पिछले एक दशक से चला आ रहा इंतजार मंगलवार को समाप्त हो गया। अमानगढ़ में जंगल सफारी के लिए पर्यटन सत्र का शुभारंभ कर दिया गया। इससे पहले केहरीपुर चौकी पर हवन कराया गया। इसके बाद पर्यटकों के लिए आई जिप्सी को जंगल में प्रवेश दिया गया।
मंगलवार को प्रदेश के दुधवा, पीलीभीत, कतर्नियाघाट के साथ अमानगढ़ में भी पर्यटन सत्र का शुभारंभ किया गया। यह पहला मौका है जब अमानगढ़ पर्यटकों के लिए खोल दिया गया।
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अमानगढ़।
- फोटो : amar ujala
इस मौके पर वन विभाग के वन संरक्षक रमेश चंद्रा, डीएफओ डॉ. अनिल पटेल, एसडीओ ज्ञान समेत तमाम अफसर कार्यक्रम में आए। अमानगढ़ में पर्यटन के महत्व को समझाया गया।
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अमानगढ़।
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विधायक सुशांत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर पर्यटकों के लिए आई जिप्सी को जंगल सफारी के लिए रवाना किया। इस मौके पर अफसरों और विधायक ने अमानगढ़ में जंगल सफारी भी की। विधायक सुशांत सिंह ने कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।
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अमानगढ़।
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डीएफओ डॉ. अनिल पटेल ने कहा कि अमानगढ़ प्रदेश का सबसे बड़ा तीसरा टाइगर रिजर्व है। 2012 में अमानगढ़ को बाघ आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। वन संरक्षक मुरादाबाद रमेश चंद्र ने भाजपा विधायक को हाथी की प्रतिमा भेंट की।
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अमानगढ़ में जंगल सफारी शुरू।
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इस मौके पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार बबली, एसडीएम धामपुर मनोज कुमार सिंह, एसपी पूर्वो धर्म सिंह मार्छाल, सीओ अफजलगढ़ भरत सोनकर, रेंजर राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।