बिजनौर जिले के अमानगढ़ में जंगल सफारी में पर्यटन के लिए केवल दिन में ही अनुमति दी गई है। रात में जंगल में रुकने पर पाबंदी है। वहीं सूर्यास्त के बाद जंगल में रुकने और घूमने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके लिए केहरीपुर चौकी पर समय सारिणी भी चस्पा कर दी गई है।
अमानगढ़ की खास बातें: सिर्फ दिन में कर सकेंगे जंगल की सफारी, विदेशी पर्यटकों से वसूला जाएगा दोगुना शुल्क
शीतकालीन सत्र में सुबह साढ़े छह से सुबह दस बजे तक, दूसरी शिफ्ट में दोपहर दो से सूर्यास्त तक ही जंगल में घूमने की अनुमति होगी। इसी तरह ग्रीष्मकालीन सत्र में सुबह छह से साढ़े नौ बजे तक, दोपहर तीन बजे से सूर्यास्त तक पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि पर्यटकों को इन नियमों का पता रहे, इसके लिए पूरी सूचना चस्पा कराई गई है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही रात में यदि कोई घूमता है या जंगल में रुकने का प्रयास करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
विदेशी पर्यटकों से दोगुना वसूला जाएगा शुल्क
अमानगढ़ में पर्यटन शुरू करने के लिए जो रेट लिस्ट लगाई गई है, उसमें विदेशियों से दोगुना प्रवेश शुल्क वसूलने का नियम बनाया गया है। केहरीपुर जंगल इको विकास समिति द्वारा जो जिप्सी संचालित की जा रही है, इसके लिए पर्यटकों को 2280 रुपये चुकाने होंगे। वहीं यदि कोई पर्यटक वाहन के साथ प्रवेश करता है तो प्रत्येक से 300 रुपये प्रति वाहन और 100 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले जाएंगे। विदेशी नागरिक के लिए प्रति व्यक्ति 600 रुपये लिए जाएंगे। गाइड के 400 रुपये चुकाने होंगे।
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जारी किया पर्यटन का लोगो
वन विभाग ने अमानगढ़ में जंगल सफारी का लोगो भी जारी कर दिया है। लोगो में बाघ और हाथी को जगह दी गई है। इसके साथ ही केहरीपुर चौकी पर ही पूरे अमानगढ़ का मानचित्र और वहां मौजूद वन्य व वनस्पति संपदा की जानकारी भी दी गई है। इसका मकसद पर्यटकों को अमानगढ़ के प्रति उत्साह बढ़ाना है।
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