होती है। वहीं कई बार जब सख्ती बढ़ती है और धरपकड़ तेज होती है तो पगडंडी और सीमावर्ती इलाके के लोगों के जरिये काम शुरु हो जाता है। जैसा हाल में पकड़े गए चांदी की तस्करी में सामने आया है। इसमें गांव के सामान्य व्यक्ति ही पकड़ में आए हैं। जो कैरियर का काम करते हैं।
तौलिहवा में पहुंचाने के लिए लेकर जा रहा था आभूषण : खुनुवां एसएसबी की टीम ने शनिवार को चेकिंग के दौरान एक वृद्ध को पकड़ा। उसके कब्जे से कुल 6.474 किलो ग्राम) वजन चांदी बरामद हुई। इसमें 186 जोड़ी पायल और 1448 बिछिया मिली। पूछताछ में बुजुर्ग ने बताया कि ये सामान शोहरतगढ़ में किसी से लेकर नेपाल में किसी अनजान व्यक्ति को देने के लिए ले जा रहे थे। पकडे़ गए व्यक्ति ने अपना नाम हरिराम गांव-नीबी दोहनी थाना-शोहरतगढ़, जिला-सिद्धार्थनगर। पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है। वह एक हजार रुपये के लिए चांदी लेकर निकला था। इसके अलावा जनपद में वर्ष 2020 में 96 किलो चांदी कार में पकड़ी गई थी।
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सिद्धार्थनगर। नेपाल बाॅर्डर पर आभूषण तस्करों ने एक बार फिर सिर उठा लिया है। तीन दिन के भीतर बाॅर्डर से आभूषण की तस्करी के दो मामले सामने आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने दोनों मामलों में करीब सात किलो चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई इस बात की पुष्टि कर रही है कि आभूषण की तस्करी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। क्योंकि, दोनों अलग-अलग और बाॅर्डर से जुड़े मामले हैं।
नेपाल से जुड़े सूत्रों के मुताबिक नेपाल में मेकिंग चार्ज अधिक है। इसके लिए कच्ची और सील व पुरानी चांदी बाॅर्डर से तस्करी होकर आती है। पूरी सेटिंग के तहत तय व्यक्ति से पहुंचती है और फिर आगरा, मथुरा और अन्य स्थानों से आने वाले कारीगरों से बनवाकर नेपाल भेज दी जाती है। इसमें दो प्रकार के फायदे होते हैं। एक तो आभूषण बनाते समय चांदी के अलावा दूसरी वस्तु का प्रयोग होता है तो उतनी चांदी बचती है।
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दूसरा कारीगरी के खर्च में भी बचत होती है। कई बार रेट में अंतर होने पर मुनाफा बढ़ जाता है। इसलिए डिमांड के साथ तस्करी बढ़ जाती है। वहीं, लगातार दो बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हर व्यक्ति और वस्तु पर नजर है।
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खुली सीमा, कमाई का केंद्र : नेपाल से लगने वाली जनपद की 68 किलोमीटर सीमा पूरी तरह से खुली है। यहां दोनों देशों में जिस वस्तु की मांग बढ़ती है, उसकी तस्करी शुरू हो जाती है। इसमें खाद्यान्न और उर्वरक से लेकर मादक पदार्थ और सोना-चांदी शामिल है। हालांकि, तस्करों का अपना- अपना काम है। सूत्रों के मुताबिक जो जिस सामान की तस्करी करता है वह उसी की करेगा। सोने वाला खाद की तस्करी नहीं करता है। बाॅर्डर पर मुख्य मार्ग और एंट्री प्वाइंट बढ़नी, खुनुवां, अलीगढ़वा, ककरहवा है। इसमें बढ़नी और खुनुवां में ट्रेड की गाड़ी निकलती है जबकि, अलीगढ़वा में केवल बाइक और ककरहवा में बस और चार पहिया वाहन चलते हैं। इसमें कई बार वाहनों से तस्करी होती है। वहीं कई बार जब सख्ती बढ़ती है और धरपकड़ तेज होती है तो पगडंडी और सीमावर्ती इलाके के लोगों के जरिये काम शुरु हो जाता है। जैसा हाल में पकड़े गए चांदी की तस्करी में सामने आया है। इसमें गांव के सामान्य व्यक्ति ही पकड़ में आए हैं। जो कैरियर का काम करते हैं।
तौलिहवा में पहुंचाने के लिए लेकर जा रहा था आभूषण : खुनुवां एसएसबी की टीम ने शनिवार को चेकिंग के दौरान एक वृद्ध को पकड़ा। उसके कब्जे से कुल 6.474 किलो ग्राम) वजन चांदी बरामद हुई। इसमें 186 जोड़ी पायल और 1448 बिछिया मिली। पूछताछ में बुजुर्ग ने बताया कि ये सामान शोहरतगढ़ में किसी से लेकर नेपाल में किसी अनजान व्यक्ति को देने के लिए ले जा रहे थे। पकडे़ गए व्यक्ति ने अपना नाम हरिराम गांव-नीबी दोहनी थाना-शोहरतगढ़, जिला-सिद्धार्थनगर। पूछताछ में जो जानकारी सामने आई है। वह एक हजार रुपये के लिए चांदी लेकर निकला था। इसके अलावा जनपद में वर्ष 2020 में 96 किलो चांदी कार में पकड़ी गई थी।