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पुलिस ने मंजीत हत्याकांड में तीनों हत्यारोपियों को दबोचा
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मंजीत के तीनों हत्यारे को पुलिस ने दबोचा
बिजनौर। नहटौर पुलिस ने सरदार मंजीत सिंह के तीनों हत्यारोपी को दबोच लिया है। मंजीत को पहले गोली मारने के बाद चाकू से ताबड़तोड़ वार करके हत्या की गई थी। दोस्त की बहन से प्रेम संबंध होने पर युवती के भाई ने दो साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक नगीना थाने के गांव बघाला निवासी विचित्र सिंह का बेटा सरदार मंजीत सिंह नहटौर के गांव पुट्ठा में मकान बनाकर रह रहा था। गांव के ही सोहित के जंगल की जमीन ढाई लाख रुपये में लेकर उसने मकान बनाया था। इस दौरान सोहित से उसकी गहरी दोस्ती हो गई। मंजीत का सोहित के घर खूब आनाजाना हो गया। चार माह पहले से मंजीत मकान बना रहा था। इस दौरान मंजीत के सोहित की बहन से प्रेम संबंध हो गए। पुलिस के मुताबिक एक माह पहले सोहित ने मंजीत को अपनी बहन के साथ घर में देख लिया, तभी से उसने मंजीत को ठिकाने लगाने का ताना बाना बुनना शुरू कर दिया। सोहित ने गांव के ही अपने साथी पारुल व प्रशांत उर्फ छोटू के साथ मिलकर मंजीत को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। 25 जनवरी को तीनों ने मंजीत को नहटौर बुलाकर शराब पिलाई। धामपुर रोड पर एक ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद चारों घूमते हुए गांव बढ़ियोवाला के जंगल में ले जाकर पहले कनपटी पर गोली मारी और मंजीत के नीचे गिरने पर चाकू व फावड़े से ताबड़तोड़ वार करके उसकी हत्या कर दी। शव को बढ़ियोवाला निवासी जिराज के खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया। कुछ दूरी पर मृतक का मोबाइल भी दबा दिया। जंगल में खून के धब्बे देख गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने पहले मोबाइल और बाद में जमीन में दबा मंजीत का शव निकाला। मोबाइल पर मंजीत की पत्नी की कॉल आने पर मंजीत की लाश की पहचान हुई। पुलिस ने तीनों हत्यारोपी सोहित, पारूल, प्रशांत उर्फ छोटू को दबोच लिया है। तीनों हत्यारोपी के पास से 315 बोर का एक तमंचा, एक खोखा, एक चाकू, हत्या में प्रयुक्त दो बाइक, फावड़ा बरामद किया है। एसपी के मुताबिक तीनों हत्यारोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि सोहित की बहन से मंजीत सिंह के प्रेम संबंधों के कारण उन्होंने मंजीत की हत्या की है।
ससुराल से मिले पैसे से बना रहा था मकान
नहटौर थाने के प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार के मुताबिक मंजीत की पंजाब में ससुराल है। सास-ससुर की मौत हो चुकी है। दो छोटे साले हैं। ससुराल वालों की जमीन में रेलवे लाइन निकल रही है। सबसे छोटे साले के हिस्से में 30 लाख रुपये आए थे। छोटे साले ने मंजीत की पत्नी के पास रहने की इच्छा जाहिर की। उसके हिस्से का पैसा भी मंजीत को मिल गया। उस पैसे से मंजीत गांव पुट्ठा में सोहित की जमीन खरीदकर मकान बनवा रहा था। कोतवाल के मुताबिक सोहित के घर मंजीत खूब आता जाता था। सोहित व परिवार के अन्य सदस्यों पर भी खूब धन लूटा रहा था। उनकी खूब खातिरदारी की जा रही थी। मंजीत को इस बात का नहीं पता था कि उसकी प्रेम कहानी का सोहित के परिवारवालों को पता चल गया है। वह गुपचुप तरीके से अपना खेल खेल रहा था। सोहित ने भी मंजीत को यह शक नहीं होने दिया कि उसे सब कुछ पता चल चुका है।
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बिजनौर। नहटौर पुलिस ने सरदार मंजीत सिंह के तीनों हत्यारोपी को दबोच लिया है। मंजीत को पहले गोली मारने के बाद चाकू से ताबड़तोड़ वार करके हत्या की गई थी। दोस्त की बहन से प्रेम संबंध होने पर युवती के भाई ने दो साथियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक नगीना थाने के गांव बघाला निवासी विचित्र सिंह का बेटा सरदार मंजीत सिंह नहटौर के गांव पुट्ठा में मकान बनाकर रह रहा था। गांव के ही सोहित के जंगल की जमीन ढाई लाख रुपये में लेकर उसने मकान बनाया था। इस दौरान सोहित से उसकी गहरी दोस्ती हो गई। मंजीत का सोहित के घर खूब आनाजाना हो गया। चार माह पहले से मंजीत मकान बना रहा था। इस दौरान मंजीत के सोहित की बहन से प्रेम संबंध हो गए। पुलिस के मुताबिक एक माह पहले सोहित ने मंजीत को अपनी बहन के साथ घर में देख लिया, तभी से उसने मंजीत को ठिकाने लगाने का ताना बाना बुनना शुरू कर दिया। सोहित ने गांव के ही अपने साथी पारुल व प्रशांत उर्फ छोटू के साथ मिलकर मंजीत को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। 25 जनवरी को तीनों ने मंजीत को नहटौर बुलाकर शराब पिलाई। धामपुर रोड पर एक ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद चारों घूमते हुए गांव बढ़ियोवाला के जंगल में ले जाकर पहले कनपटी पर गोली मारी और मंजीत के नीचे गिरने पर चाकू व फावड़े से ताबड़तोड़ वार करके उसकी हत्या कर दी। शव को बढ़ियोवाला निवासी जिराज के खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया। कुछ दूरी पर मृतक का मोबाइल भी दबा दिया। जंगल में खून के धब्बे देख गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने पहले मोबाइल और बाद में जमीन में दबा मंजीत का शव निकाला। मोबाइल पर मंजीत की पत्नी की कॉल आने पर मंजीत की लाश की पहचान हुई। पुलिस ने तीनों हत्यारोपी सोहित, पारूल, प्रशांत उर्फ छोटू को दबोच लिया है। तीनों हत्यारोपी के पास से 315 बोर का एक तमंचा, एक खोखा, एक चाकू, हत्या में प्रयुक्त दो बाइक, फावड़ा बरामद किया है। एसपी के मुताबिक तीनों हत्यारोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि सोहित की बहन से मंजीत सिंह के प्रेम संबंधों के कारण उन्होंने मंजीत की हत्या की है।
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ससुराल से मिले पैसे से बना रहा था मकान
नहटौर थाने के प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार के मुताबिक मंजीत की पंजाब में ससुराल है। सास-ससुर की मौत हो चुकी है। दो छोटे साले हैं। ससुराल वालों की जमीन में रेलवे लाइन निकल रही है। सबसे छोटे साले के हिस्से में 30 लाख रुपये आए थे। छोटे साले ने मंजीत की पत्नी के पास रहने की इच्छा जाहिर की। उसके हिस्से का पैसा भी मंजीत को मिल गया। उस पैसे से मंजीत गांव पुट्ठा में सोहित की जमीन खरीदकर मकान बनवा रहा था। कोतवाल के मुताबिक सोहित के घर मंजीत खूब आता जाता था। सोहित व परिवार के अन्य सदस्यों पर भी खूब धन लूटा रहा था। उनकी खूब खातिरदारी की जा रही थी। मंजीत को इस बात का नहीं पता था कि उसकी प्रेम कहानी का सोहित के परिवारवालों को पता चल गया है। वह गुपचुप तरीके से अपना खेल खेल रहा था। सोहित ने भी मंजीत को यह शक नहीं होने दिया कि उसे सब कुछ पता चल चुका है।
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