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बोर्ड परीक्षा: असमंजश में परीक्षार्थी, बढ़ रही चिंता
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ज्ञानपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संभावित बोर्ड परीक्षा की तिथि स्पष्ट न होने से परीक्षार्थी असमंजस में हैं। नई तिथि निर्धारित न होने से उनकी परीक्षा की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे वे चिंतित हैं। कोरोना संक्रमण के कारण तीन बार परीक्षा टल चुकी है।
बोर्ड परीक्षा 2020-21 के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 24 अप्रैल से परीक्षाएं शुरू कराने का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया था। परीक्षा कार्यक्रम निर्धारित हो जाने के बाद हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट के 53,486 परीक्षार्थियों ने अपनी परीक्षा संबंधी तैयारियां शुरू कर दीं, लेकिन आयोग ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही 26 मार्च को पंचायत चुनाव का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया। जिसके कारण परीक्षा की तिथि टल गई। उसके बाद कोरोना की दूसरी लहर के कारण दो बार परीक्षाएं टल गई। फरवरी में होने वाली परीक्षा मई के पहले पखवारे में भी नहीं शुरू हो सकी जबकि इस समय रिजल्ट आने का समय होता था। परिषद की ओर से कोई निर्णय न लेने से परीक्षार्थी परेशान है। छात्र विपिन कुमार ने कहा कि पहले चुनाव के कारण अब कोरोना के कारण परीक्षा नहीं हो रही है। अभी तक कोई तिथि तय नहीं हो सकी। इससे उनकी चिंता बढ़ रही है।
छात्रा शिवानी ने भी परीक्षा शुरू न होने पर चिंता जताई। बताते चलें कि जिले में परीक्षा के लिए 92 केंद्रों का निर्धारण किया गया था। केंद्राध्यक्ष, जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तय हो चुके थे, लेकिन कोरोना के कारण परीक्षा लगातार टलती जा रही है। जीआईसी के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमार पाठक ने कहा कि सरकार को मार्च में ही बोर्ड परीक्षा कराना चाहिए थे। छात्र-छात्राओं के भविष्य को देखते हुए चुनाव को महीने भर टालना चाहिए था, पर ऐसा नहीं हो सका। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल गुप्ता ने कहा कि परीक्षा को लेकर अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। जैसे ही कोई निर्णय होगा परीक्षा शुरू कराई जाएगी।
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बोर्ड परीक्षा 2020-21 के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद ने 24 अप्रैल से परीक्षाएं शुरू कराने का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया था। परीक्षा कार्यक्रम निर्धारित हो जाने के बाद हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट के 53,486 परीक्षार्थियों ने अपनी परीक्षा संबंधी तैयारियां शुरू कर दीं, लेकिन आयोग ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही 26 मार्च को पंचायत चुनाव का कार्यक्रम निर्धारित कर दिया। जिसके कारण परीक्षा की तिथि टल गई। उसके बाद कोरोना की दूसरी लहर के कारण दो बार परीक्षाएं टल गई। फरवरी में होने वाली परीक्षा मई के पहले पखवारे में भी नहीं शुरू हो सकी जबकि इस समय रिजल्ट आने का समय होता था। परिषद की ओर से कोई निर्णय न लेने से परीक्षार्थी परेशान है। छात्र विपिन कुमार ने कहा कि पहले चुनाव के कारण अब कोरोना के कारण परीक्षा नहीं हो रही है। अभी तक कोई तिथि तय नहीं हो सकी। इससे उनकी चिंता बढ़ रही है।
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छात्रा शिवानी ने भी परीक्षा शुरू न होने पर चिंता जताई। बताते चलें कि जिले में परीक्षा के लिए 92 केंद्रों का निर्धारण किया गया था। केंद्राध्यक्ष, जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तय हो चुके थे, लेकिन कोरोना के कारण परीक्षा लगातार टलती जा रही है। जीआईसी के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमार पाठक ने कहा कि सरकार को मार्च में ही बोर्ड परीक्षा कराना चाहिए थे। छात्र-छात्राओं के भविष्य को देखते हुए चुनाव को महीने भर टालना चाहिए था, पर ऐसा नहीं हो सका। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल गुप्ता ने कहा कि परीक्षा को लेकर अभी तक कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। जैसे ही कोई निर्णय होगा परीक्षा शुरू कराई जाएगी।
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