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चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’: सत्तापक्ष ने खूबियां गिनाईं, विपक्षियों ने बताईं दुश्वारियां

Tue, 16 Nov 2021 01:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 01:30 AM IST
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बदायूं क्लब में अपनी बात रखते राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। विधानसभा चुनाव में ज्यादा वक्त बाकी नहीं है। चुनाव में विकास का एजेंडा रहेगा या फिर से धर्म और जातिवाद की धुरी पर चुनाव लड़ा जाएगा। जनता के मन में सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के लिए क्या है, सत्ता पक्ष को लेकर विपक्ष क्या सोचता है? सबका साथ, सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा के कामकाज और चुनाव में अन्य दलों को मौका देने को लेकर आम जनता क्या सोचती है, इन सवालों का जवाब जानने के लिए सोमवार को अमर उजाला का चुनावी रथ सत्ता का संग्राम बदायूं पहुंचा।
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सुबह शहर में रोडवेज पर आम लोगों से चाय पर चर्चा के बाद दोपहर में आधी आबादी से महिला सुरक्षा पर बात के अलावा राजकीय महाविद्यालय में शिक्षा और रोजगार पर युवाओं से बात की गई। शाम को बदायूं क्लब में आयोजित कार्यक्रम में सत्तापक्ष से लेकर विपक्षी पार्टियों के नेताओं को आमने-सामने बैठाकर बात हुई।
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भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने मोदी-योगी सरकार में हुए विकास के काम गिनाए। विपक्षी दलों ने भाजपा पर तंज कसे। विपक्षी दलों ने शहर में गंदगी, गड्डा युक्त सड़कें, महंगाई और अपराध पर भाजपा को घेरा, इस दौरान कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तकरार की नौबत तक आई। समर्थकों की एक दूसरे पर छींटाकशी के बीच माहौल गरमाया तो कई बार स्थानीय मुद्दों पर राष्ट्रीय मुद्दे भारी पड़े। विपक्ष ने कहा कब तक मोदी-योगी के नाम पर राजनीति करोगे, यहां तो लोग गड्ढों में सड़क खोज रहे हैं। जनता दल यूनाईटेड के जिलाध्यक्ष आराम सिंह यादव और प्रगतिशील सपा के जिलाध्यक्ष रक्षपाल यादव भी चर्चा में शामिल हुए। दोनों ने अपनी-अपनी बात रखी। जनता दल ने बिहार मॉडल की बात कही वहीं प्रसपा ने भी भाजपा पर निशाना साधा।
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छोटे गांवों तक बनवाईं सड़कें, एक-एक सड़क ठीक है : भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि हमारी सरकार में जितना काम हुआ उतना कभी नहीं हुआ। छोटे गांवों तक सड़कें बनवाई हैं। जिले में एक-एक सड़क ठीक है। कोई सड़क अधूरी नहीं है। दिवाली पर सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल की थी, शहर गंदा न हो इसके लिए हमारे सभासदों तक ने सड़कों पर उतरकर सफाई कराई। सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को मिला है।
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भाजपा ने पहली बार कूड़े के ढेर पर मनवा दी दिवाली : सपा
सपा जिला उपाध्यक्ष राजीव राज ने तंज कसा कि भाजपा सरकार में शहर समेत जिले की हालत बिगड़ गई है। इतिहास में पहली बार कूड़े के ढेर पर दिवाली मनवा दी। भाजपाई दलगत राजनीति से नहीं उठ पा रहे। अब चुनाव आने वाला है तो सड़कों के गड्डे भरे जा रहे हैं। जो विकास दिख रहा है वह सपा सरकार का है। नगर विकास राज्यमंत्री के शहर का यह हाल है।
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मायावती के शासन को याद करती है जनता : बसपा
बसपा जिलाध्यक्ष हेमेंद्र गौतम ने बगल में खड़े भाजपा जिलाध्यक्ष पर निशाना साधा कि आपको पता होगा विकास कहां कराया है। प्रदेश की जनता मायावती के कार्यकाल को याद करती है। बदायूं गंगा और रामगंगा के बीच बसा है। बसपा सरकार ने ही बदायूं में नौ पुल बनाने का काम किया। भाजपा में विकास का शोर है, लेकिन विकास दिखता नहीं।
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पूरे नहीं किए वायदे, गड्डा मुक्त सड़कें दे रहीं गवाही : कांग्रेस
कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष धर्मवीर एडवोकेट ने आरोप लगाया कि योगी सरकार ने वादों को पूरा नहीं किया है। सरकार बनने के बाद योगी जी ने गड्डा मुक्त सड़कें, भय मुक्त समाज का वादा किया था। सरकार को पांच साल होने जा रहे हैं, सड़कें गड्डा मुक्त नहीं हैं। भाजपा के नेता ही सुरक्षित नहीं हैं। गुंडे अब भी हैं, शिक्षा, स्वास्थ्य का बुरा हाल है। इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना होगा।
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दिल्ली मॉडल पर लडेंगे विधानसभा चुनाव : आप
आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष भुदेव सिंह ने दिल्ली मॉडल पर चुनाव लड़ने की बात कही, यह भी कहा कि हमारा जाति और धर्म के नाम पर वोट बैंक नहीं है, लेकिन जो हम 300 यूनिट मुफ्त बिजली देंगे वह हमारा वोट बैंक है। किसानों के नलकूप बिल माफ किए जाएंगे। इसके लिए हम गारंटी कार्ड दे रहे हैं। जिले में अब तक एक लाख गारंटी कार्ड भरे भी जा चुके हैं।
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समर्थक एक दूसरे पर कसते रहे तंज
पार्टी पदाधिकारियों के साथ चर्चा में पहुंचे समर्थक एक दूसरे पर बातों बातों में तंज कसते रहे। सपा के भानु यादव ने कहा कि पांच साल में भाजपा बाईपास पर सिर्फ पुलिया बनवा सकी है। भाजपा के आशीष शाक्य ने कहा कि प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत जिले में सौ सड़कों का काम चल रहा है। पारस गुप्ता ने कहा विपक्ष चाहता है कि भले उसकी भैंस मर जाए मगर दूसरे की दीवार गिर जाए। सपा की फूलबानो ने कहा कि भाजपा की नींव झूठ पर टिकी है। आम आदमी पार्टी के मोहसिन अंसारी ने कहा कि काशीराम कॉलोनी में दस साल से सड़के नहीं बनी हैं।
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यह लोग भी रहे मौजूद
अनेकपाल कश्यप, दिवाकर वर्मा, हरीओम पाराशरी, रक्षपाल सिंह यादव, बबलू शेख, भानु यादव, एजाज, पंकज शर्मा, महेश सक्सेना, रविंद्र मोहन सक्सेना, संजीव शर्मा, दामोदर यादव, सुशील चौधरी, डॉ. शुभ्रा माहेश्वरी, रानी, अमन मयंक शर्मा व अशोक सक्सेना व पिंकू यादव समेत करीब डेढ़ सौ लोग मौजूद रहे।
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चाय पर चर्चा : खराब सड़कों पर उठे सवाल
बदायूं। अमर उजाला का चुनावी रथ सोमवार को बदायूं पहुंच गया। सुबह रोडवेज बस स्टैंड के पास चाय पर चर्चा के दौरान अधिकतर लोगों ने शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था, टूटी सड़कों पर सरकार व स्थानीय नेताओं पर सवाल उठाए तो कुछ ने कहा कि अच्छा काम हो रहा है।
राकेश टी स्टॉल पर सुबह आठ बजे चाय के साथ संवाद की शुरुआत हुई तो किसान नेता राजेश सक्सेना ने किसानों की दिक्कत बयां की और यह भी कहा कि दिवाली गंदगी में गुजर गई पर किसी नेता ने गौर नहीं दिया। बाद में नगर विकास राज्यमंत्री ने कुछ सफाई जरूर कराई, पता नहीं कि उनके पास ऊपर से कोई आदेश आया या खुद ही सोच लिया।
शैलेंद्र मोहन शर्मा ने उनकी बात काटते हुए कहा कि बिजली खूब मिल रही है। अगर विकास नहीं हुआ तो कांग्रेस व सपा के लंबे शासन की गलती है। टी स्टॉल के संचालक राकेश भी चर्चा में यह कहते हुए शामिल हो गए कि उनके यहां तो कल रात भर बिजली नहीं आई।
जूस की दुकान चलाने वाले गुलशन ने शहर में सब ऑल इज वेल बताया तो सपा से जुड़े महेश सक्सेना ने कहा कि शहर की गलियां घूमकर देख लीजिए-गड्ढे ही गड्ढे हैं। मैकेनिक जावेद फारुखी ने कहा कि उनका बाइक मैकेनिक का काम लगभग खत्म हो गया है। तमाम लोगों ने महंगे पेट्रोल की वजह से बाइक चलाना ही छोड़ दी है। सरकार ने हद कर दी है। पचास रुपये कीमत बढ़ाकर दस कम करके दिवाली का तोहफा बता देती है। कांग्रेस के राज में सब ठीक था। रास्ते से गुजर रहे नगर पालिका अध्यक्ष दीपमाला गोयल के बेटे अमन गुप्ता भी चर्चा में शामिल हो गए। उन्होंने सपा सरकार और बड़े नेताओं पर बदायूं की बदहाली का ठीकरा फोड़ा। कहा कि काम कम, कमीशनखोरी ज्यादा की गई। तमाम और लोगों ने जनता से जुड़ी समस्याएं उठाईं। रोडवेज के एक कर्मचारी भी चर्चा में शामिल हुए। बताया कि उनके डिपो में एक अफसर बिना चढ़ावे के किसी को बस नहीं देते। हालांकि नाम बताने से पीछे हट गए। संवाद
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आधी आबादी ने उठाया सुरक्षा और शिक्षा का मुद्दा
बदायूं। बदायूं क्लब में दोपहर में चुनावी रथ आधी आबादी की बीच पहुंचा तो नारी सुरक्षा और शिक्षा के मुद्दे मुख्य रूप से उठे।
शिक्षक संघ से जुड़ी सीमा यादव ने शिक्षकों की समस्याओं के साथ ही शहर में गंदगी का मुद्दा उठाया तो गिंदो देवी कॉलेज की छात्रा सुषमा ने कहा कि रात में निकलना आज भी बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं है। छात्रा राजकुमारी ने पुरुष प्रधान समाज की मानसिकता पर तीखे प्रहार किए। सवालों की बौछार का जवाब देने पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल पहुंचीं। उन्होंने इस मामले में सरकार व प्रशासन का पक्ष रखा। उसहैत चेयरमैन सेनरा वैश्य व भाजपा से जुड़ीं रानी सिंह पुंडीर ने कहा कि भाजपा सरकार में भयमुक्त माहौल है। परिवहन के साधन बढ़े हैं। सुधार की गुंजाइश है पर वह तेजी से हुआ है।
प्रोफेसर उमा सिंह गौर ने गेहूं क्रय केंद्रों पर अराजकता का मुद्दा उठाया तो डॉ. कमला माहेश्वरी ने बेटियों को बढ़ावा देने की बात कही। डॉ. निशि अवस्थी ने कविता के जरिए अपनी बात रखी। समाजसेविका रजनी मिश्रा ने कहा कि अब माहौल बेहतर बना है।
प्रोफेसर डॉ. सरला चक्रवर्ती ने कहा कि देहात की महिलाओं को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल रहा। डॉ. श्रद्धा यादव ने कहा कि छात्रवृत्ति की जरूरत न पड़े अगर बच्चों की फीस ही माफ हो जाए। कार्यक्रम के अंत में गिंदो देवी की प्राचार्य डॉ. वंदना मिश्रा ने नारी सशक्तीकरण की बात की। कहा कि बदलाव आया है, माहौल और बेहतर होगा। संवाद
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युवा बोले- बदायूं को चाहिए पहचान, इंजीनियरिंग कॉलेज ही मिल जाए
बदायूं। राजकीय डिग्री कॉलेज में छात्र, छात्राएं जुटे तो शहर की समस्याओं से लेकर पढ़ाई और रोजगार तक की बातें हुईं। युवा बोले कि ऐतिहासिक रूप से समृद्ध बदायूं मौजूदा दौर में भी पहचान को तरस रहा है। जरूरी है कि इस दिशा में काम हो।

छात्र अर्जुन सिंह ने कहा कि राजस्थान के कोटा की पहचान इंजीनियरिंग की कोचिंग को लेकर है। प्रयागराज की पहचान सिविल सर्विसेज कोचिंग को लेकर है वैसे ही बदायूं की भी कोई पहचान होनी चाहिए। यहां के स्टूडेंट उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा को बाहर जाते हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज बन जाए तो भी बेहतर है। छात्रा अनुराधा पाल का कहना था कि बदायूं को पहले वेदामऊ नाम से जाना जाता था। यहां वेदों की शिक्षा दी जाती थी। वहीं दिल्ली की पहली महिला सुल्तान रजिया सुल्तान भी बदायूं की रहने वालीं थीं। आज बदायूं की पहचान टूटी सड़कें व गंदी नालियां हैं। यह शर्मनाक है। छात्र शिवम यादव और कबीर ने जिले में सड़कों की बदहाल स्थिति बयां की तो अतुल कुमार ने कहा कि नेता सही नीयत वाला हो तो कई काम सही हो जाएंगे। हर्षी, गुलनाज और आर्या ने शिक्षा के बेहतर मुद्दे उठाए। अमित यादव ने कहा कि मेडिकल कॉलेज पिछली सरकार ने बनवा दिया। इस सरकार ने उसके साथ सौतेला व्यवहार कर कुछ काम ही आगे नहीं बढ़ाया। ऐसा नहीं होना चाहिए। संवाद

राजकीय डिग्री कॉलेज में छात्र छात्राओं ने रखी अपनी बात। संवाद

राजकीय डिग्री कॉलेज में छात्र छात्राओं ने रखी अपनी बात। संवाद- फोटो : BADAUN

बदायूं क्लब में महिलाओं ने सरकार के बारे में रखी अपनी बात। संवाद

बदायूं क्लब में महिलाओं ने सरकार के बारे में रखी अपनी बात। संवाद- फोटो : BADAUN

रोडवेज बस स्टैंड पर चाय पर चर्चा करते शहर के नागरिक। संवाद

रोडवेज बस स्टैंड पर चाय पर चर्चा करते शहर के नागरिक। संवाद- फोटो : BADAUN

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