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कालीन नगरी में 42.19 फीसदी लोग गरीब, मंडल में सबसे धनी जिला
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प्लान की खबर
कालीन नगरी में 42.19 फीसदी हैं गरीब, मंडल में सबसे धनी जिला
बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) की जारी रिपोर्ट में हुआ खुलासा
प्रदेश की रैंकिंग में जिले को मिला है 24वां स्थान, सोनभद्र 14वें व मिर्जापुर 22 वें पर
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। करीब 20 लाख की आबादी वाले जनपद भदोही को कभी डॉलर सिटी कहा जाता था। इस डॉलर सिटी में भी 42.19 फीसदी करीब हैं। नीति आयोग की ओर से जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। पता चला है कि भदोही से ज्यादा गरीबों वाले प्रदेश के 23 जनपद हैं। मंडल के अन्य दोनों जनपद मिर्जापुर व सोनभद्र में गरीबी भदोही की तुलना में ज्यादा है।
केंद्र सरकार के परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी होने वाले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-4 यानी एनएफएचएस 2015-16 की रिपोर्ट के आधार पर नीति आयोग ने मल्टी डाइमेंशनल इंडेक्स रिपोर्ट (एमपीआई) जारी किया है। देश के विभिन्न राज्यों की रिपोर्ट के साथ ही जनपदवार भी सूची जारी है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में श्रावस्ती जिले में जहां सबसे ज्यादा गरीब बताए गए हैं वहीं लखनऊ में सबसे कम। विंध्याचल मंडल के तीनों जनपदों सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही में भदोही की स्थिति सबसे अच्छी है। यहां 42.19 फीसदी ही गरीब हैं। ऐसे में जिले की प्रदेश में रैंकिंग 24वीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार सोनभद्र में 48.5 जबकि मिर्जापुर जिले में 42.73 फीसदी गरीबी है।
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इनसेट---
तीन कारकों से हुआ है आंकलन
नीति आयोग की ओर से जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक रिपोर्ट के अनुसार एनएफएचएस की 2015-16 की रिपोर्ट से आंकड़े लिए गए हैं। उसी आधार पर तीन समान महत्व के कारकों के आधार पर आंकलन किया गया है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की स्थिति देखी गई है। इसके लिए कुल 12 संकेतकों का इस्तेमाल हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार गरीब क्षेत्र में गरीबी की तिब्रता ज्यादा है और शहरी क्षेत्र में कम है।
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इन संकेतकों को बनाया गया आधार
रिपोर्ट के अनुसार एनएफएचएस-4, 2015-16 के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में 12 संकेतकों को आधार बनाया गया। इसमें प्रमुख रूप से पोषण की स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर, पोषण, स्कूल में उपस्थिति, स्कूली शिक्षा के वर्ष, पेयजल, स्वच्छता, आवास, बैंक खाते आदि शामिल है।
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कालीन नगरी में 42.19 फीसदी हैं गरीब, मंडल में सबसे धनी जिला
बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) की जारी रिपोर्ट में हुआ खुलासा
प्रदेश की रैंकिंग में जिले को मिला है 24वां स्थान, सोनभद्र 14वें व मिर्जापुर 22 वें पर
संवाद न्यूज एजेंसी
ज्ञानपुर। करीब 20 लाख की आबादी वाले जनपद भदोही को कभी डॉलर सिटी कहा जाता था। इस डॉलर सिटी में भी 42.19 फीसदी करीब हैं। नीति आयोग की ओर से जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। पता चला है कि भदोही से ज्यादा गरीबों वाले प्रदेश के 23 जनपद हैं। मंडल के अन्य दोनों जनपद मिर्जापुर व सोनभद्र में गरीबी भदोही की तुलना में ज्यादा है।
केंद्र सरकार के परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी होने वाले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे-4 यानी एनएफएचएस 2015-16 की रिपोर्ट के आधार पर नीति आयोग ने मल्टी डाइमेंशनल इंडेक्स रिपोर्ट (एमपीआई) जारी किया है। देश के विभिन्न राज्यों की रिपोर्ट के साथ ही जनपदवार भी सूची जारी है। रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में श्रावस्ती जिले में जहां सबसे ज्यादा गरीब बताए गए हैं वहीं लखनऊ में सबसे कम। विंध्याचल मंडल के तीनों जनपदों सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही में भदोही की स्थिति सबसे अच्छी है। यहां 42.19 फीसदी ही गरीब हैं। ऐसे में जिले की प्रदेश में रैंकिंग 24वीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार सोनभद्र में 48.5 जबकि मिर्जापुर जिले में 42.73 फीसदी गरीबी है।
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इनसेट---
तीन कारकों से हुआ है आंकलन
नीति आयोग की ओर से जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक रिपोर्ट के अनुसार एनएफएचएस की 2015-16 की रिपोर्ट से आंकड़े लिए गए हैं। उसी आधार पर तीन समान महत्व के कारकों के आधार पर आंकलन किया गया है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की स्थिति देखी गई है। इसके लिए कुल 12 संकेतकों का इस्तेमाल हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार गरीब क्षेत्र में गरीबी की तिब्रता ज्यादा है और शहरी क्षेत्र में कम है।
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इन संकेतकों को बनाया गया आधार
रिपोर्ट के अनुसार एनएफएचएस-4, 2015-16 के आधार पर तैयार की गई रिपोर्ट में 12 संकेतकों को आधार बनाया गया। इसमें प्रमुख रूप से पोषण की स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर, पोषण, स्कूल में उपस्थिति, स्कूली शिक्षा के वर्ष, पेयजल, स्वच्छता, आवास, बैंक खाते आदि शामिल है।