कभी भारतीय कालीन निर्यातकों के लिए काफी लाभप्रद समझे जाने वाला डोमोटेक्स (हनोवर, जर्मनी) अगले वर्ष (2027) में नहीं होगा। इसके चलते कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सईपीसी) और भारतीय कालीन निर्यातक जर्मनी के ही फ्रैंकफर्ट में होने वाले हिमटेक्सटिल-2027 पर फोकस कर रहे हैं। हिमटेक्सटिल 12 से 15 जनवरी के बीच फ्रैंकफर्ट में होगा। दो वर्ष से कालीन निर्यातकों की रूची हिमटेक्स्टिल पर लगी हैं। दो वर्ष में इसकी रिपोर्ट अच्छी आने के बाद अधिकतर निर्यातक भदोही के कारपेट एक्सपो के साथ साथ फ्रैंकफर्ट में भी जाने की तैयारी कर रहे हैं। सीईपीसी के प्रशासनिक समिति के सदस्य इम्तीयाज अहमद ने बताया कि पहले डोमोटेक्स का काफी जोर हुआ करता था। लेकिन बीते कुछ वर्षों में डोमोटेक्स की साख गिरी है, जिससे दुनियां भर से हस्तशिल्प निर्यातकों और खरीदारों का रुझान घटने से डोमोटेक्स का आयोजन तक रद करना पड़ा। उन्होने बताया कि गत वर्ष डोमोटेक्स आयोजन के बीच भदोही के दर्जनो निर्यातकों ने फ्रैंकफर्ट के हिमटेक्स्टिल में हिस्सा लिया था।
ऐसा होने से भदोही के कालीन निर्यातक जिन्होंने हिमटेक्स्टिल में हिस्सा लिया उन्हें काफी अच्छा अनुभव हुआ इसके चलते इस वर्ष भी भदोही के निर्यातक फ्रैंकफर्ट में ही हिस्सा लेंगे। जबकि वर्ष 2027 का डोमोटेक्स किन्हीं कारणों से नहीं हो रहा है इसके लिए लोगों को जनवरी 2028 का इंतजार करना पड़ेगा।