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Bijnor News: वुडन हैंडीक्राफ्ट में लगा ट्रंप के टैरिफ का धुन
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नगीना में बनने वाले हैंडीक्राफ्ट के आइटम। संवाद
नगीना। अमेरिका के वुडन हैंडीक्राफ्ट्स पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा मात्र से ही नगीना का विश्व विख्यात हैंडीक्राफ्ट उद्योग हिचकोले खाने लगा है। हालांकि अभी टैरिफ लागू नहीं हुआ, लेकिन आशंका भर से ही करीब 50 करोड़ रुपये के ऑर्डर अमेरिकी व्यापारियों ने स्थगित कर दिए हैं।
नगीना का वुडन हैंडीक्राफ्ट कारोबार नगीना को दुनिया में पहचान दिलाता है। अमेरिका के हैंडीक्राफ्ट्स पर टैरिफ लगाने की घोषणा से यह बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वैसे तो नगीना से उत्पाद अमेरिका के अलावा अन्य कई देशों को भी निर्यात होते हैं लेकिन करीब 300 करोड़ रुपये के सालाना निर्यात में से आधे से अधिक अमेरिका को ही जाता है। अमेरिका के व्यापारियों से मिले करीब 50 करोड़ रुपये के आर्डर स्थगित होने से यहां के उद्यमियों का माल डंप हो गया है। नए ऑर्डर मिलने भी बंद हो गए हैं।
क्रिसमस और नववर्ष के ऑर्डर पर असमंजस के बादल
नगीना के मुख्य हैंडीक्राफ्ट निर्यातक जुल्फिकार आलम बताते हैं कि यदि 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अमेरिका की घोषणा लागू होती है तो निर्यात पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। आमतौर पर क्रिसमस व नववर्ष के विदेशी ऑर्डर अप्रैल माह में मिलने शुरू होते हैं। तीन माह का समय माल बनने में व दो माह का समय भेजने में लगता है। टैरिफ लगने या न लगने के असमंजस के चलते इस बार आर्डर नहीं मिल रहे हैं। विदेशी कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
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नगीना हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इरशाद मुल्तानी का कहना है कि वुडन हैंडीक्राफ्ट पर कभी किसी देश ने टैरिफ नहीं लगाया। अमेरिकी टैरिफ से नगीना के कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा।
आफताब मुल्तानी का कहना है कि यदि भारत सरकार इस मुद्दे पर अमेरिका सरकार से बात करें तो टैरिफ वापस हो सकता है। उनका कहना है कि सरकार से पहले निर्यातकों को ड्रॉ बैक (क्षतिपूर्ति) मिलता था, उसे बहाल कर देना चाहिए।
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नगीना का वुडन हैंडीक्राफ्ट कारोबार नगीना को दुनिया में पहचान दिलाता है। अमेरिका के हैंडीक्राफ्ट्स पर टैरिफ लगाने की घोषणा से यह बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। वैसे तो नगीना से उत्पाद अमेरिका के अलावा अन्य कई देशों को भी निर्यात होते हैं लेकिन करीब 300 करोड़ रुपये के सालाना निर्यात में से आधे से अधिक अमेरिका को ही जाता है। अमेरिका के व्यापारियों से मिले करीब 50 करोड़ रुपये के आर्डर स्थगित होने से यहां के उद्यमियों का माल डंप हो गया है। नए ऑर्डर मिलने भी बंद हो गए हैं।
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क्रिसमस और नववर्ष के ऑर्डर पर असमंजस के बादल
नगीना के मुख्य हैंडीक्राफ्ट निर्यातक जुल्फिकार आलम बताते हैं कि यदि 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने की अमेरिका की घोषणा लागू होती है तो निर्यात पर बहुत बड़ा असर पड़ेगा। आमतौर पर क्रिसमस व नववर्ष के विदेशी ऑर्डर अप्रैल माह में मिलने शुरू होते हैं। तीन माह का समय माल बनने में व दो माह का समय भेजने में लगता है। टैरिफ लगने या न लगने के असमंजस के चलते इस बार आर्डर नहीं मिल रहे हैं। विदेशी कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
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नगीना हैंडीक्राफ्ट डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष इरशाद मुल्तानी का कहना है कि वुडन हैंडीक्राफ्ट पर कभी किसी देश ने टैरिफ नहीं लगाया। अमेरिकी टैरिफ से नगीना के कारोबारियों पर सीधा असर पड़ेगा।
आफताब मुल्तानी का कहना है कि यदि भारत सरकार इस मुद्दे पर अमेरिका सरकार से बात करें तो टैरिफ वापस हो सकता है। उनका कहना है कि सरकार से पहले निर्यातकों को ड्रॉ बैक (क्षतिपूर्ति) मिलता था, उसे बहाल कर देना चाहिए।