फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   The spirit of youth is breaking on talk, commits suicide every third day

बात-बात पर टूट रहा युवाओं का हौसला, हर तीसरे दिन खुदकुशी

Wed, 07 Sep 2022 11:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 07 Sep 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
The spirit of youth is breaking on talk, commits suicide every third day
बात-बात पर टूट रहा युवाओं का हौसला, हर तीसरे दिन खुदकुशी
विज्ञापन

आठ महीने में खुदकुशी की 42 घटनाएं
18 से 35 वर्ष आयु वर्ग में बढ़ रही यह प्रवृत्ति
इसी सप्ताह सामने आ चुके खुदकुशी के चार मामले
बस्ती। अक्सर सामने आ रही खुदकुशी की घटनाओं को देखते हुए मनोविज्ञानी कहते हैं कि बात-बात पर युवाओं का हौसला टूट रहा है। उनमें संघर्ष करने की क्षमता घटती जा रही है।
आठ महीने में आत्महत्या के 42 मामले इस बात के संकेत देते हैं कि हालात के आगे घुटने टेकने की मनोवृत्ति बढ़ गई है। ऐसा करने वालों में 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की तादाद ज्यादा है। इनमें फंदे से लटकना, ट्रेन के आगे आ जाने, नदी-तालाब में कूद करके जान देने के मामले शामिल हैं। अविवाहित किशोरियों और युवतियों की आत्महत्या का आंकड़ा काफी ज्यादा है। पुलिस पोस्टमार्टम तो कराती है, लेकिन कानूनी कार्रवाई के लिए अभिभावक का मुंह ताकते देखा जाता है। अगर किसी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की तहरीर नहीं दी गई तो मामला वहीं खत्म हो जाता है।
विज्ञापन

पुलिस उप महानिरीक्षक आरके भारद्वाज का कहना है कि कमजोर आत्मबल और अपने पैर पर खड़े होने की घटती क्षमता के कारण इस तरह की घटनाओं में तेजी आई है। उनके मुताबिक कोरोना काल के बाद इसमें 15 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। इसे रोकने के लिए युवाओं को सकारात्मक कार्य से जुड़े रहना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

मनोविज्ञानी डॉ. शिव प्रसाद का कहना है कि व्यक्ति आवेश के ऐसे क्षणों से गुजरता है, जिसमें आत्मघाती मन: स्थिति बन जाती है। व्यक्ति सही और गलत में फर्क नहीं कर पाता। उसे समझ में नहीं आता है कि वह क्या कर रहा है। कई बार उपेक्षा, कुंठा की वजह से असामान्य हो जाता है। कई बार अपनी जिद, इच्छित वस्तु के हासिल न होने की झुंझलाहट और आत्मग्लानि में मौत को गले लगाने की ठान लेता है। ऐसे में परिवार के किसी व्यक्ति में कुछ असामान्य दिखे तो उसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। ज्यादा अच्छा होगा कि वह मनोचिकित्सक से तत्काल संपर्क करे।
...
फंदा लगाने वालों की संख्या ज्यादा
आत्महत्या की घटनाओं में फंदे से लटकने वालों की संख्या ज्यादा है। सितंबर के छह दिनों में पांच घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मंगलवार रात चौकी इंचार्ज की पत्नी और 10 वर्षीय बच्चे को रोशनदान के ग्रिल से लटका पाया गया। तीन सितंबर को सोनहा थाने के तुरकौलिया करमहिया में 16 वर्षीय ऊषा का शव टीनशेड में फंदे से लटका पाया गया था। दो सितंबर को पुरानी बस्ती थाने के पचौरा गांव में झाड़ी में 24 वर्षीय किशन लाल उर्फ दीपू का पेड़ से लटका शव मिला था।

...
इन वजहों से मौत को लगा रहे गले
युवतियों में सबसे ज्यादा खुदकुशी प्रेम प्रसंग या किसी के परेशान करने के कारण और युवकों में अफेयर, बेरोजगारी और नशे की लत की वजह बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रेम प्रसंग, कर्ज, नशा, अभाव, आर्थिक दबाव, बीमारी जैसी वजह पाई जा रही हैं, मगर प्रेम प्रसंग या अवैध संबंध के कारण यह प्रवृत्ति काफी अधिक बढ़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed