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Basti News: जेल के सामने से भागा सुभाष बना जाकिर 12 घंटे में ही पकड़ा गया
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सुभाष बनकर रह रहा जाकिर
- फोटो : पुलिस
गौर (बस्ती)। गौर बाजार में सुभाष बनकर रह रहा कौशांबी जिले का जाकिर बृहस्पतिवार शाम को जेल गेट से पुलिस को चकमा देकर भाग गया।
पूरी रात पुलिस उसकी जगह-जगह तलाश करती रही पर शुक्रवार सुबह वह जेल गेट के पास ही फिर पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस को जब उसकी हकीकत का पता चला तो वह हैरान रह गई।
पुलिस अब कौशांबी से लेकर बस्ती तक के उसके बारे में सब पता लगाने में जुट गई है। कुछ लोग तो उसे बलरामपुर के छांगुर बाबा के गिराेह से भी जुड़ा बता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही सारी हकीकत सामने आएगी।
मालूम हो कि करीब चार महीने पहले एक युवक गौर बाजार में आया और कस्बे के एक बेहद गरीब अनुसूचित जाति के परिवार के यहां रहने लगा। वह अपना नाम सुभाष पुत्र राजू बताता था लेकिन उसकी हरकतों से आसपास के लोगों को वह संदिग्ध लगता था। वह कस्बे में ही एक सैलून में काम करने लगा।
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इसी बीच तीन दिन पहले कस्बे के ही रहने वाले हृदयराम के पुत्र रोहित की बाइक जाकिर की बाइक से छू गई। इस पर वह रोहित से विवाद करने लगा। हृदयराम ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस जब उसकी तलाश में उसके किराए के घर पर पहुंची तो वह नहीं मिला।
आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर लोगों ने जो पुलिस को बताया उससे पुलिस को भी उस पर संदेह होने लगा। इस पर वह गंभीरता से उसके पीछे पड़ गई। उसके उस घर की एक लड़की जहां वह किराए पर रहता था उससे फोन कराकर पास के एक गन्ने के खेत से बृहस्पतिवार को पकड़ लिया।
पुलिस को उसकी तलाशी में जो आधार कार्ड मिला उस पर सुभाष की जगह जाकिर नाम लिखा था। पता कौशांबी जिले के थाना असाढ़ा पश्चिम ग्राम सरीरा का था। पुलिस ने जब उस परिवार से यह बात बताई तो उन्होंने यह जानने के बाद भी कि वह धर्म बदलकर उनके यहां रह रहा है उन्होंने उसके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई से इनकार कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने बाइक की टक्कर मामले में उसका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। एसडीएम हर्रैया ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस बृहस्पतिवार शाम को उसे जेल जा रही थी पर गेट पर ही वह चकमा देकर वह भाग गया।
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पूरी रात पुलिस उसकी जगह-जगह तलाश करती रही पर शुक्रवार सुबह वह जेल गेट के पास ही फिर पकड़ा गया। इसके बाद पुलिस को जब उसकी हकीकत का पता चला तो वह हैरान रह गई।
पुलिस अब कौशांबी से लेकर बस्ती तक के उसके बारे में सब पता लगाने में जुट गई है। कुछ लोग तो उसे बलरामपुर के छांगुर बाबा के गिराेह से भी जुड़ा बता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही सारी हकीकत सामने आएगी।
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मालूम हो कि करीब चार महीने पहले एक युवक गौर बाजार में आया और कस्बे के एक बेहद गरीब अनुसूचित जाति के परिवार के यहां रहने लगा। वह अपना नाम सुभाष पुत्र राजू बताता था लेकिन उसकी हरकतों से आसपास के लोगों को वह संदिग्ध लगता था। वह कस्बे में ही एक सैलून में काम करने लगा।
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इसी बीच तीन दिन पहले कस्बे के ही रहने वाले हृदयराम के पुत्र रोहित की बाइक जाकिर की बाइक से छू गई। इस पर वह रोहित से विवाद करने लगा। हृदयराम ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस जब उसकी तलाश में उसके किराए के घर पर पहुंची तो वह नहीं मिला।
आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर लोगों ने जो पुलिस को बताया उससे पुलिस को भी उस पर संदेह होने लगा। इस पर वह गंभीरता से उसके पीछे पड़ गई। उसके उस घर की एक लड़की जहां वह किराए पर रहता था उससे फोन कराकर पास के एक गन्ने के खेत से बृहस्पतिवार को पकड़ लिया।
पुलिस को उसकी तलाशी में जो आधार कार्ड मिला उस पर सुभाष की जगह जाकिर नाम लिखा था। पता कौशांबी जिले के थाना असाढ़ा पश्चिम ग्राम सरीरा का था। पुलिस ने जब उस परिवार से यह बात बताई तो उन्होंने यह जानने के बाद भी कि वह धर्म बदलकर उनके यहां रह रहा है उन्होंने उसके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई से इनकार कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने बाइक की टक्कर मामले में उसका शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। एसडीएम हर्रैया ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। पुलिस बृहस्पतिवार शाम को उसे जेल जा रही थी पर गेट पर ही वह चकमा देकर वह भाग गया।