{"_id":"48-79464","slug":"Bijnor-79464-48","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलालपुर छोईया के लाल का धमाल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलालपुर छोईया के लाल का धमाल
Bijnor
Updated Wed, 12 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर। प्रतिभाएं छिपती नहीं हैं। जनपद के गांव जलालपुर छोईया निवासी राहुल चौधरी ने ये बात साबित कर दी है। प्रो कबड्डी लीग में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाले राहुल चौधरी का चयन बीच कबड्डी एशियन गेम्स में टीम इंडिया के लिए हो गया है। इस साल यूपी से केवल राहुल चौधरी का ही चयन हुआ है। इंडिया टीम में चयनित होने वाला राहुल जनपद का पहला खिलाड़ी है।
जलालपुर छोईया कबड्डी के लिए जाना जाता है। राहुल ने भी गांव में ही शौक-शौक में कबड्डी खेलनी शुरू की थी। कुछ साल पूर्व उसने प्रैक्टिस के लिए नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम आना शुरू किया और खेल प्रतिभा निखरती गई। उसके बड़े भाई रोहित चौधरी व कबड्डी कोच भाभी अंशु चौधरी ने भी उसे खेल सुधारने के टिप्स दिए। राहुल का चयन लगातार दो साल से नेशनल प्रतियोगिता के लिए उत्तर प्रदेश की टीम में हो रहा है। इस साल पहली बार हुए प्रो कबड्डी लीग में उसे तेलुगू टाइटंस टीम ने आठ लाख रुपये में अधिकृत किया था। राहुल पूरे टूर्नामेंट में छाया रहा और सर्वाधिक अंकों के आधार पर उसे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। अक्तूबर में राहुल ने टीम में चयन के लिए बंगलूरू में कैंप किया था। प्रदर्शन के आधार पर राहुल का चयन टीम इंडिया में हो गया है। थाईलैंड में होने वाली प्रतियोगिता के लिए राहुल 16 नवंबर को टीम इंडिया के साथ रवाना होगा।
क्या है बीच कबड्डी
बीच कबड्डी समंदर किनारे रेत में खेली जाती है। इसलिए इसे बीच कबड्डी कहते हैं। इसमें दोनों टीमों में चार-चार खिलाड़ी रहते हैं। इसका मैदान आम कबड्डी के मैदान से काफी बड़ा होता है और इसके चारों ओर बाउंड्रीवॉल होती है। नियम के अनुसार खिलाड़ी को दूसरी टीम के पाले में जाकर रेड करनी ही होती है। रेड न करने पर विपक्षी टीम को अंक मिल जाता है। यह खेल सामान्य कबड्डी से काफी टफ होता है।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय कबड्डी कोच, प्रो कबड्डी लीग में दिल्ली दबंग टीम के मैनेजर व जिला कबड्डी संघ सचिव अरविंद कुमार कुमार का कहना है कि राहुल ने बढ़िया प्रदर्शन की बदौलत ये मुकाम हासिल किया है। उससे प्रेरणा लेकर जनपद की और भी कबड्डी प्रतिभाएं सामने आएंगी।
विज्ञापन
जलालपुर छोईया कबड्डी के लिए जाना जाता है। राहुल ने भी गांव में ही शौक-शौक में कबड्डी खेलनी शुरू की थी। कुछ साल पूर्व उसने प्रैक्टिस के लिए नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम आना शुरू किया और खेल प्रतिभा निखरती गई। उसके बड़े भाई रोहित चौधरी व कबड्डी कोच भाभी अंशु चौधरी ने भी उसे खेल सुधारने के टिप्स दिए। राहुल का चयन लगातार दो साल से नेशनल प्रतियोगिता के लिए उत्तर प्रदेश की टीम में हो रहा है। इस साल पहली बार हुए प्रो कबड्डी लीग में उसे तेलुगू टाइटंस टीम ने आठ लाख रुपये में अधिकृत किया था। राहुल पूरे टूर्नामेंट में छाया रहा और सर्वाधिक अंकों के आधार पर उसे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। अक्तूबर में राहुल ने टीम में चयन के लिए बंगलूरू में कैंप किया था। प्रदर्शन के आधार पर राहुल का चयन टीम इंडिया में हो गया है। थाईलैंड में होने वाली प्रतियोगिता के लिए राहुल 16 नवंबर को टीम इंडिया के साथ रवाना होगा।
विज्ञापन
क्या है बीच कबड्डी
बीच कबड्डी समंदर किनारे रेत में खेली जाती है। इसलिए इसे बीच कबड्डी कहते हैं। इसमें दोनों टीमों में चार-चार खिलाड़ी रहते हैं। इसका मैदान आम कबड्डी के मैदान से काफी बड़ा होता है और इसके चारों ओर बाउंड्रीवॉल होती है। नियम के अनुसार खिलाड़ी को दूसरी टीम के पाले में जाकर रेड करनी ही होती है। रेड न करने पर विपक्षी टीम को अंक मिल जाता है। यह खेल सामान्य कबड्डी से काफी टफ होता है।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय कबड्डी कोच, प्रो कबड्डी लीग में दिल्ली दबंग टीम के मैनेजर व जिला कबड्डी संघ सचिव अरविंद कुमार कुमार का कहना है कि राहुल ने बढ़िया प्रदर्शन की बदौलत ये मुकाम हासिल किया है। उससे प्रेरणा लेकर जनपद की और भी कबड्डी प्रतिभाएं सामने आएंगी।