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नहीं निपटा मंदिर पर लाउडस्पीकर का विवाद

Sun, 09 Apr 2017 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sun, 09 Apr 2017 12:10 AM IST
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Loudspeaker controversy over temple not dealt
अधिकारियों की मौजूदगी में हाथ मिलाते हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग। - फोटो : अमर उजाला
नजीबाबाद में जोगीरम्पुरी के प्राचीन शिव मंदिर पर लाउडस्पीकर को लेकर खड़ा हुआ विवाद शनिवार को भी नहीं निपट सका। अब इस मामले में रविवार (आज) को वार्ता होगी।
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राम नवमी पर हिंदू समुदाय ने मंदिर के ऊपर लाउडस्पीकर लगाकर पूजा-अर्चना की थी। शाम को प्रशासन ने लाउडस्पीकर उतरवा दिया था। इसके बाद से प्रशासन और मंदिर समिति पक्ष के लोगों की कई दौर की वार्ता हो चुकी है। शुक्रवार को हिंदू समुदाय के लोगों ने अपने मकानों पर ‘बिकाऊ है’ लिखकर प्रशासन को पलायन करने के संकेत दिए थे।
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शनिवार को नगीना देहात धाने में सुबह 11 बजे से एसडीएम वीके सिंह, नगीना सीओ अशोक कुमार की उपस्थिति में सुबह 11 बजे से दिनभर समझौता वार्ता चली। इसमें मंदिर समिति की ओर से हिंदू युवा वाहिनी के मंडलाध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह, नीरज विश्नोई, मंदिर समिति अध्यक्ष डॉ. दयाराम सैनी, भाजपा नेता राजीव अग्रवाल, पीयूष अग्रवाल, अजीत चौहान, गिरिराज सिंह, बिट्टू थे। मुस्लिम समुदाय की ओर से ग्राम प्रधान मो. रफी, मौलवी लईक, मो. फहीम, सुल्तान अहमद, इमामुद्दीन, शाहिद कुरैैशी, हाफिज कसीम सहित कई       लोग आए।
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वार्ता के दौरान मंदिर पर लाउडस्पीकर लगाने के संबंध कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी। इनमें नवरात्र, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, शिवरात्रि पर मंदिर के ऊपर लाउडस्पीकर से धार्मिक कार्यक्रम प्रसारित होने, रोज सुबह-शाम 20-20 मिनट तक भजन-आरती आदि कार्यक्रम मंदिर परिसर में ही नीचे एंप्लीफायर के माध्यम से करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों के लोगों ने हाथ मिलाकर इस पर सहमति जताई और मिठाई भी बांट दी, लेकिन अचानक गांव के कुछ लोगों ने मंदिर समिति के अध्यक्ष को फोन कर फैसले पर आपत्ति जता दी। इससे समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो सके और समिति अध्यक्ष गांव चले गए।


हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने पुन: मंदिर समिति अध्यक्ष और फैसले पर असहमत होने वाले ग्रामीणों को समझाकर वार्ता शुरू कराई। मंगलवार को आरती-भजन की अवधि 40 मिनट किए जाने पर भी सहमति बनी, लेकिन समाधान एक दिन के लिए फिर टल गया। दोनों पक्षों ने  समुदाय के लोगों के बीच फैसला रखकर सहमति लेने के बाद रविवार (आज) सुबह 10 बजे फिर प्रशासन के साथ बैठने का निर्णय लिया है।

 
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