{"_id":"58b5cba94f1c1b5d1c83095a","slug":"in-order-to-file-a-report-against-the-dentist-couple","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टर दंपति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डॉक्टर दंपति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Mar 2017 12:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में अपर सीजेएम चंचल ने महिला के आपरेशन में लापरवाही बरतने के आरोपी डॉक्टर दंपति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी विवेचना का आदेश थाना नूरपुर पुलिस को दिए।
थाना नूरपुर के ग्राम पुरैना निवासी सहेंद्र ने अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा है कि छह सितंबर 2016 को उसकी पत्नी की तबियत खराब हुई, वह अपनी पत्नी को लेकर नूरपुर के पंचशील नर्सिंग होम पर आया। वहां चिकित्सक शैफाली गुप्ता ने उसकी पत्नी को देखकर कहा कि उसका तुरंत आपरेशन करना पड़ेगा। अगर तुरंत आपरेशन नहीं कराया तो मंजू व उसके बच्चे को खतरा है। इस पर सहेंद्र ने आपरेशन की सहमती दे दी। डॉक्टर शैफाली ने बीस हजार रुपये जमा कराए और मंजू का आपरेशन कर दिया। आपरेशन से मंजू को बेटा पैदा हुआ। चिकित्सक ने बच्चे की तबियत खराब बताई और उसे इलाज के लिए बाहर ले जाने को कहा। आरोप है कि डॉक्टर दंपति की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हो गई। आपरेशन से मंजू के टांकों में इंफेक्शन हो गया और उसकी तबियत खराब हो गई। जब उसकी पत्नी की तबियत में सुधार नहीं हुआ, तो उसने चांदपुर के एक चिकित्सक को दिखाया। 22 अक्तूबर 2016 को उसने बिजनौर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज कराया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि आपरेशन में लापरवाही के कारण मंजू की हालत बिगड़ी है। जब उसने नूरपुर केे डॉक्टर दंपति से इलाज में हुई लापरवाही की बात कहते हुए खर्च हुए डेढ़ लाख की भरपाई करने की बात कही, तो डॉक्टर केजी गुप्ता ने अपनी रिवाल्वर से उस पर फायर किया, जिससे वह बाल-बाल बचा। इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का होना पाए जाने पर डॉक्टर शैफाली गुप्ता और उसके पति केजी गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए है।
विज्ञापन
थाना नूरपुर के ग्राम पुरैना निवासी सहेंद्र ने अदालत में दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा है कि छह सितंबर 2016 को उसकी पत्नी की तबियत खराब हुई, वह अपनी पत्नी को लेकर नूरपुर के पंचशील नर्सिंग होम पर आया। वहां चिकित्सक शैफाली गुप्ता ने उसकी पत्नी को देखकर कहा कि उसका तुरंत आपरेशन करना पड़ेगा। अगर तुरंत आपरेशन नहीं कराया तो मंजू व उसके बच्चे को खतरा है। इस पर सहेंद्र ने आपरेशन की सहमती दे दी। डॉक्टर शैफाली ने बीस हजार रुपये जमा कराए और मंजू का आपरेशन कर दिया। आपरेशन से मंजू को बेटा पैदा हुआ। चिकित्सक ने बच्चे की तबियत खराब बताई और उसे इलाज के लिए बाहर ले जाने को कहा। आरोप है कि डॉक्टर दंपति की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हो गई। आपरेशन से मंजू के टांकों में इंफेक्शन हो गया और उसकी तबियत खराब हो गई। जब उसकी पत्नी की तबियत में सुधार नहीं हुआ, तो उसने चांदपुर के एक चिकित्सक को दिखाया। 22 अक्तूबर 2016 को उसने बिजनौर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज कराया, जहां चिकित्सकों ने बताया कि आपरेशन में लापरवाही के कारण मंजू की हालत बिगड़ी है। जब उसने नूरपुर केे डॉक्टर दंपति से इलाज में हुई लापरवाही की बात कहते हुए खर्च हुए डेढ़ लाख की भरपाई करने की बात कही, तो डॉक्टर केजी गुप्ता ने अपनी रिवाल्वर से उस पर फायर किया, जिससे वह बाल-बाल बचा। इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का होना पाए जाने पर डॉक्टर शैफाली गुप्ता और उसके पति केजी गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए है।
विज्ञापन