{"_id":"6480d5d0fe1b78a7230b9087","slug":"skill-and-creative-feeling-are-essential-in-the-art-process-basti-news-c-7-1-197674-2023-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: कला प्रक्रिया में कौशल एवं सृजनात्मक अनुभूति अनिवार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: कला प्रक्रिया में कौशल एवं सृजनात्मक अनुभूति अनिवार्य
Thu, 08 Jun 2023 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 08 Jun 2023 12:39 AM IST
विज्ञापन
चित्रकला कार्यशाला में बच्चों को बच्चों को टिप्स देतीं रमा शर्मा।
बस्ती। वर्तमान में कला का क्षेत्र व्यापक हो गया है, क्योंकि इसमें जीवन के सभी तरह के अनुभवों को शामिल कर लिया गया है। इस विचार ने कला की भूमिका से संबंधित प्राचीन दृष्टिकोण को बदल दिया है। आज कला सिर्फ़ पेंटिंग शिल्प, मूर्ति कला अथवा भवन निर्माण से संबंधित विचार ही नहीं बल्कि सभी तरह के अनुभवों को समझने और मापने का एक तरीक़ा है। जिसमें हमारे दिन प्रतिदिन के अनुभव भी शामिल होते हैं।
यह कहना है चित्रकला कार्यशाला की संयोजक डॉ. रमा शर्मा का। वह बुधवार को राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) की ओर से सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में आयोजित ग्रीष्मकालीन चित्र कला कार्यशाला संबोधित कर रही थीं । कहा कि कला के अंतर्गत प्राकृतिक मानवीय तथा सामाजिक घटकों, उनके रंगों, गति, लय एवं सौंदर्य की बात करते हैं। इस प्रकार कलाओं का अर्थ एक ऐसी कलात्मक शिल्प या कौशल की प्रक्रिया से युक्त अनुभूति से है जो रचनात्मक सुंदरता एवं सुख प्रदान करने वाली हो। आज कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने क्ले मॉडलिंग का कार्य सीखा। बालिकाओं ने स्वयं भी इससे संबंधित प्रयोग किये। इसके अतिरिक्त स्टिल लाइफ़ पेंटिंग, पोट्रेट पेंटिंग, एवं प्राकृतिक दृश्यों (लैंडस्केप पेंटिंग) का अध्ययन एवं अभ्यास हुआ। इस मौके पर क्रफ्ट शिक्षिका रजनी चौधरी, सरिता शुक्ला, ईशा अग्रवाल, निधि, गौरी, पिंजला, प्रियांशी, श्रेयसी, पलक यशी, आंचल, कृति, प्रिया, निरजल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
यह कहना है चित्रकला कार्यशाला की संयोजक डॉ. रमा शर्मा का। वह बुधवार को राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) की ओर से सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में आयोजित ग्रीष्मकालीन चित्र कला कार्यशाला संबोधित कर रही थीं । कहा कि कला के अंतर्गत प्राकृतिक मानवीय तथा सामाजिक घटकों, उनके रंगों, गति, लय एवं सौंदर्य की बात करते हैं। इस प्रकार कलाओं का अर्थ एक ऐसी कलात्मक शिल्प या कौशल की प्रक्रिया से युक्त अनुभूति से है जो रचनात्मक सुंदरता एवं सुख प्रदान करने वाली हो। आज कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने क्ले मॉडलिंग का कार्य सीखा। बालिकाओं ने स्वयं भी इससे संबंधित प्रयोग किये। इसके अतिरिक्त स्टिल लाइफ़ पेंटिंग, पोट्रेट पेंटिंग, एवं प्राकृतिक दृश्यों (लैंडस्केप पेंटिंग) का अध्ययन एवं अभ्यास हुआ। इस मौके पर क्रफ्ट शिक्षिका रजनी चौधरी, सरिता शुक्ला, ईशा अग्रवाल, निधि, गौरी, पिंजला, प्रियांशी, श्रेयसी, पलक यशी, आंचल, कृति, प्रिया, निरजल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन