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डूबे शनि की तीन किमी दूर मिली लाश
basti
Updated Mon, 23 Jul 2018 11:55 PM IST
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शनि का शव ढूंढती एनडीआरएफ की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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कलवारी। रविवार को नदी डूबे जिस शनि की तलाश हो रही थी उसका शव घटनास्थल तीन किलोमीटर दूर सोमवार दोपहर मिला। इकलौते बेटे की लाश देखकर मां-बाप फफक पड़े। उनकी चीत्कार से वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।
शनि की तलाश करने सुबह पांच बजे माझाखुर्द घाट पर एनडीआरएएफ इंस्पेक्टर अभिषेक गौरव के नेतृत्व में 20 जवानों की टीम पहुंची। छह-छह जवानों की टीम दो नावों से दोनों किनारों पर खोजने का कार्य शुरू कर दी। सोमवार को दिन में करीब 11 बजे तक स्थानीय गोताखोर और एनडीआरएफ के जवान सरयू में खोज करते रहे। स्थानीय विधायक रवि सोनकर भी मौके पर मौजूद रहे। तभी कलवारी मुस्तहकम गांव के आशोक कुमार, पंकज, गणेश, बब्लू, मनोज नदी के किनारे एक लाश पानी में देखी। इसकी सूचना एसआई सुधाकर पांडेय को दी। बहाव तेज होने के कारण घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर माझा कला घाट के पास लाश किनारे लगी थी। इकलौते बेटे शनि की लाश देख घाट पर मौजूद ओम प्रकाश फफक कर रोने लगे। मां सीमा जो कल से ही रह रह कर रोते रोते बेसुध हो जाती, लाश मिलने की सूचना पर बदहवास हो गईं। बहनें सोनी, मोनी तथा ज्योती मां की हालत और भाई का शव देखकर चीखने लगतीं। ढांढस बंधाने वालों के आंखें नम हो जातीं।
शासन से करूंगा शिकायत : रवि सोनकर
राहत एवं बचाव कार्य में देरी पर विधायक रवि सोनकर सवाल उठाए। कहा कि जैसे ही शनि के डूबने सूचना मिली प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य के लिए कहा गए। एडीएम ने बताया कि फैजाबाद से वोट नहीं मिल पा रहा रही। एनडीआरएफ की वाराणसी यूनिट से पहुंचने पर समय लगेगा। फैजाबाद से मदद न मिलने की शिकायत शासन से करूंगा क्योंकि वहां से दो घंटे के अंदर मदद मिल सकती है। अब तक ऐसी स्थिति पर फैजाबाद से ही मदद मिलती थी। इस दौरान नायब तहसीलदार अमर चन्द्र वर्मा, थानाध्यक्ष संजय शुक्ल, प्रमुख प्रतिनिधि महेन्द्रनाथ यादव, राजस्व निरीक्षक रामकृष्ण तिवारी, हरेन्द्र सिंह, रमेश श्रीवास्तव लेखपाल अवधेश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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शनि की तलाश करने सुबह पांच बजे माझाखुर्द घाट पर एनडीआरएएफ इंस्पेक्टर अभिषेक गौरव के नेतृत्व में 20 जवानों की टीम पहुंची। छह-छह जवानों की टीम दो नावों से दोनों किनारों पर खोजने का कार्य शुरू कर दी। सोमवार को दिन में करीब 11 बजे तक स्थानीय गोताखोर और एनडीआरएफ के जवान सरयू में खोज करते रहे। स्थानीय विधायक रवि सोनकर भी मौके पर मौजूद रहे। तभी कलवारी मुस्तहकम गांव के आशोक कुमार, पंकज, गणेश, बब्लू, मनोज नदी के किनारे एक लाश पानी में देखी। इसकी सूचना एसआई सुधाकर पांडेय को दी। बहाव तेज होने के कारण घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर माझा कला घाट के पास लाश किनारे लगी थी। इकलौते बेटे शनि की लाश देख घाट पर मौजूद ओम प्रकाश फफक कर रोने लगे। मां सीमा जो कल से ही रह रह कर रोते रोते बेसुध हो जाती, लाश मिलने की सूचना पर बदहवास हो गईं। बहनें सोनी, मोनी तथा ज्योती मां की हालत और भाई का शव देखकर चीखने लगतीं। ढांढस बंधाने वालों के आंखें नम हो जातीं।
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शासन से करूंगा शिकायत : रवि सोनकर
राहत एवं बचाव कार्य में देरी पर विधायक रवि सोनकर सवाल उठाए। कहा कि जैसे ही शनि के डूबने सूचना मिली प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य के लिए कहा गए। एडीएम ने बताया कि फैजाबाद से वोट नहीं मिल पा रहा रही। एनडीआरएफ की वाराणसी यूनिट से पहुंचने पर समय लगेगा। फैजाबाद से मदद न मिलने की शिकायत शासन से करूंगा क्योंकि वहां से दो घंटे के अंदर मदद मिल सकती है। अब तक ऐसी स्थिति पर फैजाबाद से ही मदद मिलती थी। इस दौरान नायब तहसीलदार अमर चन्द्र वर्मा, थानाध्यक्ष संजय शुक्ल, प्रमुख प्रतिनिधि महेन्द्रनाथ यादव, राजस्व निरीक्षक रामकृष्ण तिवारी, हरेन्द्र सिंह, रमेश श्रीवास्तव लेखपाल अवधेश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
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