फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Seven days left... could not fill 850 km of roads injured

Basti News: सात दिन बाकी... नहीं भर पाए 850 किमी सड़कें जख्मी

Sat, 05 Oct 2024 02:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Sat, 05 Oct 2024 02:39 AM IST
विज्ञापन
Seven days left... could not fill 850 km of roads injured
2023 में 968.02 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का भेजा गया था प्रस्ताव
विज्ञापन

10 करोड़ की जगह आवंटित हुए केवल दो करोड़, कुछ ही सड़कों पर भरे गए गड्ढे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। इंतजार में सीजन बीत गया। जिले की सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो पाईं। इधर बारिश ने सड़कों की सूरत और बिगाड़ दी है। ग्रामीण अंचल से लेकर आसपास के जिलों को जोड़ने वाली सड़कें इस कदर छलनी हुईं कि चलने लायक नहीं रह गईं। मगर, शासन से पर्याप्त धन अब तक नहीं मिला। सड़कों के गड्ढे भरने के लिए 10 करोड़ की जगह महज दो करोड़ रुपये मिले हैं। नतीजा कुछ ही सड़कों की मरम्मत हो पाई है। बाकी सड़कों के जख्म जस के तस हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त रखने का फरमान जारी किया है। मगर, निचले स्तर से लेकर शीर्ष तक जिम्मेदार इससे बेपरवाह है। निर्देश के बाद जिले की सभी खस्ताहाल सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का प्रस्ताव भेजा गया। पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड-एक ने 439.81 और प्रांतीय खंड ने 509.95 किमी सड़कों के लिए कार्ययोजना तैयार की। कुल 968.02 किमी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए शासन से 10 करोड़ रुपये की डिमांड की गई।
विज्ञापन

पहली किस्त केवल दो करोड़ रुपये की आई। इसके बाद पूरा वक्त इंतजार में बीत गया, लेकिन फूटी कौड़ी नहीं मिली। जबकि 10 अक्तूबर तक ही इन सड़कों को गड्ढा मुक्त करना था। तय समय सीमा में केवल छह दिन का ही वक्त बचा है। अब इस समयावधि में सड़कों के जख्म नहीं भर पाएंगे। इसके लिए विभाग कोे आठ करोड़ रुपये का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उपलब्ध धन से भी नाम मात्र का मरम्मत कार्य कराया गया है। डंपर पर तारकोल मिक्स गिट्टी लेकर कुछ प्रमुख सड़कों पर गिनती के गड्ढे भरकर छोड़ दिए गए हैं। कुछ हिस्सों में गड्ढों को भरा ही नहीं गया है। बारिश होने के चलते कुछ गड्ढों में भरी गई गिट्टियां फिर से उखड़कर बह गई हैं।
दुबौला-जलेबीगंज मार्ग, गौर-अमरौली शुमाली मार्ग, कप्तानगंज-पंडूल घाट, पड़िया-मीर मझौआ हनुमानगंज मार्ग, सल्टौआ-मानिकचंद आदि मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे राह नहीं चलने दे रहे हैं। जबकि इनमें से कुछ सड़कों को कागज में गड्ढा मुक्त किया जा चुका है।
शासन से उपलब्ध कराए गए दो करोड़ रुपये के बजट में निर्माण खंड-एक ने 59 व प्रांतीय खंड की ओर से 53.50 समेत कुल 112. 50 किमी सड़कों को दुरुस्त करने का दावा किया जा रहा है। मगर, इन सड़कों पर भी गड्ढे होने की वजह से विभाग पर सवाल उठ रहे हैं। कागजी आकड़ों को यदि सही भी माना जाए तो इसके बाद भी जिले की 855.52 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त करना बाकी रह गया है।
...
मकबूलगंज- हटवा मार्ग चलने लायक नहीं
शहर से आठ किमी दूर बस्ती-कांटे मार्ग पर स्थित मकबूल गंज चौराहे से हटवा जाने वाली सड़क खस्ताहाल हो चुकी है। मंझरिया गंगाराम, कसैला के पास इस सड़क का कई जगहों पर अस्तित्व ही बचा है। बारिश के दौरान सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है। पगडंडी की तरह पूरी सड़क हो जा रही है। लोग बहुत संभलकर दो पहिया वाहन से निकल रहे हैं। चार पहिया वाहन लेकर परिवर्तन मार्ग मेडिकल कॉलेज की तरफ पांच से सात किमी अतिरिक्त दूरी तय कर लोगों को शहर पहुंचना पड़ रहा है। जबकि इस मार्ग से जुड़े गांव बीडीए क्षेत्र में भी आ चुके हैं।
...
डारीडीहा-चननी मार्ग पर भी बढ़ीं दुश्वारियां
शहर के गांवगोड़ियां मोहल्ले से होकर चननी गांव से होते हुए डारीडीहा तक जाने वाली सड़क जर्जर हो चुकी है। ढाई किमी लंबी इस सड़क की गिट्टियां उखड़ चुकी हैं। चननी गांव पार करते ही सड़क में गड्ढों की भरमार हो गई है। ऑटो, ई-रिक्शा यहां अक्सर अनियंत्रित होकर पलट जाते हैं। जबकि इस मार्ग से आरटीओ कार्यालय, ओपेक चिकित्सालय कैली, कांशीराम आवास, बाबा भद्रेश्वरनाथ धाम भी जुड़ा है। शहरी क्षेत्र का विस्तार भी इस क्षेत्र में काफी हद तक हो चुका है। बारिश के दौरान तो इस सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं रहता है।
...
बस्ती-कांटे मार्ग से निकलकर कसैला हटवा तक जाने वाली सड़क पैदल चलने के काबिल नहीं है। हम लोग आए दिन हिचकोले खाकर यात्रा कर रहे हैं। कई बार शिकायत हुई। मगर, कोई कार्रवाई नहीं की गई।
-सुनील कुमार, मंझरिया गंगाराम
...
मकबूलगंज से हटवा तक की सड़क पर चलते समय सावधानी बरतनी पड़ रही है। भयवश हम लोग बच्चों को स्कूल जाने के लिए एक किमी तक खुद साथ ले जाकर बस्ती- कांटे मार्ग पर पहुंचा रहे हैं।

-राम नरेश, मंझरिया गंगाराम
...
कोट
निर्धारित सीमा तक सभी सड़कें गड्ढा मुक्त हो जाएंगी। बजट की कोई समस्या नहीं है। बाढ़ व बारिश की नमी के कारण अधिकांश सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में समय लग रहा है। गड्ढा मुक्ति अभियान के लिए अभियंता लगातार निगरानी कर रहे हैं।
बीएल सिंह, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी, बस्ती जोन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed