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बाइकों की भिड़ंत में दो की मौत
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 03 Dec 2015 12:21 AM IST
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नगीना/कोतवाली देहात। राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो बाइकों की आमने सामने की भिड़ंत में दो युवकों की मौत हो गई। जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना से मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा है।
बुधवार शाम कोटद्वार निवासी 30 वर्षीय जकीउर्रहमान बाइक से धामपुर से नगीना की ओर आ रहा था। शाम साढ़े पांच बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर अलीगढ़ गांव के पास मोड़ पर उसकी बाइक की टक्कर सामने से आ रही बढ़ापुर थाने के गांव नाईवाला निवासी अलीचंद के 20 वर्षीय बेटे हरवेंद्र की बाइक से हो गई।
भयानक टक्कर से दोनों सड़क पर तेजी से गिरे और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हरवेंद्र के साथ बाइक पर पीछे बैठा उसी के गांव का 18 वर्षीय प्रसून गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस को प्रसून ने अपना व हरवेंद्र के नाम बताए।
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वहीं जकीउर्रहमान को नजीबाबाद निवासी कुछ व्यक्तियों ने पहचाना। पुलिस ने मोबाइल से मिले नंबरों के आधार पर जकीउर्रमान के परिजनों को हादसे के बारे में बताया।
वहीं सूचना पर पहुंचे हरवेंद्र के परिजन उसके जिंदा होने की उम्मीद लेकर उसे नगीना में पीएचसी पर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रसून को नगीना में ही पीएचसी में भर्ती कराया गया है। वहीं, थाना कोतवाली देहात ग्राम बेगमपुर शादी उर्फ रामपुर निवासी 28 वर्षीय संजीव बाइक से कोतवाली से घर जा रहा था।
जैसे ही वह दाईपुरे के बाग के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे किसी वाहन की चपेट में आ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को कोतवाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां उसकी हालत गम्भीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल और बाद में मेरठ रेफर कर दिया गया।
वहीं, हादसे के बाद मौके पर एकत्र हुए राहगीरों का कहना था कि मोड़ पर ही अधिकतर हादसे होते हैं। मोड़ होने के बाद भी वाहन चालक अपने वाहनों की स्पीड कम नहीं करते, जिसके कारण ये हादसे हो रहे हैं।
हेलमेट पहने होते तो बच जाती जान
हादसे में मरने वाले जकीउर्रहमान और हरवेंद्र में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहने थे। दोनों ने अगर हेलमेट पहने होते तो हादसा शायद जानलेवा न होता।
हर रोज हो रहे हादसों के बावजूद वाहन चालक चेतने को तैयार नहीं हैं। जकीउर्रहमान बाइक से कोटद्वार से बिजनौर आया था। इतना लंबा सफर तय करने के बाद भी उसने हेलमेट लगाना जरूरी नहीं समझा। हादसे में मरे हरवेंद्र ने भी हेलमेट नहीं लगाया था।
दोनों के सिर में ही गंभीर चोट आई थी। अगर हेलमेट होते तो सिर पर लगने वाली चोट का प्रभाव बहुत ही कम रह जाता और दोनों मामूली रूप से ही घायल होते। मगर लापरवाही की कीमत उनको जान देकर चुकानी पड़ी।
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बुधवार शाम कोटद्वार निवासी 30 वर्षीय जकीउर्रहमान बाइक से धामपुर से नगीना की ओर आ रहा था। शाम साढ़े पांच बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर अलीगढ़ गांव के पास मोड़ पर उसकी बाइक की टक्कर सामने से आ रही बढ़ापुर थाने के गांव नाईवाला निवासी अलीचंद के 20 वर्षीय बेटे हरवेंद्र की बाइक से हो गई।
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भयानक टक्कर से दोनों सड़क पर तेजी से गिरे और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हरवेंद्र के साथ बाइक पर पीछे बैठा उसी के गांव का 18 वर्षीय प्रसून गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस को प्रसून ने अपना व हरवेंद्र के नाम बताए।
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वहीं जकीउर्रहमान को नजीबाबाद निवासी कुछ व्यक्तियों ने पहचाना। पुलिस ने मोबाइल से मिले नंबरों के आधार पर जकीउर्रमान के परिजनों को हादसे के बारे में बताया।
वहीं सूचना पर पहुंचे हरवेंद्र के परिजन उसके जिंदा होने की उम्मीद लेकर उसे नगीना में पीएचसी पर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मचा है। पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रसून को नगीना में ही पीएचसी में भर्ती कराया गया है। वहीं, थाना कोतवाली देहात ग्राम बेगमपुर शादी उर्फ रामपुर निवासी 28 वर्षीय संजीव बाइक से कोतवाली से घर जा रहा था।
जैसे ही वह दाईपुरे के बाग के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे किसी वाहन की चपेट में आ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को कोतवाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां उसकी हालत गम्भीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल और बाद में मेरठ रेफर कर दिया गया।
वहीं, हादसे के बाद मौके पर एकत्र हुए राहगीरों का कहना था कि मोड़ पर ही अधिकतर हादसे होते हैं। मोड़ होने के बाद भी वाहन चालक अपने वाहनों की स्पीड कम नहीं करते, जिसके कारण ये हादसे हो रहे हैं।
हेलमेट पहने होते तो बच जाती जान
हादसे में मरने वाले जकीउर्रहमान और हरवेंद्र में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहने थे। दोनों ने अगर हेलमेट पहने होते तो हादसा शायद जानलेवा न होता।
हर रोज हो रहे हादसों के बावजूद वाहन चालक चेतने को तैयार नहीं हैं। जकीउर्रहमान बाइक से कोटद्वार से बिजनौर आया था। इतना लंबा सफर तय करने के बाद भी उसने हेलमेट लगाना जरूरी नहीं समझा। हादसे में मरे हरवेंद्र ने भी हेलमेट नहीं लगाया था।
दोनों के सिर में ही गंभीर चोट आई थी। अगर हेलमेट होते तो सिर पर लगने वाली चोट का प्रभाव बहुत ही कम रह जाता और दोनों मामूली रूप से ही घायल होते। मगर लापरवाही की कीमत उनको जान देकर चुकानी पड़ी।