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हनी ट्रैप में फंसाकर ठगी करने वाले धरे

Fri, 07 Dec 2018 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर Updated Fri, 07 Dec 2018 12:28 AM IST
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Huggers cheat in Honey Trap
ठगी करने वाले आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसपी। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में नजीबाबाद पुलिस ने देशभर में हनी ट्रैप का जाल बिछाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को दबोचा है। गैंग फेसबुक पर विदेशी महिलाओं से बात कराकर मिलवाने के नाम पर बैंक खातों में लोगों से रुपये डलवाकर ठगी करते थे। पुलिस ने गैंग के पास से पांच लाख 15 हजार रुपये, 30 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, आठ मोबाइल, पांच चेक बुक बरामद किए हैं। गैंग का सरगना फरार है। पुलिस सरगना समेत गैंग के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक 24 नवंबर को नजीबाबाद निवासी शहजाद अहमद ने थाने आकर लिखित सूचना दी कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया साइट पर एक विदेशी महिल रोज डेनियल से उसकी लगातार चैटिंग चल रही थी। इस दौरान महिला ने शहजाद से अंतरंग बातें करके उसके अपने जाल में फंसा लिया। वह महिला पर विश्वास करने लगा। महिला ने शहजाद को बताया कि वह विदेश में है और उससे मिलने के लिए भारत आ रही है। महिला ने फ्लाइट के टिकट व्हाट्स एप पर भेजे जो इंग्लैंड से मुंबई आने के थे।
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शहजाद को महिला पर पूर्ण विश्वास हो गया। वह 19 नवंबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर महिला को रिसीव करने चला गया। इस दौरान मुंबई से उसके मोबाइल पर एक कॉल आई और कहा गया कि विदेश से उसकी महिला दोस्त आई है। उसके पास ज्यादा सामान है। सामान को क्लीयर करने के लिए महिला के पास इंडियन करेंसी कम है। शहजाद को आईसीआईसीआई बैंक का एकाउंट देकर पांच लाख रुपये जमा करने को कहा गया। शहजाद ने एकाउंट में पैसा जमा कर दिया। रिसीविंग एक इंडियन कस्टम सर्विसेज के पत्र द्वारा शहजाद की मेल आईडी पर भेज दी गई। शहजाद से फिर से नौ लाख रुपये जमा करने को कहा गया। तब जाकर शहजाद को ऑन लाइन हनी ट्रैप में फंसने का शक हुआ। उसने नजीबाबाद थाने में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस इस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई।       इस दौरान शहजाद द्वारा दिए गए एकाउंट व फोन नंबरों की जांच के दौरान यह बात प्रकाश में आई कि यह ऑनलाइन हनी ट्रैपिंग करने वाला   गैंग है, जो पूरे देश में ऑन लाइन सोशल नेटवर्किंग साइट पर पुरुषों को इसी प्रकार महिलाओं के नाम पर चैटिंग करके उनसे मिलने के नाम   पर बेवकूफ बनाकर करोड़ों रुपये ऐंठ रहा है। यह गैंग रोजाना विभिन्न एकाउंट नंबरों में रुपये डलवाकर    देश व प्रदेश में उन्हें एटीएम  कार्ड    से निकलवा लेता है। जिन एकाउंट में पैसा मंगवाया जाता है वे सभी गैंग के सदस्य हैं।
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बिजनौर में एसपी ने बताया कि नजीबाबाद पुलिस ने बुधवार को गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद बार्डर से गैंग के चार सदस्यों को दबोच लिया। पकड़े गए गैंग से पुलिस ने 5.15 लाख रुपये, 30 एटीएक कार्ड, एक लैपटॉप, आठ मोबाइल, चार आधार कार्ड, पांच चेकबुक, तीन ब्लैंक चेक, दो पासबुक, दो ड्राइविंग लाइसेंस, दो मुहर बरामद हुए हैं।
   पकड़े गए गैंग के सदस्यों में थाना खारगार मुंबई निवासी शमशुद्दीन रईस अहमद सिद्दीकी, लोटस कॉलोनी गोंवडी शिवाजीनगर महाराष्ट्र निवासी साबिर अब्दुल सत्तार शेख, काशीबाई चाल भीमबाड़ी एसएमडी रोड मुंबई निवासी आरिफ इकबाल फनसोपकर, राहुल नगर शिवड़ी रोड महाराष्ट्र निवासी दिनेश राजेंद्र जैसवार हैं। पूछताछ के दौरान गैंग के सदस्यों ने बताया कि गैंग का मास्टर माइंड गुरु उर्फ गुरिंद्रर उर्फ गुरविंदर है। वह अपने गिरोह के सदस्य मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी हेमंत, धर्मेंद्र पांडेय, कलकत्ता निवासी दीपक के साथ मिलकर पूरे देश में गैंग को चला रहा है। उसके गैंग में महिलाएं भी शामिल हैं। गैंग को दबोचने वाली टीम में नजीबाबाद कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह धामा, अपराध निरीक्षक मदनमोहन चतुर्वेदी, दरोगा उदयप्रताप सिंह, रामवीर सिंह,    संजय कुमार, जुगेंद्र सिंह तेवतिया, सिपाही रोहित राणा, अमित कुमार, विपिन मान शामिल रहे।

विदेशी नंबर का भी करते थे प्रयोग
एसपी ने बताया कि गैंग विभिन्न प्रदेशों में मोबाइल नंबर के साथ नेट कॉलिंग के माध्यम से विदेशी नंबरों का भी प्रयोग करता है। गैंग रोजाना 40 से 50 लाख रुपये सोशल नेटवर्किंग साइटों पर लोगों को बेवकूफ बनाकर ठगता है। गैंग के इस्तेमाल किए गए सभी बैंक खातों की गहन छानबीन की जा रही है। गैंग सरगना व अन्य सदस्यों को दबोचने के लिए पुलिस की अलग से टीम गठित कर दी गई है। यह पता किया जा रहा है कि विदेशी महिला बनकर कौन महिला लोगों को बेवकूफ बनाती है। एसपी ने बताया कि फेसबुक पर सुंदर महिला का फोटो लगा होता है।

गैंग के बाकी सदस्यों तक पहुंचने के लिए एटीएस की ली जाएगी मदद
एसपी ने बताया कि गैंग के बाकी सदस्यों तक पहुंचने के लिए एटीएस     की मदद ली जाएगी। एटीएस को इस काम में लगाया जाएगा। इसके लिए आला अफसरों को पत्र लिखा जा रहा है। एटीएस आसनी से गैंग के बाकी सदस्यों तक पहुंच सकती है। पुलिस की टीम भी इस काम में लगी रहेंगी।   गैंग का पूरी तरह से जाल तोड़ने की तैयारी कर ली गई है। गैंग ने दिल्ली में अपना ठिकाना बना रखा था। गैंग के सदस्य गाजियाबाद तक आते-जाते   रहते थे। दिल्ली में ही पूरा गैंग सक्रिय था। केवल मोबाइल के जरिये गैंग     का पूरा काम चल रहा था। पकड़े गए गैंग के सदस्य भी आपस में बहुत    कम मिलते जुलते थे।

किसी ने नहीं देखा सरगना
पकड़े गए गैंग के सदस्यों में शमशुद्दीन को छोड़कर कोई भी गैंग के सरगना से नहीं मिला है। केवल एक बार शमशुद्दीन की दिल्ली में गैंग के सरगना गुरविंदर से मुलाकात हुई है। बाकी सदस्यों को सरगना मोबाइल पर अपना हुकुम सुनाता था। जो वह कहता था गैंग के सदस्य वही काम करते थे। पुलिस मान रही है कि इस गैंग से करीब 30 लोग जुड़े होंगे। रोजाना गैंग लाखों रुपये के वारे न्यारे कर रहा था।
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