फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   no hatric in Rudholi VS

रुधौली विधानसभा सीट से अभी तक किसी की नहीं लगी हैट्रिक

Sat, 19 Feb 2022 12:50 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 12:50 AM IST
विज्ञापन
no hatric in Rudholi VS
रुधौली विधानसभा सीट से अभी तक किसी की नहीं लगी हैट्रिक
विज्ञापन

भानपुर (बस्ती)। जनपद की दो तहसीलों को मिलाकर बनी रुधौली विधानसभा सीट पर संजय जायसवाल ने वर्ष 2017 मे भाजपा से जीत हासिल कर पहली बार पार्टी का खाता खोला था। इस बार इस सीट पर भाजपा से संगीता प्रताप जायसवाल, कांग्रेस से बसंत चौधरी, सपा से पूर्व विधायक राजेंद्र चौधरी व बसपा से पूर्व प्रमुख अशोक मिश्रा की प्रतिष्ठा दांव पर है। सभी पार्टी प्रत्याशी क्षेत्र में विकास के मुद्दे के मद्देनजर जनता के बीच हैं जिसका मूल्यांकन क्षेत्र के 4,29,279 मतदाता तीन मार्च को अपना मत देकर करेंगे।
अभी तक हुए चुनाव में आए परिणामों पर यदि नजर डालें तो एक बार भाजपा, सात बार कांग्रेस, दो बार जनता दल, दो बार समाजवादी पार्टी, दो बार बहुजन समाज पार्टी, एक बार जनसंघ और एक बार निर्दलीय प्रत्याशी को जीत मिली है। इस सीट से किसी विधायक की हैट्रिक नही लगी है। अभी तक लगातार दो बार जनता दल से सिर्फ रामललित चौधरी ही विधायक हुए हैं। सन 1952 में इस क्षेत्र को डुमरियागंज दक्षिणी विधानसभा के नाम से जाना जाता था। यहां कांग्रेस से काजी मोहम्मद आदिल अब्बासी विधायक बने थे। 1957 मे बालेश्वरी प्रसाद सिंह ने निर्दलीय लड़कर चुनाव जीता। हालांकि 1962 के चुनाव में कांग्रेस से काजी जलील अब्बासी को जीत मिली थी। चौथे चुनाव में यह क्षेत्र डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाने लगा।
विज्ञापन

1967 में इस सीट पर भारतीय जनसंघ की ओर से जयदत्त सिंह विधायक बने। 1969 में हुए पांचवें विधानसभा चुनाव में दूसरी बार कांग्रेस के काजी जलील अब्बासी ने जीत दर्ज की। 1974 में यह क्षेत्र डुमरियागंज विधानसभा से अलग होकर रामनगर विधानसभा क्षेत्र हो गया। इस बार कांग्रेस से राम समुझ तिवारी विधायक निर्वाचित हुए। जबकि सातवें चुनाव विधानसभा चुनाव 1977 में जनता पार्टी से बाबू राम वर्मा विजयी हुए। वहीं, 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे परमात्मा प्रसाद सिंह को जीत मिली तो 1985 में कांग्रेस के ही कर्नल केशरी सिंह विधायक बने। 1989 के चुनाव में जनता दल के रामललित चौधरी ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली। 1991 में हुए चुनाव में भी दूसरी बार जनता दल से ही सफलता हासिल की। 12वें विधानसभा चुनाव में 1993 में बाबूराम वर्मा ने इस सीट पर सपा का खाता खोला तो 1996 में रामललित चौधरी ने पार्टी बदलकर बसपा से जीत हासिल की। 2002 में हुए चौदहवें चुनाव में यह क्षेत्र 153 रामनगर विधान सभा क्षेत्र के नाम से जाना जाने लगा। इस बार समाजवादी पार्टी से अनूप पांडेय विधायक बने। 2007 में बसपा से राजेंद्र चौधरी विधायक चुने गए। वर्ष 2012 में हुए 16वें चुनाव से पूर्व पुन: इस सीट का नाम बदल गया और यह क्षेत्र 309 रुधौली विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाने लगा। जहां कांग्रेस पार्टी से संजय प्रताप जायसवाल ने जीत हासिल की। वर्ष 2017 के चुनाव में उन्होंने पार्टी बदल कर भाजपा से जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी का पहली बार खाता खोला।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभी तक रुधौली विधानसभा सीट से चुने गए विधायक
वर्ष विधायक पार्टी
2017 संजय प्रताप जायसवाल भाजपा
2012 संजय प्रताप जायसवाल कांग्रेस
2007 राजेंद्र प्रसाद चौधरी बसपा
2002 अनूप पांडेय सपा
1996 राम ललित चौधरी बसपा
1993 बाबूराम वर्मा सपा
1991 राम ललित चौधरी जनता दल
1989 रामललित चौधरी जनता दल
1985 कर्नल केशरी सिंह कांग्रेस
1980 परमात्मा प्रसाद सिंह कांग्रेस
1977 बाबूराम वर्मा जनता पार्टी
1974 राम समुझ तिवारी काग्रेंस
1969 काजी जलील अब्बासी कांग्रेस
1967 जय दत्त सिंह जनसंघ
1962 काजी जलील अब्बासी कांग्रेस
1957 बालेश्वरी प्रसाद सिंह निर्दल
1951 आदिल अब्बासी कांग्रेस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed