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मारपीट के दो दोषियों को पांच-पांच साल की सजा
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मारपीट के दो दोषियों को पांच-पांच साल की सजा
अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, अर्थदंड भी लगाया
बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने घर में घुसकर जान से मारने के दोषी श्याम सुंदर व अनिल को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर साढ़े बारह-बारह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता राघवेश प्रसाद पांडेन ने अदालत के समक्ष घटना का विवरण रखा। उन्होंने बताया कि घटना नवंबर 2005 की है। गोला बाजार निवासी रामकुमार ने संतकबीरनगर जिले के थाना कोतवाली में घटना के बाद तहरीर दी। पुलिस ने मामले में एनसीआर दर्ज किया। इससे नाखुश रामकुमार ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की अपील की। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
रामकुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा विनोद कुमार घटना के दिन दोपहर में घर के पीछे लेटा था। गांव के श्यामसुंदर, अनिल, पुनील ने लोहे की छड़ से उसे मारने लगे। घटना में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गया। बचाव करने गए दूसरे बेटा रिंकू को भी मारपीट कर घायल कर दिया। न्यायालय ने साक्ष्यों का अवलोकन कर धारा 319 सीआरपीसी को स्वीकार्य किया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि तीसरे अभियुक्त पुनील के खिलाफ विवेचना में साक्ष्य के अभाव में नाम निकाल दिया गया है।
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अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाया फैसला, अर्थदंड भी लगाया
बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम के न्यायाधीश अनिल कुमार की अदालत ने घर में घुसकर जान से मारने के दोषी श्याम सुंदर व अनिल को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर साढ़े बारह-बारह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता राघवेश प्रसाद पांडेन ने अदालत के समक्ष घटना का विवरण रखा। उन्होंने बताया कि घटना नवंबर 2005 की है। गोला बाजार निवासी रामकुमार ने संतकबीरनगर जिले के थाना कोतवाली में घटना के बाद तहरीर दी। पुलिस ने मामले में एनसीआर दर्ज किया। इससे नाखुश रामकुमार ने अदालत में प्रार्थनापत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की अपील की। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
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रामकुमार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उनका बेटा विनोद कुमार घटना के दिन दोपहर में घर के पीछे लेटा था। गांव के श्यामसुंदर, अनिल, पुनील ने लोहे की छड़ से उसे मारने लगे। घटना में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गया। बचाव करने गए दूसरे बेटा रिंकू को भी मारपीट कर घायल कर दिया। न्यायालय ने साक्ष्यों का अवलोकन कर धारा 319 सीआरपीसी को स्वीकार्य किया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि तीसरे अभियुक्त पुनील के खिलाफ विवेचना में साक्ष्य के अभाव में नाम निकाल दिया गया है।
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