{"_id":"6aad8ddbfcc12d74cf0323fb","slug":"body-being-disposed-of-after-murder-questions-raised-about-police-patrolling-basti-news-c-207-1-bst1001-167146-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: हत्या के बाद लाश को लगा रहे ठिकाने, पुलिस गश्त पर उठे सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: हत्या के बाद लाश को लगा रहे ठिकाने, पुलिस गश्त पर उठे सवाल
विज्ञापन
बस्ती। हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने के बाद भी बदमाशों में पुलिस का खौफ कम होता नजर आ रहा है। वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी सुनसान इलाकों तक पहुंच रहे हैं। हाल की घटनाओं में बाइक और वाहनों से शव दूर ले जाकर फेंकने के मामले सामने आए हैं। इससे साक्ष्य मिटाने की आरोपियों की कोशिश के साथ-साथ पुलिस की रात्रि गश्त व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पिछले सप्ताह नगर थाना क्षेत्र के खड़ौआ गांव निवासी संविदा कर्मी यशवंत कुमार की हत्या के बाद शव को करीब 20 किलोमीटर दूर सुनसान स्थान पर ले जाकर फेंकने का मामला सामने आया। घटना में आरोपियों ने कथित तौर पर शव को बाइक पर लादकर रात में कई थाना क्षेत्रों से होकर सफर किया। इस दौरान पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
पुलिस के मुताबिक, यशवंत कुमार को उसकी प्रेमिका गुड़िया ने कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कौड़ीकोल गांव बुलाया था। पुलिस जांच में सामने आया कि वहां गुड़िया, उसकी बहन शीला, मौसी सोना देवी, मौसेरी बहन रीमा और रीमा के प्रेमी रामललित चौधरी ने मिलकर कथित तौर पर गला दबाकर यशवंत की हत्या कर दी।
विज्ञापन
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद रामललित चौधरी शव को ठिकाने लगाने के लिए रात में निकला। उसने यशवंत के शव को उसी की बाइक पर रखा और पीछे रीमा को बैठाकर करीब 20 किलोमीटर दूर लखनऊ-गोरखपुर हाईवे और लुंबिनी-दुद्धी मार्ग से होते हुए वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमौरा गांव के सुनसान स्थान पर पहुंचा। वहां शव फेंककर दोनों फरार हो गए।
यशवंत की हत्या के मामले में पुलिस को मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से जांच में मदद मिली। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। शव को एक थाना क्षेत्र से दूसरे थाना क्षेत्र तक ले जाने के दौरान नगर, कोतवाली, वॉल्टरगंज और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र पड़े। इसके बावजूद आरोपियों के शव लेकर गुजरने और उसे सुनसान स्थान पर फेंकने की घटना ने रात्रि गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नौ महीने पहले भी मिली थी गल्ला कारोबारी की लाश
गौरा चौराहा और आसपास का इलाका दो थाना क्षेत्रों की सीमा में आता है। यह क्षेत्र वॉल्टरगंज और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां पहुंचने के लिए लुंबिनी-दुद्धी मार्ग और पॉलिटेक्निक-गौरा मार्ग प्रमुख रास्ते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में इन सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की गश्त कम दिखाई देती है। पिछले वर्ष दिसंबर में गल्ला कारोबारी नीरज सिंह का शव गौरा चौराहे के पास सड़क किनारे लावारिस हालत में मिला था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि रुपये के लेनदेन के विवाद में दोस्तों ने कथित तौर पर उनकी हत्या कहीं और की थी। इसके बाद शव को गौरा चौराहे के पास लाकर फेंक दिया गया था। उस घटना के बाद भी सीमावर्ती क्षेत्र की गश्त व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।
प्रबंधक का अपहरण कर 15 किमी दूर फेंका था
पिछले जुलाई में कोतवाली थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव सियरापार के पास रात करीब 10 बजे एक निजी विद्यालय के प्रबंधक का काली कार सवार बदमाशों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल के आसपास और लखनऊ-गोरखपुर हाईवे व लुंबिनी-दुद्धी मार्ग पर नाकेबंदी की, लेकिन बदमाश हाथ नहीं आए। आधी रात के बाद पता चला कि प्रबंधक को घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर नगर थाना क्षेत्र के नचना गांव के पास गंभीर हालत में फेंककर बदमाश फरार हो गए थे।
प्रत्येक संवेदनशील स्थल पर नजर रखने का प्रयास रहता है। सभी थानाध्यक्षों को रात्रि गश्त व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। दो थानों के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अब और चौकस की जाएगी। घटना किसी भी प्रकार की हो, उसके त्वरित खुलासे के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
- श्यामकांत, एएसपी
विज्ञापन
पिछले सप्ताह नगर थाना क्षेत्र के खड़ौआ गांव निवासी संविदा कर्मी यशवंत कुमार की हत्या के बाद शव को करीब 20 किलोमीटर दूर सुनसान स्थान पर ले जाकर फेंकने का मामला सामने आया। घटना में आरोपियों ने कथित तौर पर शव को बाइक पर लादकर रात में कई थाना क्षेत्रों से होकर सफर किया। इस दौरान पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, यशवंत कुमार को उसकी प्रेमिका गुड़िया ने कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कौड़ीकोल गांव बुलाया था। पुलिस जांच में सामने आया कि वहां गुड़िया, उसकी बहन शीला, मौसी सोना देवी, मौसेरी बहन रीमा और रीमा के प्रेमी रामललित चौधरी ने मिलकर कथित तौर पर गला दबाकर यशवंत की हत्या कर दी।
विज्ञापन
पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद रामललित चौधरी शव को ठिकाने लगाने के लिए रात में निकला। उसने यशवंत के शव को उसी की बाइक पर रखा और पीछे रीमा को बैठाकर करीब 20 किलोमीटर दूर लखनऊ-गोरखपुर हाईवे और लुंबिनी-दुद्धी मार्ग से होते हुए वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र के धमौरा गांव के सुनसान स्थान पर पहुंचा। वहां शव फेंककर दोनों फरार हो गए।
यशवंत की हत्या के मामले में पुलिस को मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से जांच में मदद मिली। इसी आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। शव को एक थाना क्षेत्र से दूसरे थाना क्षेत्र तक ले जाने के दौरान नगर, कोतवाली, वॉल्टरगंज और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र पड़े। इसके बावजूद आरोपियों के शव लेकर गुजरने और उसे सुनसान स्थान पर फेंकने की घटना ने रात्रि गश्त पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नौ महीने पहले भी मिली थी गल्ला कारोबारी की लाश
गौरा चौराहा और आसपास का इलाका दो थाना क्षेत्रों की सीमा में आता है। यह क्षेत्र वॉल्टरगंज और पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां पहुंचने के लिए लुंबिनी-दुद्धी मार्ग और पॉलिटेक्निक-गौरा मार्ग प्रमुख रास्ते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, रात में इन सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की गश्त कम दिखाई देती है। पिछले वर्ष दिसंबर में गल्ला कारोबारी नीरज सिंह का शव गौरा चौराहे के पास सड़क किनारे लावारिस हालत में मिला था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि रुपये के लेनदेन के विवाद में दोस्तों ने कथित तौर पर उनकी हत्या कहीं और की थी। इसके बाद शव को गौरा चौराहे के पास लाकर फेंक दिया गया था। उस घटना के बाद भी सीमावर्ती क्षेत्र की गश्त व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।
प्रबंधक का अपहरण कर 15 किमी दूर फेंका था
पिछले जुलाई में कोतवाली थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव सियरापार के पास रात करीब 10 बजे एक निजी विद्यालय के प्रबंधक का काली कार सवार बदमाशों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल के आसपास और लखनऊ-गोरखपुर हाईवे व लुंबिनी-दुद्धी मार्ग पर नाकेबंदी की, लेकिन बदमाश हाथ नहीं आए। आधी रात के बाद पता चला कि प्रबंधक को घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर नगर थाना क्षेत्र के नचना गांव के पास गंभीर हालत में फेंककर बदमाश फरार हो गए थे।
प्रत्येक संवेदनशील स्थल पर नजर रखने का प्रयास रहता है। सभी थानाध्यक्षों को रात्रि गश्त व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। दो थानों के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अब और चौकस की जाएगी। घटना किसी भी प्रकार की हो, उसके त्वरित खुलासे के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
- श्यामकांत, एएसपी