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मिलों की मुश्किल होगी कम, चीनी के दामों वृद्धि की संभावना
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मिलों की मुश्किल होगी कम, चीनी के दामों वृद्धि की संभावना
बिजनौर। किसानों और चीनी मिलों की परेशानी सितंबर या अक्तूबर में कम होती दिख रही है। चीनी के दामों में 200 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि होगी। इस संबंध में कैबिनेट से प्रस्ताव पास हो गया है। चीनी के दाम बढ़ने से मिलों को राहत मिलेगी और वे किसानों का भुगतान और समय से करेंगे।
पिछले साल गन्ने की बंपर पैदावार व चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। चीनी के दाम इससे नीचे गिरे तो रही सही कसर लॉकडाउन ने पूरी कर दी। केंद्र सरकार ने चीनी के न्यूनतम दाम 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखे हैं। लॉकडाउन में चीनी खपत मात्र दस प्रतिशत ही रह गई। खपत कम होने से दाम न्यूनतम स्तर पर पहुुंच गए। अब तक चीनी के दाम ज्यादा नहीं सुधर रहे हैं। चीनी के दाम 3250 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं। चीनी मिलों के अफसरों के अनुसार एक क्विंटल चीनी बनाने में 3500 रुपये तक खर्च होते हैं। मिल चीनी के दाम 3300 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे थे। चीनी के दाम तो कम हैं ही उसका उठान भी नहीं हो रहा है। पिछले महीने बिजनौर चीनी मिल का जितना कोटा सरकार ने बेचने के लिए निर्धारित किया था उसमें छह हजार क्विंटल चीनी नहीं बिक पाई। केंद्र सरकार ने चीनी के दामों में वृद्धि करने का फैसला कर लिया है। इस संबंध में कैबिनेट से प्रस्ताव पास हो गया है। चीनी के दाम 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 3300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिए जाएंगे।
उद्योग को बचाने को चीनी के दाम बढ़ने जरूरी
बरकातपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक गन्ने का दाम बढ़ाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मुहर लगने की सूचना मिली है। चीनी उद्योग को बचाने के लिए चीनी के दामों में वृद्धि होनी जरूरी है। चीनी के दामों में जल्दी वृद्धि होनी चाहिए।
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बिजनौर। किसानों और चीनी मिलों की परेशानी सितंबर या अक्तूबर में कम होती दिख रही है। चीनी के दामों में 200 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि होगी। इस संबंध में कैबिनेट से प्रस्ताव पास हो गया है। चीनी के दाम बढ़ने से मिलों को राहत मिलेगी और वे किसानों का भुगतान और समय से करेंगे।
पिछले साल गन्ने की बंपर पैदावार व चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ। चीनी के दाम इससे नीचे गिरे तो रही सही कसर लॉकडाउन ने पूरी कर दी। केंद्र सरकार ने चीनी के न्यूनतम दाम 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित कर रखे हैं। लॉकडाउन में चीनी खपत मात्र दस प्रतिशत ही रह गई। खपत कम होने से दाम न्यूनतम स्तर पर पहुुंच गए। अब तक चीनी के दाम ज्यादा नहीं सुधर रहे हैं। चीनी के दाम 3250 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं। चीनी मिलों के अफसरों के अनुसार एक क्विंटल चीनी बनाने में 3500 रुपये तक खर्च होते हैं। मिल चीनी के दाम 3300 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग कर रहे थे। चीनी के दाम तो कम हैं ही उसका उठान भी नहीं हो रहा है। पिछले महीने बिजनौर चीनी मिल का जितना कोटा सरकार ने बेचने के लिए निर्धारित किया था उसमें छह हजार क्विंटल चीनी नहीं बिक पाई। केंद्र सरकार ने चीनी के दामों में वृद्धि करने का फैसला कर लिया है। इस संबंध में कैबिनेट से प्रस्ताव पास हो गया है। चीनी के दाम 200 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 3300 रुपये प्रति क्विंटल कर दिए जाएंगे।
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उद्योग को बचाने को चीनी के दाम बढ़ने जरूरी
बरकातपुर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक गन्ने का दाम बढ़ाने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मुहर लगने की सूचना मिली है। चीनी उद्योग को बचाने के लिए चीनी के दामों में वृद्धि होनी जरूरी है। चीनी के दामों में जल्दी वृद्धि होनी चाहिए।
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