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आंगनबाड़ी केंद्रों की होगी त्रिस्तरीय निगरानी
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आंगनबाड़ी केंद्रों की होगी त्रिस्तरीय निगरानी
बिजनौर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल पुष्टाहार हर पात्र तक पहुंचाने के लिए त्रिस्तरीय निगरानी होगी। शासन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को योजनाओं के क्रियान्वयन से अपडेट रखने के लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराए हैं। विभाग कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने में जुटा है।
शासन ने ग्रामीण गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए पुष्टाहार वितरण का कार्यक्रम चला रखा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को ग्रामवार लाभार्थियों की संख्या, लाभार्थी के बारे में संपूर्ण विवरण आदि देना होता है। शासन को आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रहती हैं। शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे, इसके लिए विभाग ने कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन वितरित किए हैं। जिले में 3001 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। इनमें 2748 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को आंगनबाड़ी केंद्र तथा लाभार्थियों से जुड़ी करीब 14 जानकारी देनी होती हैं। बताया कि मोबाइल में एक सोफ्टवेयर डाला गया है। जिसमें कार्यकर्ता स्वयं ये जानकारी फीड करेगा।
बताया कि अब योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी त्रि स्तरीय होगी। हर कार्यकर्ता का मोबाइल ब्लाक, जिला एवं राज्य मुख्यालय से लिंक होगा। राज्य स्तरीय अधिकारी किसी भी केंद्र की आन स्पाट जानकारी ले सकते हैं। जिले में कार्यरत हर कार्यकर्ता कम से कम हाईस्कूल पास है। कहा कि कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण ब्लाक स्तर पर चल रहा है। प्रशिक्षण इसी सप्ताह पूरा हो जाएगा।
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1300 मोबाइल हो गए हैं एक्टिव
जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा ने बताया कि 2748 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मोबाइल दिए गए हैं। प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं ने मोबाइल से डाटा फीडिंग आदि का काम करना शुरू कर दिया है। सोफ्टवेयर से सारा काम हिंदी में होना है। अब तक 1300 कार्यकर्ता के मोबाइल एक्टिव हो गए हैं। जिला स्तर से रैंडम चेकिंग की जा रही है।
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बिजनौर। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बाल पुष्टाहार हर पात्र तक पहुंचाने के लिए त्रिस्तरीय निगरानी होगी। शासन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को योजनाओं के क्रियान्वयन से अपडेट रखने के लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराए हैं। विभाग कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने में जुटा है।
शासन ने ग्रामीण गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए पुष्टाहार वितरण का कार्यक्रम चला रखा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को ग्रामवार लाभार्थियों की संख्या, लाभार्थी के बारे में संपूर्ण विवरण आदि देना होता है। शासन को आंगनबाड़ी केंद्रों पर अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रहती हैं। शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुंचे, इसके लिए विभाग ने कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन वितरित किए हैं। जिले में 3001 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। इनमें 2748 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को आंगनबाड़ी केंद्र तथा लाभार्थियों से जुड़ी करीब 14 जानकारी देनी होती हैं। बताया कि मोबाइल में एक सोफ्टवेयर डाला गया है। जिसमें कार्यकर्ता स्वयं ये जानकारी फीड करेगा।
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बताया कि अब योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी त्रि स्तरीय होगी। हर कार्यकर्ता का मोबाइल ब्लाक, जिला एवं राज्य मुख्यालय से लिंक होगा। राज्य स्तरीय अधिकारी किसी भी केंद्र की आन स्पाट जानकारी ले सकते हैं। जिले में कार्यरत हर कार्यकर्ता कम से कम हाईस्कूल पास है। कहा कि कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण ब्लाक स्तर पर चल रहा है। प्रशिक्षण इसी सप्ताह पूरा हो जाएगा।
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1300 मोबाइल हो गए हैं एक्टिव
जिला कार्यक्रम अधिकारी नागेंद्र मिश्रा ने बताया कि 2748 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मोबाइल दिए गए हैं। प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं ने मोबाइल से डाटा फीडिंग आदि का काम करना शुरू कर दिया है। सोफ्टवेयर से सारा काम हिंदी में होना है। अब तक 1300 कार्यकर्ता के मोबाइल एक्टिव हो गए हैं। जिला स्तर से रैंडम चेकिंग की जा रही है।