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बुखार से तीन और लोगों की मौत, जिला अस्पताल में हालात बेकाबू

Tue, 18 Sep 2018 12:00 AM IST
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:00 AM IST
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बुखार से तीन और लोगों की मौत, जिला अस्पताल में हालात बेकाबू
बुखार से तीन और लोगों की मौत, जिला अस्पताल में हालात बेकाबू
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मरीजों को बेंचों पर लिटाकर लगाई जा रही ड्रिप, तीमारदारों के बैठने को जगह नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिले में बुखार से मौतों का आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है। सोमवार को बुखार से तीन और लोगों की मौत हो गई। बुखार को लेकर सरकारी सिस्टम लाचार नजर आ रहा है। लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल के हालात बद से बदतर हो गए हैं। मरीजों को बेंचों पर लिटाकर ड्रिप लगाई जा रही है। तीमारदारों के लिए बैठने को जगह नहीं हैं। कुछ डॉक्टर दिन-रात मेहनत करके मरीजों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं। पिछले 24 घंटों में तीन और लोगों की मौत हो गई।
गुलड़िया। जिले का संवेदनशील ब्लाक सलारपुर के गांव व्योर में लगातार मलेरिया बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। रविवार रात करीब दो बजे व्योर गांव निवासी वशरुद्दीन गद्दी (50 ) की इलाज के दौरान शहर के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। वहां उनका पिछले पांच दिनों से इलाज चल रहा था।
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मूसाझाग। समरेर ब्लॉक के गांव हसनपुर में इस्माइल (50) की सोमवार को मौत हो गई। उन्हें पिछले कई दिनों से बुखार था।
औरछी। उधर, खेड़ादास गांव की रहने वाली मोरकली (45) पत्नी रघुनाथ को बुखार आ रहा था। रविवार रात उनके सीने में दर्द रात उठा। परिवार वाले मोरकली को चंदौसी ले गए। जहां उनकी मौत हो गई।
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उधर, बुखार के मरीजों की भीड़ से जिला अस्पताल का हाल बेहाल है। इमरजेंसी, मेडिसन, आई समेत सभी वार्ड मरीजों से फुल हैं। रैन बसेरा में बने अस्थायी वार्ड में भी मरीजों के लिटाने को जगह नहीं बची है। पहले के आए मरीज ठीक नहीं हो पाते, नए भर्ती किए जा रहे हैं। इससे मरीजों को लिटाने की सबसे बड़ी समस्या पैदा हो गई है। बेड खाली न होने से किसी को बेंच पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है, किसी को जमीन पर लिटाना पड़ रहा है। इसमें डॉक्टरों को इलाज करने में दिक्कत आ रही है। आला अधिकारी जिला अस्पताल में दवाएं होने का दावा कर रहे हैं। मगर अधिकतर मरीजों को दवा नहीं मिल पाती या आधी अधूरी मिलती है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ के चलते डॉक्टर परेशान हैं।
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क्या बोले मरीज, तीमारदा
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पांच की जगह दो दिन की मिल रही दवा
फोटो-3
जिला अस्पताल मेें पांच दिन की जगह दो दिन की दवाएं थमाई जा रही है। इस वजह से मरीजों को दोबारा अस्पताल में लाइन लगनी पड़ती है। इससे परेशानी कम होने की जगह बढ़ रही है।

- मोहम्मद रफीक,गद्दी चौक
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समय बढ़ाया जाए
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- मरीजों की भीड़ को देखते हुए दवाइयों के वितरण समय बढ़ाया जाए। ताकि आम लोगों को राहत मिल सकें।
-मोहम्मद सलीम, कादरी कालोनी
नहीं मिल पाई दवाएं
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दोपहर पौने एक बजे अस्पताल पहुंचा था। पहले पर्चों बनवाने में आधा घंटा लग गया। फिर डॉक्टर को दिखने लिए लाइन में लगना पड़ा। मगर जब दवा लेने का नंबर आया तो स्टोर बंद हो गया।
-धर्मेंद्र, गांव गिरधरपुर
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