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टीम इंडिया का मिशन विश्वकप शुरू: मोर्केल बोले- दबाव में खुद को साबित करो; रोहित-विराट की भूमिका पर क्या कहा?
Fri, 25 Sep 2026 08:38 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Fri, 25 Sep 2026 08:38 PM IST
सार
मोर्ने मोर्केल ने कहा कि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी वेस्टइंडीज सीरीज से ही शुरू हो गई है और खिलाड़ियों को अभी से मुश्किल परिस्थितियों में खुद को दबाव में डालकर जिम्मेदारी लेना सीखना होगा।उन्होंने शुभमन गिल की कप्तानी की तारीफ करते हुए रोहित शर्मा और विराट कोहली के अनुभव को युवा खिलाड़ियों के लिए अहम बताया और सीनियर्स से सीखने पर जोर दिया।
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मोर्ने मोर्केल
- फोटो : IANS
विस्तार
भारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने साफ कर दिया है कि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों का इंतजार नहीं किया जाएगा और वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार से शुरू होने वाली सीरीज से ही इसका आगाज माना जा रहा है। मोर्केल चाहते हैं कि टीम के खिलाड़ी मुश्किल परिस्थितियों से बचने के बजाय खुद जिम्मेदारी लें और दबाव में प्रदर्शन करने की आदत विकसित करें। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रविवार को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें गुवाहाटी और न्यू चंडीगढ़ में आमने-सामने होंगी।
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शुभमन गिल-गौतम गंभीर
- फोटो : PTI
विश्व कप से पहले नहीं, अभी से बढ़ाना होगा स्तर
- मोर्केल ने कहा कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से कुछ सप्ताह पहले अचानक प्रदर्शन का स्तर बढ़ाने की कोशिश करना सही तरीका नहीं है। खिलाड़ियों को अभी से एक तय मानक के अनुसार खेलने की आदत डालनी होगी।
- उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज सीरीज से ही गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग में खिलाड़ियों को खुद को दबाव में डालना होगा। टीम प्रबंधन ने सीरीज से पहले बैठक कर इस बात पर चर्चा भी की है कि 50 ओवर के क्रिकेट में टीम किस तरह खेलना चाहती है और किन मानकों को हासिल करना है।
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शुभमन गिल-केएल राहुल
- फोटो : PTI
मुश्किल हालात में जिम्मेदारी लेने वाले खिलाड़ी चाहिए
मोर्केल ने गेंदबाजों से खास तौर पर मुश्किल परिस्थितियों में जिम्मेदारी लेने की अपेक्षा जताई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई साझेदारी खतरनाक रूप ले रही हो या परिस्थितियां गेंदबाजों के अनुकूल नहीं हों, तो खिलाड़ियों को खुद कप्तान शुबमन गिल के पास जाकर गेंद मांगनी चाहिए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर टीम 30 रन पर चार विकेट गंवा दे, तो ऐसे समय में कौन खिलाड़ी जिम्मेदारी लेकर साझेदारी बनाएगा और टीम को 100 रन तक पहुंचाएगा, इस तरह की परिस्थितियों में खिलाड़ियों को खुद को परखना होगा। मोर्केल के मुताबिक, ऐसी चुनौतियों से गुजरने और उनसे सीखने से खिलाड़ियों में मानसिक मजबूती आएगी, जिसका फायदा आगे चलकर टीम को मिलेगा।
मोर्केल ने गेंदबाजों से खास तौर पर मुश्किल परिस्थितियों में जिम्मेदारी लेने की अपेक्षा जताई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई साझेदारी खतरनाक रूप ले रही हो या परिस्थितियां गेंदबाजों के अनुकूल नहीं हों, तो खिलाड़ियों को खुद कप्तान शुबमन गिल के पास जाकर गेंद मांगनी चाहिए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर टीम 30 रन पर चार विकेट गंवा दे, तो ऐसे समय में कौन खिलाड़ी जिम्मेदारी लेकर साझेदारी बनाएगा और टीम को 100 रन तक पहुंचाएगा, इस तरह की परिस्थितियों में खिलाड़ियों को खुद को परखना होगा। मोर्केल के मुताबिक, ऐसी चुनौतियों से गुजरने और उनसे सीखने से खिलाड़ियों में मानसिक मजबूती आएगी, जिसका फायदा आगे चलकर टीम को मिलेगा।
रोहित-विराट
- फोटो : ANI
रोहित-विराट का अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए अहम
मोर्केल ने टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने शुभमन गिल की कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि सीनियर खिलाड़ियों का अनुभव कप्तान और युवा खिलाड़ियों के लिए काफी मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि टीम में अलग-अलग खिलाड़ी किसी खास सीनियर से ज्यादा सहज होकर बात कर सकते हैं। इसलिए टीम मीटिंग में भी सीनियर खिलाड़ियों को अपना अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
मोर्केल ने टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने शुभमन गिल की कप्तानी की तारीफ करते हुए कहा कि सीनियर खिलाड़ियों का अनुभव कप्तान और युवा खिलाड़ियों के लिए काफी मददगार हो सकता है। उन्होंने कहा कि टीम में अलग-अलग खिलाड़ी किसी खास सीनियर से ज्यादा सहज होकर बात कर सकते हैं। इसलिए टीम मीटिंग में भी सीनियर खिलाड़ियों को अपना अनुभव साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
रोहित और विराट
- फोटो : ANI
नेट्स में भी सीनियर्स से सीखने का मौका
मोर्केल ने यह भी बताया कि युवा खिलाड़ियों को नेट्स में रोहित और विराट से सवाल पूछकर सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उनके मुताबिक, कोई युवा बल्लेबाज विराट से बल्लेबाजी से जुड़ी बात पूछ सकता है, जबकि रोहित से नई गेंद का सामना करने या शुरुआती ओवरों की रणनीति के बारे में सलाह ली जा सकती है। मोर्केल का मानना है कि टीम में इस तरह की बातचीत के ज्यादा से ज्यादा मौके पैदा करना भारतीय क्रिकेट के लिए फायदेमंद होगा।
मोर्केल ने यह भी बताया कि युवा खिलाड़ियों को नेट्स में रोहित और विराट से सवाल पूछकर सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उनके मुताबिक, कोई युवा बल्लेबाज विराट से बल्लेबाजी से जुड़ी बात पूछ सकता है, जबकि रोहित से नई गेंद का सामना करने या शुरुआती ओवरों की रणनीति के बारे में सलाह ली जा सकती है। मोर्केल का मानना है कि टीम में इस तरह की बातचीत के ज्यादा से ज्यादा मौके पैदा करना भारतीय क्रिकेट के लिए फायदेमंद होगा।
प्रसिद्ध कृष्णा-नीतीश रेड्डी-गुरनूर बराड़
- फोटो : ANI
वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड सीरीज में होगी स्क्वॉड की परीक्षा
मोर्केल ने संकेत दिया कि वेस्टइंडीज के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी खिलाड़ियों को अलग-अलग भूमिकाओं में आजमाया जा सकता है। पिछले एक साल से टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों में मैच समय देने और उनकी प्रतिक्रिया परखने की कोशिश कर रहा है।
एशियन गेम्स और आगे नवंबर में टेस्ट सीरीज की तैयारियों के कारण कुछ खिलाड़ियों को अलग-अलग समय पर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में टीम अपनी स्क्वॉड की गहराई भी जांचना चाहती है। ऐसे में आने वाली सीरीज युवा और दूसरे विकल्पों के लिए खुद को साबित करने का मौका भी होंगी। मोर्केल ने कहा कि विश्व कप तक जो भी खिलाड़ी मैदान पर उतरे, उसे टीम के अपेक्षित स्तर की जानकारी होनी चाहिए। उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया रविवार से ही शुरू हो रही है।
मोर्केल ने संकेत दिया कि वेस्टइंडीज के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी खिलाड़ियों को अलग-अलग भूमिकाओं में आजमाया जा सकता है। पिछले एक साल से टीम प्रबंधन खिलाड़ियों को अलग-अलग परिस्थितियों में मैच समय देने और उनकी प्रतिक्रिया परखने की कोशिश कर रहा है।
एशियन गेम्स और आगे नवंबर में टेस्ट सीरीज की तैयारियों के कारण कुछ खिलाड़ियों को अलग-अलग समय पर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में टीम अपनी स्क्वॉड की गहराई भी जांचना चाहती है। ऐसे में आने वाली सीरीज युवा और दूसरे विकल्पों के लिए खुद को साबित करने का मौका भी होंगी। मोर्केल ने कहा कि विश्व कप तक जो भी खिलाड़ी मैदान पर उतरे, उसे टीम के अपेक्षित स्तर की जानकारी होनी चाहिए। उनके मुताबिक, यह प्रक्रिया रविवार से ही शुरू हो रही है।