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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Orders for trial on Tehsildar, mobilized Lekhpal across the district

Bijnor News: तहसीलदार पर मुकदमे के आदेश, लामबंद हुए लेखपाल

Wed, 01 Feb 2023 08:02 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Wed, 01 Feb 2023 08:02 PM IST
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Orders for trial on Tehsildar, mobilized Lekhpal across the district
बिजनौर में डीएम उमेश मिश्रा से वार्ता करते अधिकारी।
- सीजेएम ने लेखपाल और तहसीलदार सहित पांच पर रिपोर्ट दर्ज करने के दिए आदेश
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- लगातार दर्ज हो रही रिपोर्ट पर लेखपालों ने रखी हड़ताल, डीएम से मिले राजस्व विभाग के कर्मचारी
- कर्मचारियों के विभिन्न संगठन व पीसीएस अधिकारी भी उनके समर्थन में आ गए
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सीजेएम शारिब अली ने गांव गजरौला अचपल की महिला के प्रार्थनापत्र पर लेखपाल, तहसीलदार सहित पांच के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश थाना कोतवाली शहर पुलिस को दिया है। इस आदेश और लेखपालों के विरुद्ध लगातार हो रही रिपोर्ट से क्षुब्ध होकर जिलेभर के लेखपालों ने हड़ताल कर दी और कलक्ट्रेट में एकत्र हो गए। कर्मचारियों के विभिन्न संगठन व पीसीएस अधिकारी भी उनके समर्थन में आ गए। डीएम से वार्ता कर विरोध जताया गया। डीएम के आश्वासन के बाद सभी शांत हुए।
थाना कोतवाली शहर के गांव गजरौला अचपल निवासी नूरजहां ने सीजेएम न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि वह विधवा महिला है। उसके साथ सुभाष पुत्र सागर सिंह निवासी गजरौला अचपल ने हिंदू धर्म त्यागकर मुस्लिम धर्म अपनाकर शादी की थी। नाम बदलकर अब्दुल्ला खान रख लिया था। इस शादी से सुभाष के पिता भी खुश थे। शादी के बाद सुभाष उर्फ अब्दुल्ला से उसके एक पुत्र और एक पुत्री पैदा हुई। इसके बाद सुभाष उर्फ अब्दुल्ला की मृत्यु हो गई। वह अपने पिता का इकलौता पुत्र और वारिस था। जिस कारण उन्हें सागर सिंह की समस्त संपत्ति पर उसका व पुत्र-पुत्री का नाम आना चाहिए था। लेकिन सागर सिंह के परिवार व गांव के ही नरेश कुमार ने उनको बहला-फुसलाकर और मौत का भय दिखाकर एक वसीयत अपने पुत्र ललित व अमित के नाम दस्तावेज लेखक से हमसाज होकर फर्जी तौर से करा ली।
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सागर सिंह की वसीयत के आठ दिन बाद मृत्यु हो गई। जिसकी सूचना उसे दिए बिना ही ससुर का अंतिम संस्कार नरेश कुमार आदि ने कर दिया। समस्त संपत्ति का दाखिल खारिज बिना उसे नोटिस या सूचना दिए लेखपाल गजरौला अचपल पुनीत सागर व तहसीलदार से हमसाज होकर करा लिया। जब उसे अपने ससुर की मृत्यु की सूचना मिली और यह पता चला कि नरेश कुमार ने सागर सिंह की समस्त संपत्ति अपनी दूसरी पत्नी के साथ आए पुत्रों अमित और ललित के नाम करा ली है। प्रार्थनापत्र में आरोप लगाया कि पैसों के बल पर लेखपाल आदि से हमसाज होकर जमीन का दाखिल खारिज कराया गया है।
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पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कोर्ट ने इस मामले में प्रथम दृष्टया मामला संज्ञेय प्रकृति का होने, तथ्यों व परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सुसंगत धाराओं में नरेश कुमार, ललित, अमित, लेखपाल पुनीत सागर व तहसीलदार सदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश शहर कोतवाली पुलिस को दिए हैं।
लेखपालों ने रखी हड़ताल, डीएम से मिले
बिजनौर। अनेक मामलों में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज होने से क्षुब्ध होकर जिलेभर के लेखपाल मंगलवार को हड़ताल पर रहे। लेखपालों का समर्थन कलक्ट्रेट एसोसिएशन, राजस्व निरीक्षक, अमीन संघ, नायब तहसीलदार, तहसीलदार व पीसीएस संघ के अधिकारियों ने भी किया। एडीएम प्रशासन और एडीएम वित्त एवं राजस्व, पांचों एसडीएम व संघ के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम उमेश मिश्रा ने मिला। डीएम से वार्ता कर उन्हें एक मांग पत्र सौंपा। लेखपाल संघ की ओर से दिए गए पत्र में कहा गया है कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रहे हैं। ऐसे में उन पर मुकदमे दर्ज होते हैं तो कोई कैसे काम कर पाएगा। तहसीलदार व लेखपाल के विरुद्ध एफआईआर के आदेश बिल्कुल गलत हैं। ऐसे पांच मामले हो चुके हैं। जिसमें रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। चकरोड, नदी तक की पैमाइश व कब्जा हटाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर मुकदमे दर्ज हुए हैं। ऐसी स्थिति में वे काम करने में असमर्थ हो जाएंगे। लेखपालों की हड़ताल बहुत व्यापक रही। जिलेभर के लेखपाल दिनभर कलक्ट्रेट में जमा रहे। एडीएम, एसडीएम सहित अन्य अधिकारी भी उनके समर्थन में नजर आए। डीएम के मुरादाबाद मीटिंग में गए होने के कारण शाम को वापस आने के बाद वार्ता हुई। डीएम के आश्वासन पर लेखपाल वापस चले गए।



किसी के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा : डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि एडीएम, एसडीएम, लेखपाल संघ के कर्मचारी व अन्य संगठनों ने 156 (3) सीआरपीसी के तहत मुकदमा दर्ज होने का मामला उठाया है। किसी के साथ कुछ गलत नहीं होने दिया जाएगा। वार्ता के बाद उन्हें आश्वासन दिया गया है।
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