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बेहद शातिर दिमाग हैं हत्यारे
Updated Sat, 21 Oct 2017 12:08 AM IST
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crime scene
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उघैती (बदायूं)। वृद्धा भूदेवी के कातिल बेहद शातिर दिमाग हैं। हत्यारे थाने के सामने वारदात को अंजाम देकर चले गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। आसपास वालों को भी भूदेवी की चीख सुनाई नहीं दी। जबकि बृहस्पतिवार की रात 11 बजे तक परिवार वाले भूदेवी के पास बैठे थे। इस सनसनीखेज वारदात ने हर किसी के जेहन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
थाने के पास भूदेवी अपने घर में अकेली रहतीं थीं। उनके छोटे बेटे लालाराम ने बताया कि दिवाली की शाम परिवार के सभी लोग मां भूदेवी के पास गए और रात 11 बजे तक बैठे रहे। उनके जाने के बाद घटना को अंजाम दिया गया। चूंकि घटना स्थल की दूरी थाने से मात्र पांच-छह कदम है। दिवाली होने से देर रात तक आतिशबाजी होती रही। माना जा रहा है कि उसी दौरान हत्यारे घर में घुसे हैं और उन्होंने पटाखों की गूंज के बीच भूदेवी पर हमला कर दिया। घटनास्थल को देखकर लगता है हत्यारों ने पहले भूदेवी की आवाज बंद करने को मुंह में कपड़ा ठूंसा फिर हाथ बांधने के बाद नस काट दी।
पटाखों के बीच ही हत्यारे घटना को अंजाम देने के बाद निकल गए । हो सकता है कि हत्यारों ने पहले थाने की लोकेशन ली हो। यह भी हो सकता है कि जब कोई पुलिस वाला सड़क पर नजर नहीं आया हो तब वह चुपचाप निकल गए। हालांकि एक हत्यारे की मौके पर चप्पल रह गई, इससे हत्यारों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल सकती है। लोगों का कहना है कि थाने के सामने ही घटना हुई है इसलिए हत्यारे शातिर दिमाग तो रहे हैं। जिन्होंने खुद को पूरी तरह सुरक्षित करने का ग्राउंड तैयार कर लिया था।
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लोग कह रहे हैं कि यह सनसनीखेज घटना थाना पुलिस के लिए बेहद चुनौती वाली है। अब देखना है कि पुलिस कब तक घटना का खुलासा कर पाती है, लेकिन फिलहाल यहां के लोगों में दहशत का माहौल है।
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भूदेवी के थे चार बेटे, दो की हो चुकी है मौत
उघैती। मृतका भूदेवी के चार बेटे थे। जिनमें सबसे बड़ा कल्लू हैं। दूसरे नंबर का बेटा गिरीश, तीसरे नंबर के नेमचंद्र की मौत हो चुकी है। लालाराम चौथे नंबर का है। नाती नीरज दूसरे नंबर के बेटे का पुत्र है। भूदेवी के पति जौरावर शाक्य का पांच-छह माह पहले निधन हो चुका है।
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घटना की बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है। तहरीर के आधार पर लूट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
-चरन सिंह, थानाध्यक्ष उघैती
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थाने के पास भूदेवी अपने घर में अकेली रहतीं थीं। उनके छोटे बेटे लालाराम ने बताया कि दिवाली की शाम परिवार के सभी लोग मां भूदेवी के पास गए और रात 11 बजे तक बैठे रहे। उनके जाने के बाद घटना को अंजाम दिया गया। चूंकि घटना स्थल की दूरी थाने से मात्र पांच-छह कदम है। दिवाली होने से देर रात तक आतिशबाजी होती रही। माना जा रहा है कि उसी दौरान हत्यारे घर में घुसे हैं और उन्होंने पटाखों की गूंज के बीच भूदेवी पर हमला कर दिया। घटनास्थल को देखकर लगता है हत्यारों ने पहले भूदेवी की आवाज बंद करने को मुंह में कपड़ा ठूंसा फिर हाथ बांधने के बाद नस काट दी।
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पटाखों के बीच ही हत्यारे घटना को अंजाम देने के बाद निकल गए । हो सकता है कि हत्यारों ने पहले थाने की लोकेशन ली हो। यह भी हो सकता है कि जब कोई पुलिस वाला सड़क पर नजर नहीं आया हो तब वह चुपचाप निकल गए। हालांकि एक हत्यारे की मौके पर चप्पल रह गई, इससे हत्यारों तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल सकती है। लोगों का कहना है कि थाने के सामने ही घटना हुई है इसलिए हत्यारे शातिर दिमाग तो रहे हैं। जिन्होंने खुद को पूरी तरह सुरक्षित करने का ग्राउंड तैयार कर लिया था।
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लोग कह रहे हैं कि यह सनसनीखेज घटना थाना पुलिस के लिए बेहद चुनौती वाली है। अब देखना है कि पुलिस कब तक घटना का खुलासा कर पाती है, लेकिन फिलहाल यहां के लोगों में दहशत का माहौल है।
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भूदेवी के थे चार बेटे, दो की हो चुकी है मौत
उघैती। मृतका भूदेवी के चार बेटे थे। जिनमें सबसे बड़ा कल्लू हैं। दूसरे नंबर का बेटा गिरीश, तीसरे नंबर के नेमचंद्र की मौत हो चुकी है। लालाराम चौथे नंबर का है। नाती नीरज दूसरे नंबर के बेटे का पुत्र है। भूदेवी के पति जौरावर शाक्य का पांच-छह माह पहले निधन हो चुका है।
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घटना की बारीकी से जांच पड़ताल की जा रही है। तहरीर के आधार पर लूट और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
-चरन सिंह, थानाध्यक्ष उघैती